00:00drama serial जद्वा अब बहुत ही ज्यादा दिल्चिस्प हो चुका है और एक मुन्फृद मोड़ पर पहुँच चुका है।
00:06ZARA जबरदस्ती अपनी मा को कराची में अपने वालिद के पास रोक लेती है।
00:09शाजिया, अपनी बेटी जारा के साथ बहुत लड़ती है और उसे समझाने की कोशिश करती है कि हमें वापस हैदराबाद चलना चाहिए, लेकिन जारा अपनी माँ की कोई बात नहीं मानती।
00:18शारा है, अपनी माँ से कहती है कि हम हैदराबाद को हमेशा के लिए छोड़ कर आ चुके हैं, अब हम वापस नहीं जाएंगे। यही हमारा असल घर है और हम यहीं रहेंगे। शाजिया कहती है कि तुमने मेरे साथ चलना है या नहीं? यह बात सुनते ही जारा अपनी माँ को �
00:48शाजिया के पास नहीं आउंगी। यह बात सुनते ही शाजिया घुस्से में आ जाती है। वो कहती है कि उस बार तो तुमने हद ही पार कर दी। शाजिया अपनी बेटी है कि उन बातों की वजह से मजबूर हो जाती है और जबरदस्ती वहीं रहने का फैसला कर लेती है। �
01:18शाजिया को जाती है तो अचानक उसके दिल में खयाल आता है कि मजबूर तो आदिल की शादी सारा से करवाना चाहता है। इस बात पर वो आग बगूला हो जाती है और सईदी फर्द के पास जा पहुँचती है। वो है फर्द को धमकियां देना शुरू कर देती है। कहती
01:48कि मैं अपनी बैटी की शादी तुम्हारे बेटे से कभी नहीं करवाऊंगी। एक ऐसी औरत के बैटे से जिसने मेरा घर तबाह किया हमें धोका दिया। अगर तुम मेरे साथ ऐसा कर सकती हो तो तुम्हारा बैटा मेरी बेटी के साथ किया करेगा। आज तक मेरी बेटी न
02:18اس کے دل میں خوشی کے لڑو پھوٹ رہے ہوتے ہیں
02:21کیونکہ شازیہ سارا کام فرد کا خود ہی آسان ہے
02:24کرتی جا رہی ہوتی ہے
02:25فرد کو کسی چیز کی فکر نہیں ہوتی
02:27کیونکہ اس نے شازیہ کے والد کو جھوٹا ثابت کر دیا ہوتا ہے
02:30اور مذر کی نظروں میں خود کو صحیح ثابت کر چکی ہے ہوتی ہے
02:33دوسری طرف مذر کی دوسری بیوی
02:35مذر پر غصہ نکال رہی ہوتی ہے
02:37کیونکہ وہ شازیہ کو دیکھ کر اندر ہی اندر جل رہی ہوتی ہے
02:40She goes back to the beginning of that because she is lost in the end of that
02:43She will make a try and go back for your love
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