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  • 1 year ago
choti sang pyar - Hindi Kahani | Moral Story in Hindi

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Transcript
00:00नमस्काई दोस्तों, हमारे चानल की कहाणियों में आप सबकाओ फैफैस स्वागत हैं, अजने आपको आज की कहाणी शुरून ने अच्छी लगे तो आप यसे तरह की कहाणियां रोजानर सुनने के लिए हमारे चानल को सब्सक्राइब कर सकते हैं, इस विडियो के पसुन आ
00:30रिमजिम रिमजिम बारिश चर्टूई को बहदी पसंद है, आज पता नहीं क्यो मन में अजीव लग रहा था, बस ये सोचकर वो बड़ी ही बैचायन हो रही थी, आखिर वो कब तक अकेली रहेगी, उसे बारिश में भीमना तो पसंद है, शाहे वो दिन होया रात, लेकिन
01:00होती है, रूही खुसी से दौड़ती है कि उसके पती आएंगे वो गेट के पास जाती है, तो ये क्या, अभी तो दूद वाला दूद देने आथा, उसने कहा माफ किजिगा में सहेब, बारिश में इतना देर से आया नहीं, अभी बारिश खतम होई रही थी, तो मैं सोचा ह
01:30उसने कहा माफ किजिगा में इतना दूद देने आथा, उसने कहा माफ किजिगा में इतना दूद देने आथा, उसने कहा माफ किजिगा में इतना दूद देने आथा, उसने कहा माफ किजिगा में इतना दूद देने आथा, उसने कहा माफ किजिगा में इतना दूद देने आ
02:00उसने कहा माफ किजिगा में आथा
02:30उसने कहा माफ किजिगा में आथा
02:33जेड जी जिनकी अभी अभी डाइवास भी थी हाल फिला गया था
02:48वो भी बेचारे लाइफ में काफी परिशान थे
02:52उनकी पतनी का किसी और शंग फियर था
02:55जिस वजे से वो तो उनहीं छोड के चले गए
02:59बेचारे जेड जी अग भाई और तुम्हारे साथ थोड़ा वोक्त बैतित करूंगा
03:05तो अच्छा लगेगा
03:07क्या करू अकेलापन मानो काटता है
03:11रूही बोली नहीं नहीं कोई बात नहीं
03:15आईए आईए बैठे
03:17आपके भाई तो आज नहीं गईंगे
03:20ओफू
03:22क्यों?
03:24ओफिस में अच्छा
03:25मुझे पता है रूही
03:27उसके कुछ काम नहीं है
03:28क्या कहना जाते हैं?
03:32रूही उसके ओफिस में
03:34उसी के सेकेटरे के साथ
03:35अफेर चल रहा है
03:36जिस वज़े से वो यहां घर नहीं
03:39आके वही रुका है
03:41तुम कुछ उसे कहती क्यों नहीं है
03:44मैं अगर कुछ कहूं तो वो सुन लेंगे क्या
03:47रूही उसे इतना कहती है
03:50खेर, आप बैठिये
03:52आप बारिश में भींगे है
03:54मैं चाय बना कर लाती हूँ
03:56ना कहते ही रूही पलट कर जाने लगती है
04:00असल में उसके आखों से अस्रू धारा बहरे थी
04:04उसे काफे बुरा लग रहा था अपने पती के हरकतों से
04:09लेकिन बैचारी रूही क्या करती है
04:13उसे पता था उसके पती के बारे में
04:15लेकिन बस ये सोच कर चुप रह जाती है
04:19कि आखेर मैं कर ही क्या सकती हूँ
04:21काफे देरा ऐसे ही बीद गया जनाम
04:29अभी तक रूही की चाई बनी नहीं थी तब तक उसके जेड जीव स्किचन में आ जाते हैं
04:36कहते हैं रूही एक बात कहू
04:38हाँ हाँ बताए
04:40रूही अपने आश्यों को पूछते वे कहते हैं
04:45मुझे पता है तुम बड़ी रिक्षी हो
04:47अगर कुछ बात है तुम मुझे कह दे
04:51नहीं नहीं ऐसा कोई बात नहीं है
04:54तुम मुझे कह सकती हो
04:56तुम्हारा दर्ध मैं ही समझ सकता हूँ
05:00बाकी कोई नहीं
05:03आखिर जब आप समझ सकते हैं
05:06तो मैं क्या ही बोलू आप ही बताईए, मेरे पती का किसी और से आफिर है, यह सुन मुझे तो बुरा लगता है न, हाँ रूही मैं समझता हूँ, बुरा तो मुझे भी काफी लगता है, लेकिन हम दोरों को कुछ नहीं कर सकते हैं, तुम्हारा पती तुम्हारे साथ है, मेरी �
05:36उसके जिन्दकी ऐसी ही क्यूं है? रूही सवाल कर दिया अपने जेट से, रूही के जेट जो की मन ही मन उदास्ती, वो कहते हैं, रूही लगता तो है, आजकल जिन्दकी कुछ ऐसी ही है, जितना हम दूसरे के बारे में सोचते हैं, उतना ही हमारे साथ बुरा है, देखो त
06:06मेरी लाइब हम दोनों वो लोग अपने बारे में सोचे तो साथ सही है उनकी लाइब।
06:12रूही बोलती है तो क्या मुझे भी अपने बारे में सोचना चाहिए।
06:17हाँ बलकुल तो क्या मुझे भी किसी और के शाथ।
06:21रूही देखो यह सब तुम्हारे इच्छा है तुम क्या चाहो नहीं चाहो लेकिन बात अगर यह है कि तुम्हें अपने दल के सुनना चाहिए अगर अपनी बातों को सिर्म दल में रखोगी ना तो बस बुरा ही होगा
06:36रूही की बात आज जेट की बात रूही के दल में लग जाते हैं कही न कहीं वो जेट को देखतर सोचती है कास ऐसा ही इनसान मुझे मिला होती है कास इसी इनसान से मुझे शादी हुई होती है
06:51हम दोनों की हालात कुछ ऐसी है
06:55इधर रूही के जेट भी कुछ यूँ ही सोचते है
06:58लेकिन दोनों ही मन ही मन अपने बात को सोचते है
07:03ना ये इन ही कुछ बोल पाते हैं ना वो नी
07:06क्या हम बस सोचते है
07:08चाई बन जाती है
07:10रूही चाई लेकर हॉल में जाते वई अपने जेट को बोलती आए
07:15इसके जेट रूही के पीछे पीछे चाई भीने के लिए किछने उससे हॉल में आते हैं
07:21हॉल में दोनों बैठे बैठे अपनी दिल में सोचते हैं
07:25एक तरफ रूही को समझ में नहीं आता आव जिन्दकी में क्या करें
07:31तो जेट जो अपने दिल की बात रूही को बताने तो आये थे
07:35लेकिन आज भी बताना पड़ा
07:38दोस्तो अकसर ऐसा होता है
07:41हम किसी इंसान से अपने दिल की बात जाते थो है कहने के लिए
07:46लेकिन उस इंसान को कहने पाते
07:48ऐसे में अपनी दिल की बातों को स्टेफ कीजिए
07:52इससे पहले की तीरे जाए
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07:58चाहते पहली बार आए हैं तो सब्सक्राइब करें
08:02मिलते हैं फिर एक नए वीडियो में
08:05एक नए और इंट्रेस्टिन टॉपिक के साथ
08:08चलोंग भाई, टेक कियर, बाई दोस्तो
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