00:00ये बड़ी प्रशनता का विशय है, पूरा देश इस समय हर्शित है, हम चाहते हैं कि अधिक शदिक लोगों को भगवान के निजदाम में दर्शन का लाव प्राप्त हो, जो लोग यहाँ पर आ चुके हैं, उनको भगवान का दर्शन हो रहा है, जो लोग नहीं आ पाए हैं,
00:30आध्यात्मिक आनंद होता है, बहुतिक आनंद अलग बस्तु है, वो जिस समय उपभोग करते हैं बस्तुओं का उसी समय प्राप्त होता है, लेकिन जो आध्यात्मिक आनंद होता है, उसकी ऐसी अमिट शाप अपके मन पर पढ़ती है, पूरे जीवन जब जब उसकी स्मृ
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