00:00Onepur gaun jungle ke bagel me basa a hara hara gaun tha
00:04Voha ke loog jungle se minnne vale phil, phul, jadhi bhootiaan
00:10Dusre gaun me jakear usse bic apna guzar basir kertethe
00:14Phal le lo, taaze taaze phal le lo
00:19Aray suno, ye anar kaise diye?
00:22Didhi 50 rupae ke 1 kilo
00:24Sidhe jungle se lekar ae hai
00:27Hemara jungle hemare liye jeevan daata hai
00:30Onepur se ho kya?
00:33Haa, Didhi
00:34Tum loog to nasib wale ho
00:36Jo itnei badhiya jungle ki kripa tum par hai
00:39Ji, Didhi, voh toh hai
00:42Ek kama karo, 20 rupae ke ye bier bhi baan do
00:45Lekin gaun ka vya pari
00:48Dhansok lal, ek lalchi qism ka aadmi tha
00:51Jungal ke pede kaat kar, lakniyaan bеч kar vya par karta
00:55Aur khub pese kamaata
00:57Ye kya?
00:59Itnay kam?
01:00Aray itnay kam peseo me
01:01Tum 50 kilo lakdiyaan lekar jaoge
01:03Dhansok lal ji, is bar dhe dhi ji
01:06Agli baar pesee dhe dhunga
01:08May aapka purana krahak hu
01:10Tumhara dhimag kharab hai
01:12May yaha par vya par karne baatha hon
01:14Samaaj siva nahi
01:15Pesee ho toh le jao
01:17Nahi toh niklo yahaan se
01:18Dhansok lal ke pede kaatai se
01:21Jungal ke pede kaam ho rahe thhe
01:23Ek dinn nilima
01:28Aapne ghar se
01:29Subhae subhae
01:30Jungal ki uur gai
01:31Toh saamne ka drishya
01:33Dekh kar
01:33Uski aankhye
01:34Phti ki phti rhe gai
01:36Ah!
01:38Yee kya?
01:39Yee jungal
01:39Hwaa me kiasse uda raha hai?
01:41Hairay bhaagwaan
01:42Yee kiasse ho gaya?
01:45Mujhe abhi jaka
01:45Saree gauon walo ko
01:46Yee bata na hooga
01:47Vunpur gauon ka jungal
01:49Hwaa me uda ta dhekha
01:51Toh nilima nye
01:52Daudh kar jate huwe
01:53Pure gauon ko bata ya
01:55Uski batae sunkar
01:56Yuga pradhan
01:58Ajay bola nye laga
01:59Yee toh bade hii ajeeb bata hai
02:01Ki jungal hawaa me uda raha hai
02:03Mujhe toh lagta hai
02:05Ki ye zarur kisi bhoot ka chakkar hooga
02:07Mujhe toh lagta hai
02:09Zarur kisi nye
02:11Hamaare jungal per
02:12Kala jadu kar dhiya hai
02:13Aray
02:14Agar jungal
02:15Is tarah se
02:16Hwaa me udae ga
02:17Toh hum kiishe
02:18Apna guzar basar karenge
02:19Kiishe ja kar
02:20Phal phul tođenge
02:21Or usse bêchenge
02:22Gauon waale toh mar hi jayenge
02:24Ajay nye biech mein
02:26Roktay huwe kaha
02:27Nilima dhidi
02:29Aap shant rahe ye
02:30Aysa kuch nye
02:31Maamla kya hai
02:33Yee toh wahaan ja kar hii
02:35Pata chalega
02:35Na baba
02:37Hum toh wahaan nahi jayenge
02:39Hamei dhud lagtta hai
02:40Saree gauon waale
02:42Nye
02:42Urdtay huwe
02:43Jungal mein jane se
02:44Mana kar dhiya
02:45Lekin Ajay
02:46Eek bahadur
02:47Or padha likha
02:48Larka tha
02:49Jokhi bhoot
02:50Preet jaysi
02:51Chisho pper
02:51Vishwaas
02:52Nuhi karta tha
02:53May jata ho
02:54Ja kar dhekta ho
02:56Ki maamla kya hai
02:57Aaree
02:58अजय लेकिन जाओगे कैसे, जंगल तो हवा में उड़ रहा है।
03:02कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा।
03:04अजय और गाओं वालों ने एक बड़ी सीड़ी बनवाई और उसे जमीन से जंगल पर टिकाया।
03:11अजय उपर चड़ कर जंगल में पहुँचा, तो हवाय जोर से चलने लगी।
03:18अरे, आज जंगल कुछ अजीब सा लग रहा है। कितनी जोर की हवाय चल रही है।
03:23अजय कुछ और कदम आगे बढ़ा, तो उसे एक आवाज सुनाई दी।
03:28अरे, बेटा, तुम्हारा नाम अजय है ना।
03:32जी माई, मैं वनपुर गाउं का प्रधान हूँ।
03:36हाँ, वनपुर गाउं के लोगों के लिए तुमने बहुत कुछ किया है।
03:42जी माई, बस अपना काम कर रहा हूँ।
03:45वनपुर गाउं के लोग इस जंगल को काफी पूछते हैं ना, इस गाउं के लोगों का गुजर बसर चलता है, लेकिन माई, आप यहाँ अकेली क्या कर रही है।
03:55बस बेटा समझ लो, कि अब ये जंगल मेरा है और मैं इस जंगल की हूँ।
04:00मेरे परिवार के लोग अब इस दुनिया में नहीं रहे, इस उम्र में काम कहां से करती, तो इसी जंगल में रहने लगी, यही खाना मिल जाता है, यही पास में मेरी कुटिया है, वही पर रहती हूँ।
04:15लेकिन तुम्हारे ही गाउं का धनसुक लाल, जो की लख टीयों का व्यापार करता है, वो तो इस जंगल को तबाह कर रहा है।
04:24He is your queen, its own son, and his queen is a queen.
04:29But he is loving it. If he is living like this, the jungle will be день.
04:35I've been so confused.
04:38He is all the same with the sea.
04:41He says, if the jungle will be a stone, it will not be a village.
04:46। । । । । । ।
05:16। । ।
05:46। । । । । ।
06:16। । । । ।
06:46। । । ।
07:16। । ।
07:46। । । । । । । । । । ।
07:48। । । । । । । । ।
07:50। । । । । । । । । । ।
07:52। । । । । । । । ।
07:54। । । । । । । ।
07:56। । । । । । । । । । । । ।
07:58।
08:28foreign
08:56But after the house he said,
09:00I was thinking about this,
09:04what do you think about this?
09:08What do you think?
09:10Do you know the Lord?
09:13I will tell you the Lord.
09:16Who will you take care of it?
09:19I will take care of it.
09:21I will take care of it.
09:251-2-2-3-1-3-2-2-3-3-3-4 mist.
09:392-3-4-3-4-3-4-4 2-4-4-3-4-4-4-3-4-41-4-4-4-5-4.
09:532-4-4-5-4-4-4-4-4-4-4-4-4-4.
09:542-4-4-4-4-4-4-4-5-4-4-4.
09:55।
10:25मैं इस जंगल की रखवाली करती हूँ
10:27मैंने ही ये जंगल को उड़ा कर गाउं से दूर किया है
10:31धनसुकलाल जैसे लोगों की वज़े से आज जंगल खत्रे में है
10:35तुमसे जिस दिन मुलाकात हुई
10:37तो लगा कि तुम्हारे जैसा अच्छा इंसान जरूर इस जंगल को बचाएगा
10:41लेकिन धनसुकलाल जैसा लालची आदमी इस कारे में बाधा था
10:45इसलिए उसे मरना ही था
10:47वन देवी की बातें सुनकर अजय को धनसुकलाल की गलती का एहसास हुआ
10:53लेकिन वो एक अच्छा इंसान था
10:55हे देवी मा, माना की धनसुकलाल एक लालची व्यापारी है और उसने गलती भी की है
11:02लेकिन देवी मा, इसमें उसकी बीवी बच्चों का क्या कसूर है
11:05इसके बिना उनका क्या होगा
11:07आप अपनी क्रिपा करके इसे फिर से जीवित कर दीजिए
11:10मैं वादा करता हूँ कि ये अब इस जंगल से दूर ही रहेगा
11:14अगर इसने ऐसा करने से मना कर दिया
11:17तो गाउवालों की मदद से मैं इसे गाउव से बाहर निकाल दूँगा
11:20आप इसे जिमित कर दीजिए
11:23वाँ अजे, तुम्हें एक अच्छे प्रधान ही नहीं
11:27बल्कि एक अच्छे इंसान भी हो
11:28मैं इसे अभी जिन्दा करती हूँ
11:30लेकिन इसे तुम समझा देना
11:32कि जंगल की कटाई ना करे
11:34जी, मैं ऐसा ही करूंगा
11:37बन दीवी के हाथ से निकले
11:39प्रकाश किरंड से धन्सुक लाल
11:41फिर से जिन्दा हो गया
11:42दीवी गायब हो गई, जंगल
11:45सामान्य हो गया, उसे जब
11:47अजेय ने सारा किस्सा बताया
11:49तो उसकी आखों में पच्छतावे के आंसू थे
11:51मुझे माव कर दो
11:54मैं अपने लालच में अंधा हो गया था
11:56मुझे पैसो के सिवा
11:58कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था
11:59लेकिन मुझे अब अपनी कलती
12:02का हिसास है, अजे
12:03मैं आज से ही जंगल कटाई का काम
12:06बंद कर दूँगा, और जंगल
12:08की भलाई के लिए काम करूँगा
12:09धनसुक लाल ऐसा ही करना होगा
12:12तभी तो हम अपनी आने वाली
12:14पीडियों को एक अच्छी दुनिया
12:16दे पाएंगे, हमें अपने लालच
12:18को छोड़कर इनसानियत के लिए
12:20जीना होगा
12:20करनाटका के गाउं कुरांगिनी में
12:26कुछ आदिवासी रहते थे
12:27जो हमेशा अपने पित्र देव
12:30यानि अपने कुल देवता की सेवा करते थे
12:33उनका मन था
12:34कि कुल देवता की पूजा आचना करके ही
12:37उनका जीवन बहुत अच्छा
12:39और बहुत सुकून से गुजरेगा
12:41उनके घर भी
12:42हवा में जूलते हुए बने थे
12:45वो चाहते थे कि
12:47गैर समाज के अव्यक्ति
12:48उनके पास ना आए
12:50और ना ही वो किसी के पास जाना चाहते थे
12:53हमेशा से खेतों से
12:54चावल और दाल
12:56और कई सारे फल खाकर
12:58अपना जीवन व्यतीत करते
13:00उसी वक्त कुरांगिनी के पास
13:02वाले गाओं में कुछ बच्चे
13:04कैम्पिंग करने गए थे
13:06चंदू, मंगलू और कविता
13:09मुझे तो अब तक यकीन
13:11नहीं हो रहा है कि मैं हॉलिजे पर आई हूँ
13:13सच कहा
13:14यहां हम कुछ दिनों तक कैम्प करेंगे
13:17और आसपास की चीजें भी
13:19धून मिकालेंगे, मज़ा हैगा
13:21हाँ, और सुबह होते ही
13:24हम आसपास के गाओं घूमने जाएंगे
13:26और देखेंगे की
13:27वहाँ क्या है
13:29कुरांगिनी गाओं के पास के
13:31कैम्पिंग स्पॉट पर
13:32तीनों दोस्त आराम करने लगते हैं
13:35सुबह होते ही उन्होंने तै कि
13:39सारे घूमने जाएंगे
13:40कुरांगिनी की तरफ
13:41कुरांगिनी के पास जाते ही
13:43कविता ने जूलता हुआ घर देखा
13:45और कहा
13:46अरे बाह, ये देखो
13:49जूलता हुआ घर
13:50लगता है यहां के लोगों को जूला जूलने का
13:53बहुत शौक है इसलिए उपर वहाँ पेड़ पर ही घर बना लिया है कितने गजब की खुबसूरती पूरा गाउं हरा भरा है ताजी हवा सुन्दर ता मैं तो ये सब देखकर खुश हो रहा हूँ पता नहीं आगे क्या क्या देखने मिलेगा लेकिन पता नहीं मुझे डर क्य
14:23प्रांगनी गाउं के आदिवासियों ने उन्हें घेर लिया जो दिखने में डरावने और खुंखार लग रहे थे इन्हें देखते ही तीनों दोस्तों की सिट्टी बिट्टी गुल हो गई
14:34कौन है आप लोग और हम से क्या चाते हैं अरे होवेशा शहरी लोगों को हम यहां आने से रोकते हैं तुम लोगों को कितनी बार समझाया है हमारे गाउं के आसपास भी नजर मताना लेकिन फिर भी तुम नहीं समझते अब तुम्हारी घैर नहीं तुम्हारा हिसाब हमारे �
15:04करना है अगर तुम यहां से छुटकारा पाना चाहते हो तो तुम्हें हमारी शर्ते माननी पड़ेंगी क्या करना होग हमें सारी शर्ते मनुझूर है तुम्हें हमारे
15:19is
15:32I have heard that our Devi is going to be like this.
15:36You have heard that our Devi will be like this.
15:40If we don't, our Devi will be like this.
15:43You will have to be like this.
15:45Our Devi will be like this.
15:48We will be happy to do this.
15:50Do you understand what we will do?
15:53We will be like this.
15:55Now we will be like this new one.
15:58Tell us what to do.
16:00। ।
16:30This is the sick and the sick and the sick and the sick.
16:33This is the sick and the sick.
16:35Leave us!
16:37We will go home!
16:39We will go!
16:41Oh, no!
16:42Look at that!
16:44It feels like we will go here.
16:46We will go here.
16:48We will go here.
16:50I have said before that we will go here.
16:52But nobody has said that we will go here.
16:55They thought that it was the most important thing.
17:00This is your vision.
17:02Eat it and eat it with us.
17:07What is this?
17:09I don't have to do this all.
17:12You look like this.
17:14Let's eat it.
17:16Let's eat it and eat it with us.
17:19Just eat it with us.
17:20Just eat it with us.
17:23Wow!
17:24This is so sweet.
17:26If we get this food every day,
17:29I would never want to go here.
17:32Without eating it, there is something else.
17:35You have to tell us.
17:37We will go here a few days.
17:39We will go here.
17:41We will go with a good understanding.
17:43Three people of the people of Kuranagini.
17:47They have to follow the people of Kuranagini,
17:49They will go there.
17:50They will go there and they will go there.
17:52They will go there.
17:53।
18:23अगले ही दिन तीनों मेले में जाने के लिए तयार हो जाते हैं
18:27वहाँ पर कविता के माबाप कविता को ढूनते हुए आ जाते हैं
18:31कविता की माँ रोने लगती है
18:33कहा थी मेरी बच्ची
18:35हमने तुम्हें कहा कहा नहीं जूनडा
18:38इन लफंगों के साथ हमें पता था
18:41कि तुम किसी मुसीबत में हो
18:43कुरांगनी गाउं के लोग कविता के पिता की बात सुनकर डर जाते हैं
18:48तब कविता कहती है
18:49लेकिन पिता जी इसमें इनकी कोई गलती नहीं है
18:53मुख्या जी ने अपना कर्तब्य निभाया
18:56और हमें एक बहुत अच्छी सीख दी
18:58जो कोई स्कूल या कॉलेज हमें नहीं दे पाता
19:01इस गाउं में आने के बाद
19:03हमने हमारी प्राकृती के बारे में जानने का बड़ा अवसर प्राप्त किया
19:07हमें पता चला कि हमारी दुनिया से बढ़ कर भी कुछ चीज है
19:11मैं शुकर गुजार हूँ इस कुरांगनी गाओ और यहां के लोगों का
19:16जो हमें या आने का मौका मिला
19:18सब कुछ सुनने के बाद मुख्या कहते हैं
19:22देखा हमारे साथ रहने का नतीजा
19:25मुझे गर्व है तुम तीनों पर
19:27हमें तुम्हें यही सिखाना था
19:29मुझे तो तुम तीनों पर नाज है प्रकृती देवी की शर्त पूरी होती है
19:34अब तुम यहां से जा सकते हो और अपना सामाजिक जीवन बिता सकते हो
19:39कविता मंगलू और शैलेश वहां से खुशी-खुशी जाने लगते हैं
19:43हम आप सबसे मिलने साल में एक बार जरूर आएंगे और शैर जाकर लोगों को प्रकृती के बारे में सतर करेंगे