00:00पहलगाम में हुए आतंग की हमले के बाद भारत के जिन दुश्मनों का सबसे ज़्यादा जिक्र हो रहा है उसी में से एक नाम है आतंग की सरगना हाफिज सईद का
00:10आज कहानी भारत के उस दुश्मन की जिसे मौत चूकर निकल गई थी बाद साल 2020 की है दुबई में एक खूफिया मिटिंग होती है इसका मकसद था आतंग की हाफिज सईद को उसके घर में मार गिराना
00:30लेकिन लाहोर के जोहर टाउन में उसके घर तक पहुँचना आसान काम नहीं था सुरक्षा का कड़ा घेरा बेरिकेड्स और पुलिस पहरे पर हर वक्त देनाद रहती थी यहीं से ऑपरेशन की असली प्लानिंग शुरू होती है टारगेट तक पहुँचने के लिए तैव ह
01:00एक शक्स पर उसे जेल से रिहा कराकर लाहोर भेजा जाता है उसे जोहर टाउन में घर और आफिस लेने को कहा जाता है कुछी समय में नावेद को हाफिस सईद के घर से कुछी दूरी पर एक मकान मिल जाता है अब वो बिना शक की नजरों में आए वहां का हिस्सा बन चुक
01:30रुकेंगे और हिसाब देखेंगे नावेद को शक नहीं हुआ उसने सब कुछ मान लिया और वैसा ही किया जैसा उसे कहा जा रहा था उसने बाकायता वीडियो बना कर हाफिस के घर का रास्ता भी भेजा इसी धोरान नावेद को हाफिस के घर का ही काम मिल गया फिर उसे टो
02:00से नवेद रोज आता जाता था इलाके में पहचान बनाता था वहां के सुरक्षा कर्मी उसे पहचानने लगे थे अब कोई शक नहीं करता था ये था उस प्लान का आखरी और एहम हिस्सा वही मौजूद एक छे मंजिला खाली इमारत में दूसरी कार को पार्क किया गया था उ
02:30और उसे नवेद के उसी घर में रखा गया बिना कुछ बताए तेईस जून दो हजार इकिस की सुभा ग्यारा बजी का वक्त था उस समय सडक और इलाके में सबसे कम हलचल होती थी नवेद की जगा उस दिन कार में बैठा था सुसाइड बॉंबर वो गाड़ी लेकर जोहर �
03:00लोग जखनी हो गए हाफिस सईद के घर के शीशे तूट चुके थे लेकिन वो बच गया धमागे की तस्वीरे कुछ ही मिंटों में वाइरल हो गई थी पूरा इलाका देहल उठा था पर असली निशाना तो बच निकला था ये प्लान महीनों की महनत और चुप चाप तयार
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