00:00फैटी लिवर एक तरह की मेडिकल कंडिशन है। इस सिचुएशन में लिवर के आसपास काफी जादा मात्रों में फैट जमा हो जाता है। जिसकी वच्व से लिवर में सूजन आ सकती है और लिवर डैमेज भी हो सकता है। यहां तक कि अगर समय रहते फैटी लिवर का इलाज
00:30से काम करने में ज्यादा महनत लगती है। जिससे शरीर के ओवराल हेल्थ पर नेगेटिव इंपक्ट पड़ता है। अब फैटी लिवर ऐसे परिशानी हैं जो किसी को भी हो सकती है। लेकिन अगर यह प्रेगनेंसी से पहले या महिलाओं को हो जाए तो प्रेगनेंसी के द
01:00समस्या जैसे की PCOS, PCOD, Endometriosis या Tubal Blockage जैसी समस्या होती है तो ऐसे भी कंसीव करना मुश्किल हो जाता है। हाँ, सही ट्रीट्मेंट के जरीए महिला कंसीव कर सकती है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या फैटी लिवर होने के बावजूद महिला कंसीव कर सकती है। तो �
01:30तरह की परिशानियों का जोखिम का जो सामना है वो आपको करना पड़ सकता है। आम तोर पर प्रेगनेंसी में दो तरह की फैटी लिवर की समस्या देखी जाती है। पहला Acute Fatty Liver of Pregnancy यानि की प्रेगनेंसी में इस तरह का फैटी लिवर की समस्या होना बहुत ही rare cases में दे
02:00इस कंडिशन में फैट लिवर में जमा होता है। यह अलकोहॉलिक फैटी लिवर से अलग होता है और ऐसा इसलिए क्योंकि यह समस्या शराब के कारण पैदा नहीं होती है। नॉन-अलकोहॉलिक फैटी लिवर का मुख्य कारण अस्वस्त जीवन शैली, मोटापा और दूस
02:30और ब्लड ग्लॉट जैसे सिच्वेशन का भी सामना करना पड़ता है। अब अगर आपको प्रेगनेंसी के दौरान फैटी लिवर हो गया है तो आपको क्या कुछ करना चाहिए। देखिए रेगुलर पीनेटल केर करें और अपने लिवर फंक्शन की पूरी जानकारी रख
03:00प्रेगने लिवर हो आपको करना चाहिए।
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