Skip to playerSkip to main content
Pahalgam Terror Attack: इकनॉमिक थिंक टैंक GTRI का अनुमान है कि व्यापार प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे इन-डायरेक्ट पोर्ट(Indirect Trade) के माध्यम से प्रति वर्ष 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का सामान पाकिस्तान पहुंच रहा है.

#indiapakistantrade #indirecttrade #indiapakistandigitalwar #pahalgamattack #pahalgamupdate #pahalgamterriostattack #pahalgambreaking #jammukashmirterrorattack

~PR.384~GR.336~GR.125~

Category

🗞
News
Transcript
00:00
00:30
01:00और इसके बाद ये प्रोडक्ट्स आराम से पाकिस्तान भेज दिये जाते हैं।
01:04Global Trade Research Initiative यानि की GTRI का कहना है कि इस indirect route से हर साल 10 billion डॉलर से भी ज्यादा का भारतिया माल पाकिस्तान पहुशता है।
01:14और ये सारा व्यापार दिखने में पूरी तरह legal लगता है क्योंकि काग्जों पर origin इंडिया है ही नहीं बलकि कोई तीसरा देश है।
01:22अब अगर फाइदे की बात करें तो कई सारे तरीके हैं जिससे कंपनियों को तीन बड़े फाइदे होते हैं।
01:28पहला है इंडिया पाकिस्तान ट्रेड रेस्टिक्शन से बचाव मिलता है।
01:31दूसरा माल को ज्यादा दामों पर बेशने का मौका मिलता है।
01:35और तीसरा किसी भी तरह की पॉलिटिकल जाच से दूरी रहती है।
01:39लेकिन अब हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं।
01:42हाली में जमु कश्मीर के पहल गाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने अटारी इंटीग्रेटड चेक पोस्ट को बंद कर दिया है।
01:50वहीं पाकिस्तान ने सभी व्यपारिक संबंध ब्यान करने का फैसला लिया है।
01:54वैसे भी 2019 के पुल्वामा हमले के बाद दोनों देशों ने दोतर्फव व्यपार लगभग बंद कर दिया था।
02:01जो बचा खुचा था वो भी अब बंद होने की कगार पर है।
02:04अब सवाल यह उठता है कि अगर डिरेक्ट ट्रेड बंद है और इंडिरेक्ट रूट भी खतर में हैं तो क्या पाकिस्तान को भारतिय समान मिलना बंद हो जाएगा या फिर नए रास्ते डूंडे जाएंगे।
02:15और क्या यह पूरी सिस्टम एथिकल है, क्या इससे भारत को रिवेन्यू लॉस हो रहा है, क्या नैशनल सेक्योरिटी पर असर पड़ता है और क्या यह इंडियन एक्सपोर्टर्स के लिए लोंग टर्म में फायदे मन्द है या सिर्फ शॉटकट है।
02:28देखा जाए तो यह सिर्फ एक व्यापारिक मुद्दा नहीं है, बलकि जियो पॉलिटिक्स और एकनॉमिक्स के एक जटल कहानी है।
02:58और सब्स्ट्राइब करना बिलकुल भी मत भूलिएगा।
Be the first to comment
Add your comment

Recommended