00:00मुना!
00:01जाचा!
00:10जैना!
00:24अच्छा किया जीजा जीजो रोक दिया, वरना साथ भाईयों की जगा छह रह जाते
00:30काशिनात, हमें खुशी हुई तुम्हारी बाहदुरी देखकर
00:34तुम्हें भी बहुत खुशी हुगी ये जानकर
00:36कि आज के बाद तुम मेरे गिरुफ में काम करोगे
00:40ये मजदूर का हाथ है कातिया
00:42लोहा पिखलाकर उसका आकार बदल देता है
00:46ये ताकत खून पसीने से कमाई हुई रोटी की है
00:50मुझे किसी के टुकडों पर पलने की जरूरत नहीं
00:53कीडे मकोडों की तरह गली में रहने से बहतर है
00:57यहां मर्दों में रहो शेर की तरह
01:00पिंजरे में आकर शेर भी कुत्ता बन जाता है कातिया
01:03तू चाहता है कि मैं तेरे यह कुत्ता बन कर रहूं
01:06तू कहे तो भांकूं
01:08तू कहे तो काटूं
01:10ऐसा ही समझों
01:12तो क्या
01:14हमारे साथ काम करोगे तो नाम होगा तुम्हारा, इनाम मिलेंगे, रुपय पैसा मिलेगा, इजध होगी तुम्हारी और लोग तरेंगे तुमसे.
01:25डराकर लोगों को वो जीता है जिसकी हडियों मे पानी भरा होता है.
01:28कर दो को मर्द बनने का इतना शौक है तो कुटों का साहरा लेना छोड़ दे का तिया
01:34हाँ
01:35इसकी मोट सोच नी परेगिए
02:05सोच नी परेगि
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