00:00ये कहानी कालपनी खेतता महिला सलशक्तिकरण और समानता पर आधारित है।
00:30इस कहानी के सभी पात्र कहानी की पंक्तियां समवात, कथांग, घटनाएं और दिर्श्य पूरी तरह से कालपनिक है।
01:00कालपने आधारित है।
01:05कि यूर अनर मैं जानना चाहता हूँ
01:33कोट कबसे मन्गण कानियों में इशास रखने लगी है ये कोई मन्गण काहनी नहीं है बल्कि एक सच्चाई है तो यही तो हलाला की है जिसे कुछ लोगों ने तोड मरौर कर अपना फायदा उठाने के अपनी मज़ी से उसका मतना ही बदल दिया है
01:59अबजेक्शन सस्टेंड आप जो दावा कर रही है उसका आपके पास कोई सबूत है
02:07नो सर कोई सबूत नहीं है
02:14जाहिर सी बात है योर अनर
02:22सबूत तो तब होगा जब केस में कोई सच्चा ही होगी यहां तो मुझे कोई केस ही नजर नहीं आ रहा है
02:28माइलोर्ड सबूत इसलिए नहीं है क्योंकि हलाला से जुड़े हर किस्से को घर की जारदिवारी में ही बंद कर दिया जाता है
02:35हलाला एक ऐसा शर्मनाख किस्सा है जिसके कारण कही और तो का मल्टिपल टाइम्स रेप हो रहा है
02:42हलाला से जुड़े कैई केसिस का इस फाइल के अंदर मेरे पास एविडेंस है आप चाहे तो एक बार नजर डालीजिए प्लीज
02:49जहां हम हिंदुस्तान में मेल और फीमेल एक्वालिटी की बात करते हैं
03:04वही एक गिन्होने अपराद को हम नजर अंदास कर रहें माई लॉड
03:07हलाला में पैतिस में से बीस औरते अनेक्सेप्टेबल लाइफ जी रही है
03:13अफजा वोस मेंटली फेड उसे ये पता ही नहीं था कि वो राहिल के प्रेशर में आके हलाला के लिए तयार हो गई
03:21और राहिल की फैमिलियों से धोका दे रही है
03:24डर और शर्म इसी के कारण उसे अपनी सिच्वेशन किसी से शेयर तब नहीं की
03:33बस वो हलाला खत्म होने का इंतिजार कर रही थे ताकि उसके बाद वो राहिल के पास वापिस जा सके और अपनी जिन्दी की खुशी-खुशी चीज सके
03:46क्या एक अजाद हिंदुस्तान में एक मुसल्मान औरत अजाद है
03:54इन सब बातों का इस केस से कोई लेना देना देही है दिर इस नो रिलेशन एविडिन्स है निस्टर इमाम
04:02यह और अफजा के साथ यही सब हुआ
04:07इतने जुल्म इतनी मारपीट सहने के बाद भी राहिल उसपर बरुसा नहीं कर पा रहा था
04:15वो राहिल जिसके लिए उसने हलाला कुबूल किया था
04:20जिसके पास वापिस आने के लिए वो सारे दर्द सहने को तयार थी
04:25क्योंकि अब उस रिष्टे में कलत फैमी और जलन ने एक जगा मना ली थी
04:35जिस रिष्टे को बचाने की कोशिश में अफसार इतनी कुर्बानिया दी वही रिष्टा धीरे धीरे खत्म हो रहा था
05:05कर दो में अफसार इतनी को जिस रिष्टे में अब एक जगा दो में इतनी को अब आड़ा है
05:35कर दो कर दो कर दो कर दो
06:05हमारी जित के आगे जुक नहीं पड़ा
06:33हम देखते हैं अपरोसी
06:43हलो हलो
06:53अरे आपके आवाज नहीं आरी हलो
06:55अरे आपके आवाज नहीं आरी हलो
06:57अरे आपके आवाज नहीं आरी हलो
06:59हलो
07:05हलो
07:07अरे आपके आवाज नहीं आरी हलो
07:09हलो
07:13हलो
07:17अरे आपके आवाज नहीं आरी हलो
07:19हलो
07:21हलो
07:23हलो
07:25अरे आपके आरी हलो
07:27अरे आपके आरी
07:29अच्राव।
07:55वासलाम वालेओं राहल मिया
07:56अब ठीक हैं, आब बताई है, सब खेरियत है
08:05खेरियत ही है? अब दो हफते पहले हुए निकाह में सब खेरियत ही होगा ना?
08:14अब शायद आपको अबसा से बात करनी है? फिलाल तो वो मस्रूफ है
08:20वो क्या है ना हमने उनके लिए एक नई नाइटी खरी दी थी तो वो पहन के हमें दिखाना चाह रही
08:32नया निया निकाह हुआ है तो महपत के नायाब तरीके दराश रहे हैं उन्तों
08:39हानीमोन भी प्लान कर रहे हैं अगर आप कोई इंटरनाशनल ट्रावल एजिंसी के बारे में चानती हो तो बताईए का जरूर
08:48अच्छा प्राहिल में काम कीजेगा अगर आपको बात करनी है तो आप कल सुबह फोन कीजेगा
08:54अरे सुबह नहीं वो कहा है ना पूरी रात हम उने सोने नहीं देते ना तो आप तो पहर में फोन कीजेगा
09:06कि कभी-कभी सुबह वो हमारे महबत के सुरूर का मजा लेना चाहती है ना
09:15ठीक है हम फोल रखते हैं शायद वो तयार हो गए खुदाफस
09:26किसका फोन था?
09:45किसी का ने, हमारे क्लाइन का अबदी यू?
09:52जी
10:15किसी का अबदी यूदी यूदी यूदी यूदी यूदी
10:22किसी का अबदी यूदी यूदी यूदी यूदी यूदी
10:29किसी का अबदी यूदी यूदी
10:36झाल झाल
11:06झाल झाल
11:36झाल
11:37झाल
11:38ति झाल
11:39झाल
11:39झाल
11:40ति आन्ट
11:41प्सान
11:42प्सान
11:43भाभी जान
11:44मैं देखती हूं
11:46अच्छा ठीक है
11:50बावी जान मैं देखती हूं अच्छा ठीक है
12:20बावी जान मैं अच्छा ठीक है
12:50सीने में हैं दर्दिल का करवां किस तरह हम जिये ये बावां
13:01सोचे थे जो सिलसिले सम्तेरे बिख रहे हैं तूटके दर्मिया
13:13जो था कभी मेरे दिल का जहां फल में वो खो गया है कहां
13:25ये इश्ग तो रित का आशियां तूटके ये चुखे का जिलसा
13:37सीने में दर्द का करवां किस तरह हम जी ये बता
13:49सीने में तूबसां
14:09बप्सां
14:11कर दो कर दो
14:41असलाम वालेकम जैद भाई वालेकम असलाम राहिल में कैसे आना हुआ अब मौफ कीजिए गाप बिना इत्तला किया आगे तोई बात में अरे तस्मीम राहिल में को पानी तोपे रही है
15:11मौफ कीजिए का राहिल मिया अफजार में आज तोड़े मश्रूर देखने का इरादा है ना हमाद पुरा दिन तो आम बाहर ही रहें को
15:37उसी के लिए आप दयारी करने जाएंगा तस्मीम में आपकी हादर्दारी करने के लिए
16:07जले आफजार जिले आफजार जी
16:14जी
16:16राहिल आप एठी
16:34आप बैठी
16:43भाईजान आप पहले बार हमारे घर में आ रहे हैं
16:47कम से कम ये जूस तो पी लीजे
16:51आप बहुत कम जोड दिख रहे हैं
16:54भाईजान जैसा आप देख रहे वैसा नहीं है
16:59आईनी में अक्स हमेशा उल्टा दिखाई देता है
17:02ये बात याद रखिएगा
17:04हमको समझे नहीं
17:10कभी-कभी तो वो
17:21हमारे महबत के सुदूर का मजाद सुपहले ना जाता है
17:26हमारे मैंग में ये रहे लाह
17:44हम लादान में आप लादा
17:49पड़ कुनकुटकूर आसेफले वा कंनें stop
18:11लोग ँटकूर भुग में हो Tampa
18:16हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ हु
18:46हमसा एक और बड़ा गुना हो गया है
18:52इतना बड़ा गुना कि हम आपके माफ़े के में हखदार नहीं है
18:56तो हम जायद की मिमारी के बारे में जात देते हैं किया
18:59हमें माफ कर दो आफसा, माफ कर दो मैं
19:02हम आपके में नहीं जी सकते
19:04अफसर, उस सेथ के खिलाब आपी रिपोर्ट लिखाते हैं
19:34झालोल
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