00:00Om Shanti
00:26आये सुनते हैं 21 अप्रेल 2025 दिन सोमवार की साकार मुरली शिव बाबा कहते हैं मीठे बच्चे बाप आया है तुम्हे करंट देने तुम देही अभिमानी होंगे बुद्धियोग एक बाप से होगा तो करंट मिलती रहेगी
00:43अशांती फैलाना यह है सबसे बड़ा आसुरी स्वभाव कौन सा है जो तुम बच्चों में नहीं होना चाहिए
00:49उत्तर
00:51अशांती फैलाना यह है सबसे बड़ा आसुरी स्वभाव
00:55अशांती फैलाने वाले से मनुष्य तंग हो जाते हैं
00:59वह जहां जाएंगे, वहां आशान्ति फैला देंगे, इसलिए भगवान से सभी शान्ति का वर मांगते है
01:06गीत
01:07यह कहानी है, दिये और तूफान की
01:11ओम शान्ति
01:14मीठे मीठे सिकी लधे बच्चों ने गीत की लाइन सुनी
01:18गीत तो यह भक्ति मार का है, फिर उनको ग्यान में ट्रांसफर किया जाता है
01:23और कोई ट्रांसफर कर न सके
01:25तुम्हारे में भी नंबरवार पुरुशार्थ अनुसार जान सकते हैं
01:30दीवा क्या है, तूफान क्या है
01:32बच्चे जानते हैं आत्मा की जोत उझाई हुई है
01:35अब बाप आये हैं जोत जगाने लिए
01:38कोई मरते हैं तो भी दीवा जलाते हैं
01:42उसकी बड़ी खबरदारी रखते हैं
01:44समझते हैं दीवा अगर बुझ गया
01:46तो आत्मा को अंधियारे से जाना पड़ेगा
01:49इसलिए दीवा जलाते हैं
01:52अब सत्यूग में तो यह बाते होती नहीं
01:55वहा तो सोजरे में होंगे
01:56भूकादी की बात ही नहीं
01:59वहा तो बड़े माल मिलते हैं
02:01यहां है खोर अंधियारा
02:04चीची दुनिया है ना
02:06सब आत्माओं की जोत उझाई हुई है
02:09सबसे जास्ती जोत
02:10तुम्हारी उझाई हुई है
02:12खास तुम्हारे लिए ही बाप आते है
02:14तुम्हारी जोत उझा गई है
02:16अब करेंट कहां से मिले
02:17बच्चे जानते हैं
02:20करेंट तो बाप से ही मिलेगी
02:21करेंट जोर होती है
02:23तो बल में रोशनी तेज हो जाती है
02:25तो अभी तुम करेंट ले रहे हो बड़ी मशीन से
02:28देखो, बॉम्बे जैसे शहर में कितने धेरादमी रहते हैं
02:33कितनी जास्ती करेंट चाहिए
02:34जरूर इतनी बड़ी मशीन होगी
02:37यह है बेहत की बात
02:39सारे दुनिया की आत्माओं की जोद बुजी हुई है
02:42उनको करेंट देना है
02:44मूल बात बाप समझाते है
02:47बुध्योग बाप से लगाओ
02:49देही अभिमानी बनो
02:51कितना बड़ा बाप है
02:53सारी दुनिया के पतित मनुष्यों को पावन करने वाला
02:57सुप्रीम बाप आया है सब की जोद जगाने
02:59सारी दुनिया के मनुष्य मात्र की जोद जगाते है
03:03बाप कौन है? कैसे जोद जगाते हैं?
03:08यह तो कोई नहीं जानते
03:09उनको जोती स्वरूप भी कहते हैं
03:12फिर सर्वव्यापी भी कह देते हैं
03:14ज्योती स्वरूप को बुलाते हैं क्योंकि ज्योती बुज गई है।
03:18साक्षातकार भी होता है अखंड ज्योती का।
03:22दिखलाते हैं अर्जुन ने कहा मैं तेज सहन नहीं कर सकता हूँ।
03:26बहुत करेंट है।
03:27तो अब इन बातों को तुम बच्चे अभी समझते हो।
03:31सबको समझाना भी यह है कि तुम आत्मा हो।
03:34आत्माएं उपर से यहां आती है।
03:37पहले आत्मा पवित्र है, उनमें करेंट है।
03:41सतो प्रधान है।
03:42गोल्डन एज में पवित्र आत्माएं हैं फिर उनको अपवित्र भी बनना है।
03:47जब आप अवित्र बनते हैं, तब Godfather को बुलाते हैं कि आकर लिबरेट करो, अर्थात दुख से मुक्त करो.
03:55लिबरेट करना और पावन बनाना दोनों का अर्थ अलग-अलग है, जरूर कोई से पतित बने हैं, तब कहते हैं, बाबा आओ, आकर लिबरेट भी करो, पावन भी बनाओ, यहां से शान्ती धाम ले चलो, शान्ती का वर्दो अब बाप ने समझाया है, यहां शान्त में तो र
04:25यहां मनुष्य तंग होते हैं, अशान्ती से, एक ही घर में कितना जगड़ा हो पड़ता है, समझो स्त्री पुरुष का जगड़ा है, तो मा, बाप, बच्चे, भाई, बहना दी, सब तंग हो पड़ते हैं, अशान्ती वाला मनुष्य जहां जाएगा, अशान्ती ही फैला�
04:55उनको कहा जाता है, sweet silence home, मुक्तिधाम वालों को सिर्फ इतना ही समझाना होता है, तुमको मुक्ती चाहिए ना, तो बाप को याद करो, मुक्ती के बाद जीवन मुक्ती जरूर है, पहले जीवन मुक्त होते हैं, फिर जीवन बंध में आते हैं, आधा आधा है ना, सतो प्र�
05:25तुम तो सारा अनुभव करते हो, तुम जानते हो इतने जन्म हम सुख में रहते हैं, फिर इतने जन्म दुख में होते हैं, फलाने फलाने धर्म नई दुनिया में आ नहीं सकते, उनका पाट ही बाद में है, भल नया खंड है, उनके लिए जैसे कि वह नई दुनिया है, जै
05:55Dekhya Na,
05:58now-nay-nay-pattie
05:59kaysay nikaltay
06:00Chhote-chote here-pattie
06:02Nikaltay rate
06:04Phrir bor, phool nikaltay
06:06Naya jad bhoot chhota hai
06:08Naya beach ndala jata hai
06:10Unki puri-parvarish nae hote
06:12Tho sard jata hai
06:14Tum bae puri-parvarish nae karte ho
06:16Tho sard jata hai
06:17Baap akar mnushyye se devata banaate hai
06:20Phrir usme nambar war bantay hai
06:22राजधानी स्थापन होती है ना, बहुत फेल हो पड़ते हैं
06:27बच्चों की जैसी अवस्था है, ऐसा प्यार बाप से मिलता है
06:31कई बच्चों को बाहर से भी प्यार करना होता है
06:34कोई-कोई लिखते हैं बाबा हम फेल हो गए, पतित बन गए
06:39अब उनको कौन हाथ लगाएगा, वह बाप की दिल पर चड़ नहीं सकते
06:44पवित्र को ही बाबा वर्सा दे सकते है
06:47पहले एक-एक से पुरा समाचार पूछ, पोता में लेते हैं
06:52जैसी अवस्था वैसा प्यार, बाहर से भले प्यार करेंगे
06:56अंदर जानते हैं, यह बिल्कुल ही बुद्धु है, सर्विस कर नहीं सकते
07:00ख्याल तो रहता है न, अज्यान काल में बच्चा अच्छा कमाने वाला होता है
07:05तो बाप भी बहुत प्रेम से मिलेगा
07:08कोई इतना कमाने वाला नहीं होगा, तो बाप का भी इतना प्यार नहीं रहता
07:12तो यहां भी ऐसे है, बच्चे बाहर में भी सर्विस करते हैं न, भल कोई भी धर्म वाला हो, उनको समझाना चाहिए
07:19बाप को लिबरेटर कहा जाता है न, लिबरेटर और गाइड कौन है, उनका परिचे देना है
07:25सुप्रीम गौड फदर आते हैं, सब को लिबरेट करते हैं
07:30बाप कहते हैं, तुम कितने पतित बन गए हो, प्योरिटी है नहीं, अब मुझे याद करो
07:35बाप तो एवर प्योर है, बाकी सब पवित्र से अपवित्र जरूर बनते हैं
07:41पुनरजन में लेते लेते उतरते आते हैं, इस समय सब पतित हैं, इसलिए बाप राय देते हैं
07:48बच्चे, तुम मुझे याद करो तो पावन बन जाएंगे, अब मौत तो सामने खड़ा है, पुरानी दुनिया का अब अंत है, माया का पॉम्प कितना है, इसलिए मनुष्य समझते हैं, यह तो स्वर्ग है, एरो प्लेन, बिजलियां आदी क्या-क्या है, यह है सब माया का
08:18तुम्हारे पास बहुत अच्छे-च्छे कारीगर लोग भी आएंगे, वहर आजाई में तो आएंगे नहीं, फिर भी तुम्हारी प्रजा में आजाएंगे, इंजीनियर आदी सीखे हुए अच्छे-च्छे कारीगर आएंगे, यह फैशन सारा बाहर विलायत से आता जाता
08:48अच्छी बात है न, क्राइस्ट भी उनकी रचना है, रचेइता सुप्रीम सोल तो एक है, बाकी सब है रचना, वर्सा रच्छता से ही मिलता है, ऐसे ऐसे अच्छी प्वाइंट जो है वह नोट करनी चाहिए, बाप का मुख्य करतव्य है सब को दुख से लिबरेट करना, �
09:18अच्छी अच्छी पॉइंट्स नोट करो,
09:48तो समय पर कामा सकती है, बोलो, शीव बाबा का ओक्यूपेशन हम बताएंगे, तो मनुष्य कहेंगे ये फिर कौन है जो गौड फादर शीव का ओक्यूपेशन बताते है, बोलो, तुम आत्मा के रूप में तो सब ब्रदर्स हो, फिर प्रजा पिता ब्रह्मा द्वारा र�
10:18जरूर हमको गौड फादर ने बताया है, तब आपको बताते है, सन शोज फादर, ये भी समझाना चाहिए, आत्मा बिलकुल छोटा स्टार है, इन आखों से उनको देखा नहीं जाता है, दिव्य दृष्टि से साक्षात कर हो सकता है, बिंदी है, देखने से फाइदा थो�
10:48लिबरेटर और गाइड है, उनकी बहुत महिमा करनी पड़े, जरूर बाप आएंगे तब तो साथ ले जाएंगे न, आकर नौलेज देंगे, बाप ही बतलाते हैं, आत्मा इतनी छोटी है, मैं भी इतना हूँ, नौलेज भी जरूर कोई शरीर में प्रवेश कर देंगे, आ
11:18एडम है पहला पहला आदमी, मनुष्यों का सिजरा है न, यह मातापिता भी बनते हैं, इनसे फिर रचना होती है, है पुराना परंतु अडॉप्ट किया है, नहीं तो ब्रह्मा कहां से आया, ब्रह्मा के बाप का नाम कोई बताए, ब्रह्मा, विश्नु, शंकर यह किसकी र
11:48होती है, उन्हें बहुत खुशी रहेगी, कभी उबासी नहीं आएगी, कोई समझने वाला नहीं होगा तो उबासी देता रहेगा, यहा तो तुमको कभी उबासी नहीं आनी चाहिए, कमाई के समय कभी उबासी नहीं आती है, ग्रहक नहीं होंगे, धंदा ठंडा होगा तो �
Comments