00:00एक स्कूल में होती थी मुर्गा दॉड जिसमें क्या करते थे दो को अगल बगल खड़ा कर देते दोनों की एक एक टांग बांद देते थे और फिर उनकी रेस लगवाते थे अब बैचारे दॉड सकते नहीं और एक दूसरे से रहा भी हो नहीं सकते और रेस भी पूरी करनी ह
00:30करके भी रिहाई नहीं मिलेगी साथ जनम तक कुदना है पर माननेता कोई पूछे कि तुम्हें कैसे पता कि ऐसे ही जीना चाहिए आपके पस कोई जवाब नहीं होगा इसलिए फिर हमारे जीवन में ना बोध होता है ना प्रेम होता है क्योंकि माननेता से ना ब्रोधा जा�
Comments