00:00हमारे मुस्लिम बंदु आगर के कहते हैं कि इस्लामोफोबिया हो गया है और समाज हमें घृणा की दृष्टी से देख
00:06रहा है या हमें पराया मान रहा है कम से कम और प्यार तो बिल्कुल ही नहीं मिल रहा हमें
00:10समाज से
00:12मुझे भी पता है एक इनसान को जीने के लिए रोटी नहीं प्यार भी चाहिए बिल्कुल लेकिन थोड़ा ये भी
00:17तो समझो ना कि समाज में रह रहे हो और दूसरे से एक रिष्टा रखना चाहते हो तो रिष्टा निभाना
00:21भी तो पड़ता है आप मदरसों में बच्चे को �
00:39अमेरिका का एक वीडियो था वहाँ पर वो चिला के कह रहा है कि टेकसस को सुनने दो और कैलिफोर्निया
00:44को सुनने दो और वाशिंग्टन को सुनने दो और ब्रुकलिन को सुनने दो और जब तक हम एक घर में
00:49नहीं घुश जाएंगे और एक एक आदमी को हम मुसल्मान नही
00:57और आप ये बात बोलते हो, आप भले ये कभी करना पाओ, लेकिन ये बात वाइरल तो होती है, और
01:03जब वाइरल होती है, लोगों तक पहुचती है, तो निक ऐसा लगता होगा, और आपके हिसाब से, जब तक पूरी
01:08दुनिया मुसल्मान नहीं हो गई, तब तक अभी काम बाक
01:22आप ये घरों में घुसोगे, और तो हमें कलमा पढ़वाओगे, और हमसे कहोगे कि जाकर के गीता चला दो, तो
01:27प्यार देगा आपको क्या, कैसे देगा, और आप हिंदुस्तान में हिंदूं की बात कर रहे हो, देखो हिंदूं में भी
01:32बहुत तरीके के तत्त्त्तो होते है
01:34गांधी को मारने वाला भी हिंदू इठा, तो हिंदूं में हिंसा नहीं होती है, मिन नहीं कह रहे हैं, लेकिन
01:39दुनिया के बागी देशों की अपेक्षा, बाकी समुधायों की अपेक्षा है, आतिहासिक घृष्णे से हिंदू बहुत सहिष्णु रहा है, बहुत
01:45उदार र
01:59तो अगर हिंदुस्तान में भी आपको ये अभी शिकायत है कि हम जे समाज में हैं वो समाज हमारे प्रते
02:06भेदभाव रख रहा है या कि हमारे प्रते हिंसक हो रहा है तो थोड़ा हमें स्वयम से बात करनी पड़ेगी
02:12कि हम कर क्या रहे हैं
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