Verse 1: मेरे नैनों में बरसती है सावन की रिमझिम, तेरे बिना ये दिल है जैसे सूना सा ग़म, चले जब बादल, मन में उठे हैं अरमान तम, खोई खोई राहों में तेरा ही है नाम दम।
Verse 2: तेरे इश्क का जादू, जैसे चाँदनी रात, सपनों में बसी हो, तेरी ही है बात, तेरे संग बिताए, हर लम्हा है खास, प्यार से भरी है, ये दिल की हर आस।
Verse 3: जब तुम पास होते, हर दर्द है मिटता, संग तेरा चलूं, तो हर ग़म है छिटता, बहे जो ये नदियाँ, संग तेरा बहता, तेरे प्यार में खोकर, हर पल है सजा।
Verse 4: मेरे नैनों में बस तू, सावन की ये लहर, तेरे बिना अधूरा, मेरा हर एक सफर, तेरा साथ मिले तो, हर पल है नया, तेरे बिना ये जीवन, जैसे सूना सा मेला।
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