00:00बाला किटाब
00:05अप तक आपने बाक चार में देका
00:07गाऊ में आदमकोर भेड़िया का आतंग बढ़ता ही चला जारा होता है
00:11आदमकोर भेड़िया से बچने के लिए
00:14गाों जे लोग मिलकर सरपंजी के पास जाते हैं
00:18सर्पन जी गाउं के लोगों को यह बताते हैं कि प्राचीन पुस्तक में यह लिखा है कि
00:24भेडिये से बचने के लिए हमें एक विशाल पिंजरा बनाना पड़ेगा
00:29फिर सब गाउं वाले मिलकर एक बड़ा पिंजरा तयार कर लेते हैं
00:34अब देखिए आगे
00:36सर्पन जी सर्पन जी आपके कहने के अनुसार हम सब ने मिलकर लोहे का विशाल पिंजरा तयार कर लिया है
00:44और शाम भी हो गई है
00:46सर्पन जी अब आप ही हमें बताईए कि आगे हमें क्या करना होगा
00:51हाँ बेटा नमन तुम सब ने मिलकर बहुत अच्छा कारे किया है
00:56बेटा अब हम सब को मिलकर ही उस भेडिये को इस पिंजरे में किसी तरह कैत करना होगा
01:03पर सर्पन जी ऐसा कैसे भेडिया इस पिंजरे में आएगा
01:09इसके लिए हम सब लोगों को एक रणनीती बनानी होगी
01:13क्या रणनीती
01:17हाँ बेटा हमें उस भेडिये को इस पिंजरे में लाने के लिए लालच देना होगा
01:24और इस कारे को करने के लिए हम सब में से किसी एक को पिंजरे के नीचे खड़ा होना पड़ेगा
01:30हम इस पिंजरे को पेड़ पर रसी से बान देंगे
01:34और फिर हम में से कोई एक इंसान उस पिंजरे के नीचे खड़ा हो जाएगा
01:39जिसे देखकर भेडिया चैसे ही लालच में इंसान को मानने के लिए आएगा
01:45वे तुरंथ ही पिंजरे में फस जाएगा
01:48पर सरपंजी हम सब में से यह भहादूरी भरा कारे कोन करेगा
01:56उस भेडिये को देखकर तो पेरे पहले ही प्रांड निकल जाते हैं
02:02तो कुन है हम सब में से इतना भहादूर जो यह कारे करेगा
02:11सरपंजी यह कारे करने के लिए मैं जाओंगा वहाँ
02:15मैं इस गाउं को बचाने के लिए अपनी जान जोखिन में डाल दूँगा
02:21पर बेटा नमन तुम सोच लो
02:24हा हा हा सरपंजी मैं मैंने सब सोच लिया है
02:28आखिर कार मेरे भाई के शरीर में ही उस भेडिये की आत्मा आय हुई है
02:33अगर मैं मर भी गया तो मुझे अपने भाई के हातों से मरने में कोई अफसोस नहीं होगा
02:40सरपंजी आप मुझे भेजिये इस कारे को पूरा करने के लिए
02:44तो ठीक है नमन बेटा अब वैसे भी रात होने वाली है
02:48हमें और वक्त खराब नहीं करना चाहिए
02:51हम सबको मिलके अब जंगल में चलना चाहिए
02:55फिर वे सब गाँवाले अंधेरे जंगल की तरफ चल पड़ते हैं
03:00रात में जंगल और भी ज़ाधा घणा और डरावना होने लगता है
03:05भैस उनसान जंगल और जंगली जानवरों के रोने की आवास
03:10गाँव के सभी लोगों को डराने लगती है
03:14तो दोस्तों मेरे हिसाब से यह बिर्कुल सही जगह रहेगी
03:18पिंजरे को पेड़ पर लटकाने के लिए
03:21हम सब ऐसा करते हैं
03:23सब लोग रसी की साहता से पिंजरे को पेड़ पर बान देंगे
03:27और फिर सब इनी जाडियों में जाकर छिप जाएंगे
03:32फिर वह फटाफट सब मिलकर पिंजरे को सरपन जी के बताया अनुसार
03:36पेड़ पर लटका देते हैं
03:39और सब दूर दूर जाडियों में जाकर छिप जाते हैं
03:43पिंजरे की रसी लाखा पगड लेता है
03:46और नमन जाकर पिंजरे के नीचे बढ़ा हो जाता है
03:51फिर थोड़ी देर बाद पूरे जंगल में शांती हो जाती है
03:55और वै आदम खोर भेडिया अपने शिकार के लिए जंगल में निकल पड़ता है
04:02अरे अरे अरे वै आ गया
04:07ओरे भेडिये ओ भेडिये वहाँ कहाँ जाता है यहां देख यहां हूं मैं
04:18तुझे इन्सानों को ही तो मार कर खाना है ना
04:22ले तो मैं यहां ख़ड़ा हूँ तुझे मार
04:26तबी उस आदमखोर भेड़िये की नजर नमन पर पड़ती है
04:30और वै उसके पास आने लगता है
04:33सभी गाँवाले बहुत ज़्यादा डर जाती है
04:37और नमन भिम्मत के साथ वहां ख़ड़ा रहता है
04:41भेड़िया जैसे ही नमन पर चपटा मारता है
04:45नमन तुरंत ही वहां से अट कर दूर ख़ड़ा हो जाता है
04:50तबी जल्दी से लाखा पिंजरे से भंधी वस्ती को छोड़ देता है
04:55और फिंद्रा तेजी से भेड़िये के उपर जा गिरता है
04:59भेड़िया उस विशाल पिंजरे में कैन हो जाता है
05:04फिर सभी गाउन वाले जल्दी से जाड़ियों से बाहर निकल जाती है
05:09वा वा वा नमन बेटा उन्हें तो कमाल ही कर दिया
05:15हा हा हा सर्पन जी और अब आप जल्दी से प्राचीन पुस्तक को निकाल कर
05:21मैं सारे मन्त्र पढ़ लीजिये और इस भेड़िये से हमें छुटकारा दिलाईये
05:26हा हा बेटा मैं अभी पुस्तक को निकाल के सारे मन्त्र पढ़ लेता हूँ
05:30फिर सर्पन जी पुस्तक में दिये हुए सभी मन्त्रों को पढ़ने लगते हैं
05:35मन्त्रों को पढ़ते पढ़ते अचानक से पिंजरे में एक तेज रोशनी होती है
05:41और वे आदमखोर भेड़िये की आत्मा नमन के बड़े भाई हीरालाल से निकल जाती है
05:47और पिंजरा और आदमखोर भेड़िये दोनों ही गायब हो जाती है
05:52हीरालाल सेट वही जमिन पर बिहोशी की हालत में पढ़ा हुआ मिलता है
05:57भाईया भाईया आप ठीक है ना भाईया
06:00हा हा हा नमन पर यह सब क्या हुआ मुझे कुछ याद नहीं
06:10हा हा हा भाईया आप घर चलिए मैं घर जाकर आपको सब कुछ बताता हूँ
06:17आप बच गए मेरे लिए इस से अच्छी और कोई बात नहीं
06:22हा नमन बेटा तुमारी हिम्मत और भाधुरी की वज़े से
06:27आज हम सब गाउवालों की जान बच पाई है
06:30और तुमारी वज़े से ही हम सब को उस आदमखोर भेडिये से मुक्ति मिल पाई है
06:36फिर सब गाउवाले खुशी खुशी बिना डर के गाउ में रहने लगते हैं
06:42तो गाईस आपको ये वीडियो कैसे लगी है हमें कमेंट करके भाई जरूर बताना और साथ
06:46ये बताना कि बाई इस वीडियो का सबसे बैस पार जो आपको कुण सा लगा बाई ये स्टोरी जो है ना मैंने लिखी अपने इस आप से खुश लिखी है तो बाई से देव सारा प्यार देना अपना अपना सपोर्ट बना रखना और अगर चैनल पर भी नए हो त
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