00:00खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ़ खुफ�
00:31आहाँ! तुम तीनों ने सुभह से ही खेलना शुरू कर दिया हैं
00:38वो जो बड़ी लड़की आपको देख रही है उसका नाम है मिनू
00:42और जो छोटी देख रही है उसका नाम है पुन्नू
00:45क्या आपको बता है जो चारो तरफ उड़के उनके साथ खेल रहा है वो कौन है?
00:50वो है कुञ्जी तोता
00:54एक बार जब मिनू के माता पिता सुबह दूर खेती की जमीन पर काम करने चले जाते हैं
00:59तब मिनू पुन्नू और उनका कुञ्जी तोता तादी के सुरक्षा में रहते हैं
01:11मितू आओ आओ
01:14मितू आओ आओ
01:17पुन्नू मिनू बहुत हुआ खेलना चलो अब खाना खा लेते हैं
01:33हम अभी आते हैं दादी
01:35मितू को भूक नहीं लगी क्या
01:47दादी उसने अभी दाने खाए
02:05जैसे ही कुञ्जी तोता टेहनी पर बैठा हुआ था उसने दूर आकाश में चेम्बन गरूड को उड़ते हुए देखा
02:19आकाश के चारो और उड़ता हुआ चेम्बन गरूड जब नीचे वाली टेहनी पर आकर बैठा तब उस तोते ने उसे इर्शा के नजर से देखा
02:36चेम्बा तुम भी पक्षी हो और मैं भी पक्षी हूँ तुम बादलों के उपर उड़ सकते हो पहाडों के उपर गोसला भी मना सकते हो पर मैं इतने दूर बादलों के उपर नहीं उड़ सकता
02:57मेरे प्यारे कुञ्जी तोते भगवान ने सभी को प्रतिभा दी है हमें बस उसे ढूनना होता है
03:09हाला कि चेम्बन गरूड ने उसे सांत्वना देने के लिए बात कही फिर भी हमारा कुञ्जी तोता खुश नहीं था
03:15दादी दादी दादी क्या हुआ तुम्हे ओ कुछ खत्रा प्रतीथ हुता है पोन्नू और मिन्नू रो क्यों रहे हैं मुझे अंदर जाके देखना चाहिए
03:45औरे दादी मा सौमिन पर गिर गई दादी दादी दादी क्या हुआ दादी दादी दादी दादी दादी दादी दादी मा चवाप क्यों नहीं दे रही है हाँ बहतर यही होगा कि मैं ये सारी हाकीकत खेट पर जाकर आई बाबा को बताओ
04:16देखो क्या ये हमारा कुंजी तोता तो नहीं
04:32दादी दादी दादी दादी ये तो दादी दादी बोल रहा है क्या घर पर कोई आपती तो नहीं आ गई हाँ हाँ जल्दी चलो ठीक है जल्दी चलते है
05:02अच्छा हुआ वक्त पर आकर तुमने मुझे दवाई दी नहीं तो मेरी तो जान गई होती पर मुझे ठीक नहीं है ये तुम्हें कैसे समझा
05:29ये तो हमारे कुञ्जी तोते की अकलमंदी है इसने हमारी काम की जगा पर आकर हमें बताया की दादी मा की तबियत खराब है
05:39और इस प्रकार से सभी को हमारा कुञ्जी तोता और भी अधिक पसंद आने लगा
05:45चेम्मन गरुड नी ये सब सुना और तोते से कहा
05:50कुञ्जी तोते वही तो मैं कह रहा था
05:53मनुश्य, पशु, पक्षी, भगवान ने सभी को प्रतिभा का वरदान दिया है
06:00मैं सबसे उंचा उड़ सकता हूँ
06:02पर सर्व तुम्हारी तोतों की प्रजाति हि
06:05मनुश्यों की कही-कही बाद उसे तरह वापस दोरा सकते हैं
06:10आज तुम्हारी प्रतिभा की वज़ों से ही तो दादी-मा की जान बच गई
06:14हम नई-नई उचाईयों तक पहुँच सकते हैं
06:17जब हम समझ ले कि हमारी प्रतिभा क्या है
06:20और जब जाहें उसका इस्तुमाल करें.
06:22जैम्बा, तुम्हें पता है तुम कितने होशियार हो
06:26जो मुझे ये सब समझा रहे हो.
06:48जब हम समझ ले कि हमारी प्रतिभा क्या है
06:51और जब जाहें उसका इस्तुमाल करें.
06:54जैम्बा, तुम्हें पता है तुम कितने होशियार होशियार रहे हो
06:58जब हम समझ ले कि हमारी प्रतिभा क्या है
07:02समझ ले कि हमारी प्रतिभा क्या है