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  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 29 6 Sep 2024 ARY Digital Drama - 1080

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00:00देख देख के पतथर हो गई अगिया
00:22नहीं भाई नहीं ये बहुत मुश्किल है
00:24और अम्मी भी कभी नहीं मानेंगे
00:26और मैं नहीं चाहती के मेरी वज़़ा से
00:27आप अपनी जिन्दगी की कुर्बाणी देये
00:29अपनी जिन्दगी को मुश्किल बनाने में
00:31मैं सब कभी नहीं चाहूँगे
00:33आप इंकार नहीं भी करेंगे तो
00:34बात बहुत बिगर गई है भाई
00:36अम्मी वो मुझे छोड़ कर चले गए
00:39हमेशा के लिए
00:43मुझे लगता है कि तुम्हारी बेहन
00:46हम माई से शादी करना चाहती ही नहीं है
00:49वाना इतना सक्स रियाक्शन
00:51इनसान जब ही करता है
00:52जब उसकी तरफ से बिल्बुल ना हो
00:54परी क्या मरजी है आपकी
00:56मुझे खुल कर बताए
00:58बेटा इसकी भी वो ही मरजी है
01:01जो तुम्हारी है
01:03बस सजल ने जो इसकी तोहीन की है ना
01:06उसे ही दिल पे लगा के बैठी भी है
01:34मेट की कॉर
01:58कैसी हो सचल
01:59तुम ते क्यों फोन किया है?
02:02मेरी हालत देखने के लिए
02:05या मुझे इस अजियत में देखकर मज़ा लेने के लिए
02:08इतनी बदगुमानी अच्छी नहीं होती
02:11तुम्हारी तकलीफ मेरे लिए
02:13किस कथर अजियत का बायस है
02:15मेरे लिए किस कथर अजियत का बायस है
02:17ये मुझे तुम्हें बताने की ज़रूबत नहीं है
02:21फोन करने की कोई बाजा?
02:27खुशी शेयर करना चाहता था
02:32सचल जब तक तुम साथ थी किसी दोस्ट की ज़रूबत नहीं पड़ी
02:37मेरी हर खुशी
02:39हर घम
02:40मुझे काम्याबी
02:42फिला चिचक तुम से शेयर कर लेता था
02:47हाँज इतनी बड़ी काम्याबी मिली है कि
02:50खुशी को रोक नहीं सका
02:53और तुम्हें कॉल कर लिए
02:56कैसी काम्याबी?
03:00एक
03:02बहुत बड़ा कॉंट्रेक्ट फाइनल हुआ है
03:04ये कॉंट्रेक्ट मेरी काम्पनी के लिए
03:07बहुत अच्छा साबिद होगा
03:09मेरा खाब पूरा होगा सच्छन
03:12वो खाब
03:14जो हम दोनों ने साथ देखा था मिलकर
03:16मगर
03:22काश कि इस खाब की ताबीर होते हुए भी
03:25तुम मेरे साथ होती सच्छन
03:27तुम कुछ कहोगी नहीं
03:30नहीं
03:32बस इतना ही कहूँगी के
03:36अपनी खुशी भी खुछ सेलिब्रेट करने की आदर डाल
03:40क्योंकि मेरा तुम्हारे ख्वाबों में ना कोई हिस्सा है
03:43ना उसकी ताबीर में
03:47हमारा इससा कोई तालुख नहीं है अब
03:48तुम्हारे ख्वाबों में ना कोई हिस्सा है
03:50ना उसकी ताबीर में
03:53हमारा इससा कोई तालुख नहीं है अब
04:18तुम्हारे ख्वाबों में ना कोई हिस्सा है
04:21ना उसकी तालुख नहीं है अब
04:23तुम्हारे ख्वाबों में ना कोई हिस्सा है
04:25ना उसकी तालुख नहीं है अब
04:27तुम्हारे ख्वाबों में ना कोई हिस्सा है
04:29ना उसकी तालुख नहीं है अब
04:31मैं मानता हुँ कि सजल ने अपने जजबाति पण में रा किर जो भी बोला है
04:36उससे ना सरफ आप को बलके आपके घर्वाणों को भी बहुत
04:40तकलीफ पहुंची होगी
04:42इसके लिए सरफ सजल ही शर्मिनदा नहीं है बल्के मैं Khud
04:56बल्के मैं खुद यहाँ पर इसलिए आया हूँ
04:57ताके आपसे माज़रत कर सकूँ.
05:00और मैं बस यही चाहता हूँ
05:02कि अब इस मामले को हम रफा डफा कर दें.
05:05जैसा आप चाहते हैं, वैसे ही होगा.
05:14हमाद भाई, बात यह है
05:16कि जब रिश्टों में एक बार गर्द आ जाता है
05:19तो बहुत मुश्किल से जाता है.
05:22और सझल को रिश्टों का एसास करना बहुत सरूरी है.
05:25उनकी एहमियत को समझना सरूरी है.
05:28मैं मानता हूँ कि सझल से गलिती हुई.
05:31लेकिन आप उसकी नदानी को नजर अंदाज भी तो कर सकते हुँ.
05:35बात बढ़ाने से कभी किसी का फाइदा नहीं है.
05:40ठीक कह रहे हैं आप.
05:42इकने मेरी बेहन मौत के मुँँ में चली रही थी.
05:45अगर उससे कुछ हो जाता तो?
05:47जो हुआ ही नहीं उसके खोफ से
05:49वो क्यों तबाग करें जो ओरिडी हैं?
05:55मेरी कल फ्लाइट है.
05:57और अब वैसे भी कुछ नहीं हो सकता.
05:58क्यों नहीं हो सकता?
06:00क्या मतलब इस बात कर?
06:01मतलब ये कि मैं आज भी अपनी बात पर काइम ही.
06:05क्या मतलब इस बात कर?
06:06मतलब ये कि मैं आज भी अपनी बात पर काइम ही.
06:10और ये मैं इसलिए नहीं कह रहा क्योंकि सजजल का घर बसाने
06:12इसलिए अपनी जुबान नहीं दे.
06:15मैंने खुद इस बारे में सोचा है.
06:17आज नहीं तो कल तो मैंने भी शादि करनी.
06:19बहुत बात है, ये फैसला मैं फोरी नहीं लेना चाहता था, लेकिन
06:23अब मैं इस नतीज़े पर पहुँँचा हूँ कि जैसा आप जाहते थे
06:28वैसा ही होगा.
06:32के, मैं, मैं घर जाकर बात करता हूँ, फिर
06:36जो भी फैसला होता है, मैं कॉल करता हूँ आपको.
06:39कॉल नहीं, आज रात का खाना आप हमारे साथ कर लेंगे, पर वापसी पर
06:46अपनी बीवी को भी साथ लेकर जाएंगे, जिसने दो दिन से कुछ भी नहीं खाया हो.
06:55और उसकी परिशानी में हमने भी कुछ नहीं खाया पिया.
07:00मैं, मैं कोशिश करूँगा इन्शाल.
07:02इन्शाल. शुक्रिया उस. टेक केवल.
07:08अम्मी बता नहीं कहा चली गईए.
07:11बताया भी था, मैंने कि अशल्ने चले जाना है, मुझे मिलने जाना है उनसे.
07:17उसके बारे में बोल में जाना था, अगर मैं बोलने जाना हूँ,
07:20अम्मी बतनी कहाँ चली गई है.
07:24बताया भी था मैंने कि कशर नहीं चले जाना है.
07:26मुझे मिलने जाना है उनसे.
07:35फोन भी तो नहीं उठा था.
07:38खुद चली जाती हूँ मैं.
07:41अगर वेडियो पूर नहीं चला था
07:43तो मैंने आज पूर चला था.
07:45फोन भी तो नहीं उठा था.
07:48खुद चली जाती हूँ मैं.
07:51घर से थोड़ी निकाल देंगे धक्ये देकर.
08:08कहीं जा रही हो?
08:09अशर मेरा फोन नहीं उठा रहा है.
08:11दिल गपरा रहा है मेरा.
08:12तो मैं खुद जा रही हूँ.
08:14मेरी पागल बेहन.
08:16मेरे होते वे क्यों परिशान होती हो तुम?
08:20क्या मतलब?
08:22मतलब ये कि रात के खाने की तयारी करो.
08:24क्या मतलब?
08:26मतलब ये कि रात के खाने की तयारी करो.
08:28अशर आ रहा है हमारे साथ डिनर करने.
08:32सच कह रहे हैं आप?
08:34मैंने कभी जूट बोला है तुमसे क्या?
08:37आप मिलें अशर से?
08:39हाँ ना, मिलकर आ रहा हूँ.
08:40और जल्दी से खाने का बनदुबस करो यार.
08:42वो आएगा और खाने ही नहीं होगा.
08:43कितनी अजीब बात है.
08:45अम्मी कहाँ पे है?
08:46पढ़ा नहीं कब से फ़ोन कर रही हूँ.
08:47फ़ोन ही नहीं उठा रही है.
08:49चलो तुम उनसे जल्दी रापता करो
08:51और खाना बनाना शुरु कर दो.
08:53जाओ, जाओ.
09:14तुमने गाड़ी खरीट लिए?
09:15ये तुमें गाड़ी की चावियां लग रही हैं.
09:18तो फिर?
09:20मैंने घर लिए.
09:22अपने.
09:23और तुम्हारे लिए.
09:24ये उसकी चावियां.
09:26क्या?
09:28घर?
09:29अपना घर लिए?
09:32अपना ही समझो.
09:33जब मैं और तुम महाँ जाकर रहेंगे
09:36तो अपना ही हो चाएगा.
09:38फरीन, मुझे तो यकीन नहीं हो रहा है.
09:40तुम सच कह रहे हो.
09:42यकीन नहीं आ रहा है तुम्हारे?
09:43उठो.
09:44अबी जाकर तुम्हें घर देखाते हूँ.
09:46तुम्हें पता है फरीन.
09:47उस घर में बेड,
09:49फर्णीचर, किचन
09:51सब कुछ रही है.
09:53सब कुछ.
09:55सिर्फ तुम्हारी कमी है.
09:57मुझे तो लग रहा है
09:58मैं ख़ुआब देख रही हूँ.
10:02जब तुम्हें मुझे बताया था न,
10:05कि तुम्हें स्लीपिंग पिल्स खा कर
10:06स्योसाइट करने की कोशिश की थी,
10:09तुम्हें जड़ा भी अंदाजा है
10:11कि मेरी हालत कितनी बुरी हो गई थी.
10:12और अब मैं खुद को तुम्हें से अलग नहीं रख जाएँ.
10:14बस.
10:16उससे इतना प्यार करते हो?
10:18इससे भी कहीं जाएँ.
10:23But you have to promise me
10:25कि तुबारा
10:26स्योसाइट करने की कभी कोशिश नहीं करूँगी.
10:33Promise.
10:34मसाक्त में भी नहीं.
10:37नहीं.
10:38वो अङ्गूटी जूलर से ले ली?
10:43अच्छा याद देना अच्छा.
10:46हाँ, चेर.
10:49हम्?
10:50पहनाओ ना.
10:53Okay.
10:59हमारी official engagement तो होगी है.
11:01अब तो ये design ठीक है न?
11:32अपनी तीज़े देेंगे ने.
11:55अगर आप यहाँ पनी बेटी की सिफारिष करनेके लिये आएँ हैं
11:58तो कोशिश में मत की ज़ियेगा.
12:01बड़ा दिल दुखाया है उसने मेरा.
12:03मैंने तो हमेशा उसे अपनी बेटियों की तरह समझा.
12:07लेकिन उसने भी साबिद कर दिया
12:09कि वो बहु है.
12:10बहु बहु ही रहती है.
12:12जो कभी अपने सुस्राल का भला नहीं चाहती
12:14और नन्द को बोच समझती है.
12:16मेरी सजल ऐसी नहीं है.
12:18रहने दे, आपकी सजल कैसी है
12:21वो तो साप नज़र आ गया हमें.
12:24भाई भैन में इतना फर्क?
12:27देखें मैं मानती हूँ
12:29कि मेरी बेटी तलाकी आफता है.
12:31लेकिन आपके बेटे को तो उससे शादी पर एतरास नहीं है न?
12:33वो तो घर बसाना चाहता है न?
12:36लेकिन इस सजल ने अपने भाई के ऐसे कान बरे
12:39कि मेरे तो चौदव तबक आफ़न हो गए.
12:46इतनी मासूम बच्ची समझती थी मैं उससे.
12:49मुझे क्या पता था?
12:50इस मासूम छेहरे के पीछे
12:52इतनी चलाकिया चुपी ही ही है.
12:55देखे कहना तो नहीं चाहे लेकिन
12:58यह तो लजाम लगाने वाली बात होगी न?
13:03मेरे ख्याल से आपको कुछ पता नहीं है
13:05कि किसका कसूम है?
13:07सारा मामला फरीन ने बिगाढा है.
13:10उसको क्या ज़रूरत थी किसी के गहर मुझूदगी में
13:12उनकी बाते रिकॉर्ड करें?
13:15यह तो सरा सर गहर इखलाकी हर्कत है न?
13:18सुन रही हैं अपनी बेटी की बाते?
13:21एक बेटी फरीन का घर उजाडने में लगी भी है
13:24और दूसरी?
13:26उसके एकलाक पर सवाल उठा रही है?
13:28आज तो आप बता दीजिये
13:30कि आखिर आप लोग चाहते क्या हैं, हाँ?
13:33या खुदा!
13:35पतनी किन लोगों में मैंने अपनी बेटे का रिष्टा कर दिया है?
13:38अरे नहीं, बहन.
13:40आप पहले ही परिशान हैं.
13:54जाने दीजिये ना, खतम करते हैं यहीं पर.
13:58हमारी बच्ची से गलती हो गई है, हम मानते हैं.
14:02मैंने तो उसे कहा भी था कि
14:04इतनी बड़ी बात हो गई सुस्राल में, तो
14:06तुम्हें अपनी सास और नन्द के पास होना चाहिए.
14:09मगर उसने कहा कि, अशर ने कहा है कि अबी चले ही जाना है, तो
14:14अम्मी के पास भी रहा हो.
14:16अशर ने नहीं, मैंने भेजाता उसे वहाँ.
14:22चले ठीक है, मानते हैं कि सजल से गलती हुई है.
14:28आप पुलायें प्लीज फरीन को.
14:30सजल की तरफ से हम मुझे से माफ़ी माँगते हैं.
14:33आप पुलायें फरीन को.
14:34रहने दो, तुम्हारी माफ़ी की ज़रूब नहीं है मेरी बेटी को.
14:39मौद के मूझ से निकल कर आए है वो.
14:43चुकरे ख़ुदा का कि उसने नई ज़िन्दगी थी उसे.
14:47वन्ना सजल ने तो जो दुख दिया है ना, विस्तर से लग गई है वो.
14:51कमरे से नहीं निकलती अपने.
14:53देखिये, सजल को इस बात का पूरा हसास है.
14:58इसलिए तो उसके तबवित खराब हो गई है.
15:00यह सब कुछ देखने के बाद उसको बुखार चड़ गया है.
15:06लोगों के मामूली बुखार पे भी धिन्डूरा बिटा चाहाँ.
15:13देखें, मैं आपको एक बात बता तू.
15:15हमें तो आदत नहीं है बात को बढ़ा चड़ा के बोलने की.
15:18नहीं हमारे बच्चों के ऐसी तरवियत है
15:20के मूँ भर-भर के रिष्टों की बुराईया करें.
15:24याद रखेंगा, मेरी बेटी का सबर लगेगा आपलोग.
15:31मेरी नमास का वक्त हो गया है.
15:35चाय पीके जाएगा आपलोग.
15:48नहीं, आप परिशान माँगे.
15:50देखो, तो ज़राएँ से.
15:52आप छोड़ियें.
16:19अम्मी, वो देखे, फरीन.
16:20कहा?
16:27हमसा कह रही थी कि वो कमरे से बाहर नहीं आ रही है.
16:29पर की तो मेरे सामने भी गाड़ी से उत रही है.
16:33कितनी जूटी है, सालया.
16:38कमस कम आज की बेज़िती ना, अम्मी, मैं कभी नहीं बोलूँगी.
16:41इस, इस फरीन को बहु बनाओ मैं, कभी भी नहीं, मर के भी नहीं.
16:46आप बैठें, तो गाड़ी में बैठें आप.
17:12जी, जी, अम्मी, मेरी हमाद भाई से खुद बात हुई है.
17:16वो तो इस रिष्टे को लेकर बहुत खुश है.
17:19बलके फरी की तारीफ भी कर रहे थे.
17:21कह रहे थे कि जिस तरह से ये सजल का ख्याल रखती है,
17:24उसे लेकर वो बहुत खुश है.
17:26तुम सच कह रहे हो? तुम्हारी वाकई हमाद से बात हुई है?
17:30तुम जाहरे हमाद से बात हुई है.
17:32तुम्हारी वाकी हमाद से बात हुई है.
17:34तुम्हारी वाकी हमाद से बात हुई है.
17:36तुम्हारी वाकी हमाद से बात हुई है.
17:38और रात में खाने पर भी उला आए.
17:48तुम सच कह रहे हो? तुम्हारी वाकि हमाद से बात हुई है?
17:52तुम जाहरे हमाद, मैं इस तरह की बात कुछ से थो नहीं करूँगा ना.
17:55मैं इस तरह की बात खुछ से तो नहीं करूँगा, ना?
17:58पलके, अगर आणिस्ली पूछें तो
18:00मुझे तो हमाद बाई काफी समझदार लगे.
18:02इस तरह की सिच्विशन को जिस तरह से
18:04उन्होंने हैंडल किया, मैं बहुत इप्रेस्ट.
18:07आपकी सजल कहती है, वो तो साप नज़र आ गया हमें.
18:10एक बेटी फरहीन का घर उजाडने में लगी भी है
18:13और दूसरी, उसके एकलाक पर सवाल उठा रही है.
18:16पतनी किन लोगों में मैंने अपने बेटे का रिष्टा कर दिया है?
18:19क्या बात है, अम्मी? आप.. आप खुश नहीं होगी इस बात से?
18:22नहीं, नहीं. मैं तो बहुत खुश हूँ.
18:25मेरी तो दिने खाईश पूरी होने वाली है.
18:29और लेकेंद..
18:32लेकिंद.. लेकिंद क्या, अम्मी?
18:36वो..
18:38क्या किया, अम्मी, आपने? च्यों?
18:40आ, मोझ नहीं आया, न.
18:42मुझे गलती हो गई.
18:57वो मुझे शाफाद खोने.
18:58गलती हो गई मुझसे.
19:06इसलिए कैते हैं
19:07उझे बोलने से पहले सोचना चाहिए.
19:10बग़ायर सोचे, समझे बोलती चली गई मैं तो.
19:14वो बिचारे क्या बात करने के लिए आई थी
19:17और मैंने उल्टा उन्हें ही बाते सुना थी.
19:19वो बिचारे क्या बात करने के लिए आई थी
19:23और मैंने उल्टा उन्हें ही बाते सुना थी.
19:26यह ऐसा क्यों किया आपने?
19:28आप, अब क्या करेंगे?
19:29तुम जा रहे हो ना उनकी तरफ.
19:31तो मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूँ ना.
19:34भाई, अब गलती की है मैंने, तो माफ़ी मांग लूँगी.
19:37और वापसी पे ना सज्जिल को भी साथ ले आएंगे.
19:40यह, यह ठीक रहे है.
19:42है ना? हाँ.
19:43तो चलो, मैं तयारी करती हूँ.
19:45और रास्ते से मिठाई लेके चलेंगे.
19:47ठीक है न?
19:47मान गए भाई.
19:49क्या डबल गेम खेला है उन लोगों ने?
19:55क्या आप बात कर रहे हैं, फरी?
19:57क्या होगा?
19:58मतलब ये, कि अम्मी तो ये सब प्यार में कह रहे हैं.
20:02लेकिन उन लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी
20:03हमें जलील करने की.
20:08क्या मतलब, फरी?
20:09बड़े मासूम हो तुम, भाई.
20:11वो हमाद, उसको तो अपनी बेहन की आँखों में
20:15जो आसू नज़र आये न, उसने बेवकूफी में
20:17फ़ोरण हा कर दिया.
20:19लेकिन जो सुबा दो अड़तें आये थी न,
20:21वो ये बताने आये थी कि वो लोग इस रिश्चे से
20:23वो हमाद, उसको तो अपनी बेहन की आँखों में
20:26जो आसू नज़र आये न, उसने बेवकूफी में
20:29फ़ोरण हा कर दिया.
20:30लेकिन जो सुबा दो अड़तें आये थी न,
20:32वो ये बताने आये थी कि वो लोग इस रिश्चे से
20:34खुश नहीं है.
20:36उन्होंने हामी भड ली,
20:37तो सब यहाँ पर फ़ोरण तयार हो गए मुझे बेवाने के लिए.
20:42क्यों मुझे ऐसे बेज़त करके इस घर से
20:44रुक्सत करना चाहरें भाई?
20:46मैं कैसे बरदाश करूँगी ये जिल्लत?
20:49नहीं, फरी, मैं ऐसा क्यों चाहूँगा?
20:52मुझे आणिस्ली नहीं समझा रहा,
20:54आप बताईगी क्या बात क्या है?
20:57अशल,
20:59तुम एक काम करना,
21:01तुम एक दफ़ा अम्मी से जरूर पूछना
21:03कि वो यह सब जलालत क्यों बरदाश कर रहे है?
21:06सिर्फ इसलिए क्योंकि आप लोग लड़की दे रहे हैं?
21:09और अब जब उनकी तरफ से रजमन्दी आ गई है,
21:11तो हर बेज़ती बरदाश करने को तयार है वो?
21:14लेकिन मैं कैसे करूँगी ही?
21:16आप, आप रोहें तो मत.
21:17अशल, मैं यह शादी नहीं कर सकती हूँ.
21:24रोहे मत, प्लीज.
21:25प्लीज.
21:29कौन आ गया?
21:30कौन आ गया?
21:32अलीजे, देखो कौन आये?
21:34इतरा आओ.
21:38बताओ, यह जो कह रहा है, सच कह रहा है क्या?
21:41बोलो.
21:42भाई, वो...
21:44फरीन देखो, जूट मत बोलना.
21:46अगर तुमने कुछ भी घलद बोला ना,
21:48तो सब कुछ खतम हो जाएगा, सब कुछ.
21:59याद मैं तेरी कहीं मर ही न जाओं
22:30क्या सोच रही है?
22:34मैं तो समझ नहीं बाहरी कि क्या सोच के तुम आहाँ जाके हाँ कर आये हो?
22:38खेर, अब तो हाँ कर दिया, अम्मा.
22:44कोई फाइदा नहीं सब के बारे में सोचने का.
22:47ज़रूरी बात यह है कि अशर का मुझ ठीक हो गया,
22:51हमारी सजल को लेने आ रहे हैं, एक भाई से बड़के क्या चाह सकता?
23:00करहमाद.
23:01मगर क्या अम्मी, आप ही तो कहती थी कि शादी करो,
23:04अब जब कह रहा हूँ तो आपको क्या एतिरास में?
23:08शादी के लिए कहा था मैंने, खुदकुशी करने के लिए नहीं,
23:13उस लड़की से शादी करना खुदकुशी करने के बराबर है,
23:16वो मामेट्या तनी तेज और चलाक है, ऐसे रिषने किये जाते हैं,
23:20जमदस्ती करके.
23:22क्या हो गया अम्मी, सजल भी उसी घर में है?
23:26सजल का शोहर एक अच्छा आदमी है,
23:28लेकर उसकी सास और नन्त, तोबा, तोबा, किस किसम की वो अड़ते हैं?
23:34सजल के सामने इस्थार की कोई बात ना करना, ठीक है?
23:36हम बाद में अराम से बात करेंगे समरे.
23:39समझ रही है मेरी बात? आ रही है.
23:42समयल.
23:47इससे की कॉल आ रही है.
23:49हाँ, अशर की कॉल. रास्ते में होगा.
23:52जी, स्लामने कुम चनाब. कहां थक पहुंचे?
23:59क्या मतलब?
24:03नहीं, मगर हम तो..
24:09ठीक है.
24:12भाई, क्या कह रहे थे ऐशर?
24:14वो नहीं आ रहा.
24:19उसने माज़रत कर दिया.
24:29उसका मूट भी ओफ था, समझ नहीं आ रही है.
24:31ऐसे कैसे हो सकते? अभी सब खीक करके आया था, मैं..
24:38आप तो नहीं गई थी उनके घर?
24:43वोच वोच रहा हूँ.
24:46गई थी.
24:49नहीं जाना चाहिए था न, आपको?
24:57सजल.. स..
25:02सजल..
25:19सजल..
25:21सजल..
25:23सजल, दर्वाजा खोलो, परिशान होने की कोई बात नहीं है.
25:27मैं बात करूँगा न, ईशर से.
25:29सब सही हो जाएगा, तुम प्लीज..
25:31प्लीज बाहर आ जाओ.
25:34हमार भाई जाये यहाँ से, मुझे किसी से बात नहीं करनी.
25:36सजल, अम्मी बहुत परिशान हो रही है.
25:39प्लीज दर्वाजा खोल दो, सजल.
25:41आप जाये, किसी को परिशान होने की ज्योंती है.
25:44मैं किसी के सामने नहीं आओगी.
25:46मैं कुछ नहीं करूँगा, अप जाये अभी यहाँ से.
25:53ठीक है.
26:06उस्ट्राइट उस्ट्राइट
26:28उस्ट्राइट हैählt भाई
26:31यह वक्त है घ़राने का?
26:33शरीफ लिड़कियां इस वक्त आती हैं घ़रपे?
26:36भाई, काम करती हूँ.
26:37देख सबेर तो हो जाती है.
26:39आज रश्वी बहुत था.
26:42ठीक है.
26:43तो फिर कल से तुम काम पर नहीं जाओ.
26:46नहीं, भाई, मैं कोशिश करूँगे
26:47कि मैं कल से जल्दी आ जाओ.
26:49कहा ना ये जॉब तुम्हारे लिए ठीक नहीं है.
26:51किसी सलोन वग़ारा में देख लो.
26:56भाई...
26:57लोग सवाल करते हैं, इजद का मामदा है,
26:59मुझे जवाब देना पड़ता है.
27:00समझो बात को.
27:17वो...
27:39पैसे ले रहे थे, किसी से.
27:41तंखा मिले तो वापस कर दें.
27:43पहले दो तीन के गुधार हैं सरपे.
27:46किसे लूँ, किसे मागू?
27:48कोई देगा भी नहीं.
27:50ये तो ज़रूरी है.
27:52और चीज़ों के बग़ायर गुधारा मुम्किन है, लेकिं
27:56कल पिल जमा कराने के आख़नी तारीफ.
27:58कल पिल जमा कराने के आख़नी तारीफ.
28:00जानता हूं, लेकिन समझ में नहीं आ रहा.
28:04पहले इसी तंखा में सब पूरा हो जाता था.
28:07जिस हईसाब से महंगाई बढ़ रही है,
28:10आपकी तंखा तो जूग ही तू हो.
28:25भाई?
28:29ये पैसे रही जाए?
28:36कहाँ से आये ये पैसे तुम्हारे पास?
28:39तुम्हें तो लॉकली करते हुए अभी दस दिन नहीं हुई?
28:44जी, सेलरी तो नहीं आए अभी.
28:47लेकिन ये...
28:48किसने दिये?
28:50नहीं, किसी नहीं दिये.
28:52देखो माम, सच सथ बताओ.
28:55कहाँ से आए ये पैसे?
28:56भाई, मैं...
28:58मैं कोसमेटिक सेक्शन में काम करती हूँ, तो...
29:01उस कम्पिनी के प्रोड़ेक्स मैंने...
29:02टार्केट से जाधा सेल कर लिए, तो...
29:05ये उसका कमिशन है.
29:07जितने प्रोड़ेक्स सेल करूँगी...
29:09हर हाफ़ते उस हिसाप से मुझे कमिशन मिलेगा.
29:13तो ये वो है.
29:14यानि तुम चाहती हो कि जो काम मुझे पसंद नहीं है...
29:17उसके मैं तुमसे पैसे लूँ, हाँ?
29:19भाई...
29:20ये...
29:22मेरी मेहनती कमाई है.
29:24कितनी दभा कहा है, छोड़ दो ये काम.
29:26नहीं पसंद मुझे तुमारा ये काम करना.
29:30बन्दा किसी स्कूल में पढ़ा लेते है...
29:32जिसमें कुछ इज़ब भी है.
29:34इस काम में भला क्या इज़ब?
29:38कोशिश करी हूँ...
29:40कहीं और नौकरी मिल जाए.
29:43लेकिन...
29:43जब तक नहीं मिलती...
29:46तब तक तो यहाँ काम करना पड़ेगा न?
29:48अभी...
29:50जरूरत भी तो है.
29:54अरे ठीक ही तो कह रही है...
29:56रख ले...
29:58जरूरत के वाक्त अपने काम नहीं आएँगे...
30:00तो क्या...
30:01फैर आके जरूरत पूरी करेंगे?
30:03आ, लेकिन...
30:03लेकिन, लेकिन, कुछ नहीं...
30:05आखरी तारीख है कल बिल जमा कराने के...
30:07बिजली कट गई तो...
30:08कौन दफ़तर के चक्कर काटता फिरेगा?
30:13हाँ...
30:14ठीक है...
30:16लेकिन, उधार के तोर पर ले रहा हूँ यह पैसे...
30:21और तुम कोई...
30:22और काम डूंडो...
30:25जी भाई...
30:36ये ले...
30:37जमा करा दियेगा फिर...
30:56सजल...
31:01तुम इतनी बुरी तरीके से रो रही थी...
31:03मुझसे तो रहा ही नहीं गिया...
31:05मैं फ़ूरन आ गई...
31:06सजल, क्या हुआ है?
31:08हमाद भाई ने अशर से कुछ कहा है क्या?
31:11कोई जगडा हुआ है?
31:12क्या हुआ है?
31:13कुछ तो बोलो...
31:14खामोश क्यों हो?
31:15क्या जरूरत थी आपको मेरे ससुराल जाने?
31:18क्यों आप लोग वहाँ गए हो...
31:20किसी और कनासी अपनी बेहन क्या सोच लेते?
31:22मेरा तो कोई सोच लेता...
31:24सजल...
31:25तुम्हें लगता है कि मैं और अम्मी...
31:27तुम्हारी सुस्राल में जाके...
31:28खुदाना फ़ूरस्ता ऐसी कोई बात करेंगे...
31:31जिससे तुम्हें आगर जाके कोई परिशानी हो...
31:33तुम सोच भी कैसे सकती हो ऐसा...
31:35तो फिर रशर ने मना क्यूं किया हमाद भाई को...
31:37जब हमाद भाई ने उन्हें खाने पर बुलाया...
31:41वो आते तो मुझे अबने सास लेकर जाते न...
31:46तुम्हें पता है तुम्हारी सास ने उल्टा हमें कितनी बाते सुनाई है...
31:49और तुम्हारी बढ़ाया अलग कर रही थी हमसे...
31:51हमाद भाई और फरीन के रिष्टे को लेकर...
31:54और फरीन आपी...
31:55उन्हेंने कुछ नहीं कहा...
31:56वो क्या कहेंगी...
31:57वो तो मिली भी नहीं हमसे...
31:59क्या मतलब...
32:01भाई जब हमने उन्हें कहा कि बुलाये फरीन को...
32:03तो वो तो कहने लगी कि...
32:05फरीन तो सो रही है...
32:07और पता है...
32:08जब हम घर से बहार निकल रहे थे न...
32:10तो वो तो किसी गाड़ी से उतर रही थी...
32:12बनी ठनी...
32:13घर के तरफ जा रही थी...
32:15मैं और अम्मी तो खुद...
32:16तुम्हारी सास के इस जूड से न...
32:18बहुत हरान हुए...
32:21इतनी अजीब बात है...
32:24सरचन...
32:25तुम उस घर में रहती हो...
32:27तुम्हें तो अन्दाजा होगा न...
32:29अपनी नन्द के बारे में...
32:30कि वो किस किसम की लड़की है...
32:32कैसे मजाज की है...
32:37मुझे लगता है कि उसको...
32:38तलाग बिला वज़ा नहीं होई...
32:40ठीक कहे नहीं आओ...
32:42वो जैसे बाहर से दिखती है न...
32:43अंदर से बिल्कुल वैसी नहीं है...
32:45और आंटी...
32:46आंटी तो उनके हर इशारे पर चलती है...
32:48जैसा वो कहती है न...
32:49आंटी बिल्कुल वैसा ही करती है...
32:51और अशर... अशर भी उनके हर बात मांते है...
32:55अशर... तुम...
32:57प्रेशान मत हो...
32:58कुछ भी नहीं होगा...
33:00पता है...
33:01अशर... तुम्हारे साथ कभी भी कुछ गलत नहीं कर सकते...
33:04तुमसे बहुत प्यार करते है...
33:08और रही बात...
33:09हमान भाई और...
33:10फरीन के मामले थी तो उसे...
33:13यही ख़तम कर दो...
33:15समझ रही हूँ न मेरी बात...
33:17अशर रो न...
33:18तो बन करो...
33:19अशर नहीं रोते...
33:35अस्थाओने कुम...
33:36वाले कुम अस्थाओने...
33:39अलीजे कौन है...
33:42भाई ये लोग...
33:45अस्थाओने कुम...
33:46अस्थाओने कुम...
33:47तुम तो...
33:48वो न... जो उस दिन...
33:49ठाने में थे...
34:04वो...
34:05अशर भाई...
34:06ये...
34:07ये मेरे फालिद है...
34:09मैं...
34:10इनको आपसे मिलवाने लाया...
34:19किसलिए...
34:21तुमारी वज़ासे...
34:22जो कुछ हम भुकाच चुके है न...
34:23वो काफी है...
34:25तुम्हें यहाँने के जुरोध नहीं थी...
34:26जाओ यहाँसे...
34:27नहीं आंटी...
34:28आप प्लीज मेरी बात सुन ले...
34:29मैं जानता हूँ...
34:30उस दिन के वाकिया के बाद...
34:32आपके दिल में...
34:33मेरे लिए नराज गी है...
34:34लेकिन...
34:35ऐसा कुछ भी नहीं है...
34:36जैसे आप सोच रहे हैं...
34:46ये किस वाकिया की बात कर रहे हैं...
34:54जी...
34:55मैं अपनी बेहन को भेच कर...
34:57माफि...
34:58मांग तो ली थी...
34:59मामला तो उसी वहाँ...
35:00ख़तम हो गया था...
35:01आपको यहाँ नहीं क्या जर्वत थी...
35:03मैं तो कहती हूँ...
35:04आप अबी जायें यहाँ से...
35:06ठीक है अम्मी...
35:07आप...
35:08प्लीज...
35:10तुम्हारी बेहन...
35:11तुम्हारी कौन सी बेहन है...
35:13माफ कीज़ेगा...
35:14मेरी कोई बेटी नहीं है...
35:15तो इसकी बेहन कैसे हो गया...
35:29मुनासिब होगा...
35:30के कहीं हम...
35:31अंदर बैट कर बात करें...
35:33क्योंके जो बात करने हम आये हैं...
35:35वो यहाँ खड़े-खड़े नहीं कर सकते...
35:48जो भी बात करने है...
35:49आप यहाँ खड़े-खड़े कीज़े...
35:50बताये ये क्या बात है...
35:52घर आया...
35:53कोई गया गुज़रा इनसान भी हो...
35:54तो उसके साथ...
35:55ऐसा सुलूप नहीं किया जाता...
35:57आप लोग तो पड़े-लिखे लोग मालूम होते हैं...
35:59फिर भी ऐसी बद दिखला की...
36:01ये तुम किल लोगों से रिष्टा...
36:03जोड़ने जा रहे हो...
36:05रिष्टा...
36:07क्या मतलब...
36:08कौन सा रिष्टा...
36:15मैं अपने बेटे समीर के लिए...
36:17आपकी बेहन...
36:18फरीन का हाथ माँगने आया हूँ...
36:32आपका दिमाग जगा पर है...
36:33आपकी हिम्मत कैसे होई...
36:34मेरी बेहन के रिष्टे की बात करने की...
36:36अशर भाई... प्लीज...
36:37कुछ ऐसा मत कहिएगा...
36:38तुम तो चुप रहो...
36:39और मुझसे तालुकात बढ़ाने की...
36:42और अगली जो भी बात कहोगे न...
36:43बहुत सोच समझ कर करें...
36:45पलके कोई बात करने की ज़रूरत नहीं है...
36:47जो कहना था... कह चुकें...
36:48वो दर्वाजा है...
36:49चलते हैं न सरव...
36:50चलो...
37:00ये किन बद इखलाक लोगों में...
37:02ले आये हो तुम मुझे...
37:04तुम तो कह रहे थे...
37:05लड़की रजा मंद है...
37:15खबर दर...
37:16मेरी बेटी का नाम...
37:18अपनी जबान पर हर किसमत लाई कराना...
37:21पहले ही न...
37:22आपके बेटी की वज़य से...
37:23मेरी फरीन का घर तमा हो गया...
37:34अम्मी...
37:36आप इसे पहले से जानती हैं क्या...
37:46ये क्या कह रही है...
37:49फरीन तुम कुछ बोलो न...
37:50बोल क्यों नहीं रही हो...
37:53सबको बताओ कि सच्छाई क्या है...
37:55बताओ कि मैं पहले भी...
37:56तुमारा रिष्टा मांगने के लिए आया था...
37:57और...
37:58और इन्होंने मुझे...
37:59खाली हाथ चलता किया था...
38:04ये सब जानते हुए भी...
38:05कि हम दोने एक दूसरे को पसंद करते हैं...
38:06जूट मत बलो...
38:08मेरी बेटी...
38:09तुम जैसे आवारा को क्यों पसंद करेगी...
38:13फरीन...
38:15देखो तुमें सबको सच बताना होगा...
38:17मैं...
38:18मैं यूझे नहीं आया यहाँ पर...
38:20तुम चुब क्यों हो...
38:21फरी...
38:23फरी इधर आओ...
38:24इधर आओ...
38:28बताओ...
38:29ये जो कह रहा है...
38:30सच कह रहा है क्या...
38:31बोलो...
38:32भाई...
38:33वो...
38:34फरीन देखो...
38:35जूट मत बोलना...
38:36अगर तुमने...
38:38तुम चुब करो समीर...
38:40लड़की को बोलने दो...
38:41बोलो लड़की...
38:47अशर...
38:48निकालो इन दोनो को...
38:49जूट बोल रही है...
38:51फरीन पर जूटा ऐजाम लगवा रहे है...
38:53निकालो इनको...
38:54अम्मी...
38:55बस...
38:56मुझे बात करने दे पहले...
38:59अम्मी...
39:00फरीन पर जूटा ऐजाम लगवा रहे है...
39:02निकालो इनको...
39:03अम्मी...
39:04बस...
39:05मुझे बात करने दे पहले...
39:13फरी बोलो...
39:14जल्ली बोलो...
39:17भाई...
39:18वो आया था रिष्ता लेकर मेरा...
39:20लेकिन अम्मी ने मना कर दिया...
39:22शादी कर वा दी...
39:23अपने मेरे हैस्त के साथ.
39:33सब आपका खुसूर है, अम्मी.
39:53सब आपका खुसूर है, अम्मी.

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