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  • 2 years ago
Teray Janay Kay Baad Episode 17 21 August 2024 ARY Digital Drama - 1080

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00:00वो केट्रिंग वाला आया था न उसको पैसे देने तो मैंने बहुँ को बताया तो बहुँ ने देना शुरू कर दिये
00:10अच्छा थोड़ी लगता है कि मैं अपनी बहुँ से पैसे लूँगा
00:16अगर आंटी आपने उधेत अम्मी तीक कह रहे हैं आप अपने संभाल के रुके
00:22आप खुद देखे जो लोग आज ऐसा कर सकते है वो कल को क्या कुछ नहीं कर सकते
00:28अरे जब मैं कह रहा हूँ ऐसा कुछ नहीं होगा बद्गुमान होने की कोई जुरूरत नहीं है
00:32अब तो चला गया है ना वो आप मज़ीद तफ्तीश करके बात को मत बिगा रहे है
00:38अगर आपने संभाल के रुके आप खुद देखे जो लोग आज ऐसा कर सकते है वो कल को क्या कुछ नहीं कर सकते
00:44अगर आपने संभाल के रुके आज धेखे जो लोग आज ऐसा कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं कर सकते है वो कुछ नहीं
01:14कर सकते है
01:44भाभी
01:46वैसे आपको खयाल होना चाहिए था
01:48यू माँ को कौन बूलता है
01:50माँ जी मुझे आइडिया नहीं था
01:52वैंना मैं अश्टर से जरूर
01:54कैसे आइडिया नहीं था
01:56आइडिया होना चाहिए था ना
01:58भाई जिन माँ के बेटे परदेस में रहते हैं
02:00उन माँ के लिए बेटे के साथ
02:02एक एक लमहा बहुत कीमती होता है
02:04पर आप कहां समझेंगी ये सब
02:06आपको तो बस अपनी खुशी की पढ़ी थी
02:08वो मेरी भी तो माँ जैसी है
02:10माँ जैसी होने में
02:12और माँ होने में
02:14जमीन आस्मान का फर्क होता है
02:16अम्मी ने सुबा से कुछ नहीं खाया था
02:18उनका बलट प्रेशा इतना लोग गया था
02:20मुझे तो लग रहा था हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ेगा
02:22वो अशर को लेकर
02:24बहुत हसास है भाभी
02:26जी
02:28मैं ऐदा खयाल रखूंगी
02:32वैसे
02:34उसूलन तो
02:36आपकी अम्मी को हमें भी इंवाइट करना चाहिए था
02:38ये क्या बात हुई कि
02:40सिर्फ बेटी और दामाद को बुला लिया उन्होंने
02:42वो तो अशर ले गय थे
02:44लेकिन आप लोग के लिए अलग से
02:46अम्मी दावट का एतमाम करेंगी
02:48जाहर है अशर का ही
02:50कार्णामा हो सकता था यह
02:52वो तो बिलकुल ही पराया हो गया
02:54उसको हमारी फिकर ही नहीं है कोई
02:56आप जानती थे हम आपका कितना
02:58ख्याल रखते हैं
03:00ख्याल रखता था
03:02और मेरी बात सुनो
03:04ये तुम बाद-बाद पर
03:06मुझे बाजी क्यों बुलाती हो
03:08हम दोलो कोई करीब की
03:10उमर के हो गे
03:12बाजी मत बुलाय करो मुझे
03:14जी वो अशर नहीं कहा था मुझसे
03:16अशर तो कुछ भी कहते रहता है
03:18मुझे बाजी बाजी नही पसन
03:20मुझे मत बुलाय करो
03:22अッच्छा नहीं लगता
03:24चरसा.
03:54मुझे लगता है हमें अम्मी को साथ लेकर जाना चाहिए था.
03:58मुझे भी ख्याल नहीं आया और उन्होंने भी नहीं कहा.
04:24हाँ, जो हुआ वो ठीक तो नहीं था.
04:28अगर आप फ़िकर न करें.
04:30मैं आएंडा फूरी कोशिश करूँगी कि ऐसा ना हो.
04:38सजल, आपको शायद idea ना हो.
04:41लेकर अम्मी ने हमें बहुत दोख और तकलीफें छेल कर बड़ा किया.
04:45अम्मी को थोड़ी सी भी तकलीफ होना तो,
04:48तो मुझे से बढ़ाश नहीं होता.
04:51मुझे ऐसा लगता है कि,
04:53जैसे मेरा सान्स उखड जाएगा.
04:57इसलिए मैं, मैं अमीद करता हूँ कि,
05:01आप अम्मी का बहुत ख्याल लखेंगी.
05:02इसलिए मैं, मैं अमीद करता हूँ कि,
05:05आप अम्मी का बहुत ख्याल लखेंगी.
05:08देखें सझल, अगर अम्मी खुश और मुत्माईन रहेंगी ना,
05:12तो हमारी जिन्दगी में भी सकून रहेगा.
05:15जी.
05:18सझल, मैं,
05:20मैं अपनी भेन और अम्मी को,
05:21मैं अपनी भेन और अम्मी को, उत्तमाम खुशियां देना चाहता हूँ.
05:25जिसके उन्होंने कभी खाइश की, लेकिन,
05:28लेकिन सही वक्त पर हासिल ना कर सके.
05:33ये सब कुछ करने में,
05:35आप मेरे साथ देखेंगी ना?
05:37जी, ऐशर,
05:38ऐशर, मैं हमेशा आपके साथ हूँ.
05:43देक्यों.
05:47ये आज जो हुआ ना, वो गलत हुआ.
05:51अम्मी को इतना डाउन देखकर, मुझे बहुत किल्ट हुआ.
05:54इससे नहीं होना चाहिए था.
05:58आएंदा, हम दोनों गोशिश करेंगे के,
06:01ऐसा फिरसे कुछ ना हो.
06:09ये लो भाई.
06:11अरे, बिल्कुल ठीक टाइम पे चाई लाई है,
06:14बहुत तलब हो रही थी मुझे.
06:17तंग आ गई हूँ मैं इन कामों से अब.
06:20ले आओ कोई, अपने लिए चाई बनाने वाली.
06:23एक चाई के कब के लिए नोकर लेकर आओ मैं.
06:26नोकर?
06:27मैं नोकर की बात नहीं कर रही हूँ बुद्धू.
06:30बीवी की बात कर रही हूं.
06:33नहीं, नहीं, नहीं, मैं, मैं खोड़ सीख लूँगा ना.
06:36कोई, कोई मसले की बात नहीं.
06:38नहीं, तुम क्यों सीख होगे?
06:40अपनी बीवी से बनवाना.
06:41बीवी की बात कर रही हूँ.
06:44नहीं, नहीं, नहीं. मैं..
06:46मैं खुद सीख लूँगा, ना.
06:47कोई.. कोई मसले की बात नहीं.
06:49नहीं, तुम क्यों सीखोगे?
06:50अपनी बीवी से बनवाना.
06:52एक चाय के कब के पीछे
06:54कितना मुश्कल काम करवाने जा रही हैं आप मुझ्से?
06:57पिते, हर काम अपने वक्त पर हो जाये ना, तो चीक रहता है.
07:01एक बात बताएं,
07:03ये एक दम से इतनी जल्दी कैसे पड़ गी आपको मेरी शादी की?
07:06अभी कुछ देर पहले तो
07:08सजल की जिम्मेदारियों से फारग हो, मुझे कुछ वक्त तो दे.
07:12इसलिए कहरिया हमाद,
07:14अब दोना बेने अपने घरों की हो गई हैं,
07:18सब की जिम्मेदारिया तमने एक बाप बन कर अदा किया है,
07:20तो फिर अपने बारे में भी सुचो.
07:24अबी मुझे कोई जल्दी नहीं है, अम्मी.
07:25आ, लेकिन मुझे तो है जल्दी.
07:29मैं चाहती हूँ कि तुम्हारा घर भी आबाद हो जाएँ.
07:33फिल्हाल मेरा कोई इरादा नहीं है, अम्मी.
07:36तो अब नहीं करोगे, तो कब करोगे?
07:41मेरी जगापर आकर देखो न.
07:54लेकिन फिल्हाल आप मेरा अर्मान पूरा करें
07:56और ये शोओ देखें मेरे साथ, बहुत मज़दार है.
07:59चाहिए, चाहिए तो पकड़ें.
08:03हाँ, हाँ, आना न तुम, चकर लगाना.
08:09हाँ, अभी तो बहुँ का हाथ खीर में भी तो डलवाना है.
08:12आपको पड़ें पड़ें.
08:15हाँ, इसी अफते ही करूँगी.
08:18भाई, सारी जिन्दगी मैंने घर समाला है.
08:21सारे काम खुद की हैं.
08:22अब बहुँ आई है न, समालने के लिए.
08:24अब तो किचन के काम वोही समालेगी.
08:27हाँ.
08:30बिल्कुल आसा ही है.
08:31अच्छा, सुनो, मैं तुम्हें करती हूँ बादे फ़ौन.
08:34ये फरी को कोई ज़रूरी काम है, इसको देख लूँ मैं.
08:39हाँ, हाँ, मैं भी चक्कर लगाओंगी.
08:42चलो, ख़दा आफिस.
08:45क्या आफत आ गई है? हाँ?
08:47दो मिनट सकून से बैट नहीं सकती, बात नहीं कर सकती मैं.
08:50यहाँ बहु के हाथ खीर में डलवाने के जो प्लैन बना रहे हैं,
08:54उनका कुछ नहीं होने वाला.
08:56क्योंकि वो बैटके अपनी प्लैनिंग कर रही है.
08:58क्या मतलब?
09:00फ़री, कभी पूरी बात नहीं बताना ढंसे, है?
09:03बता, आपका बेटा और बहु उपर बैटके खयाली प्लाओ बना रहे हैं.
09:08मतलब?
09:09अरे, खुछ चल के देखे ना, आए.
09:13खयाली प्लाओ बना रहे हैं, प्लैनिंग कर रहे हैं.
09:30कहाँ जाने की तयारिया हो रही हैं, बेटा?
09:34खुछ चल, अम्मी.
09:35वो हनिमून की प्लानिंग कर रहे थे
09:37कि कहाँ जाना चाहिए.
09:44हनिमून, इतनी चल्दी?
09:47हनिमून, शादी के फ़ारण बाद ही होता है, ना?
09:5010-20 साल बाद तो नहीं होता.
09:51नहीं, मेरा मतलब ये थोड़ी है.
09:54मैं तो बस कहना चाही थी
09:55कि शादी के दिनों में इतनी ठकन हो गयी है, तो..
09:58आप ठीक कहा रही है, अम्मी.
09:59लेकिन मैं ये सोचा था
10:01कि अब थोड़ी सी छुटियां रह गई हैं, तो
10:04ये भी हो जाता, तो अच्छा ही रहता.
10:06हाँ, तो इसलिए तो कह रही हूँ.
10:08तुम्हारे जाने में दिन ही कितने रह गए.
10:10इसलिए थोड़े दिन साथ रह जाओ, हमारे..
10:13कैसे ही बातें कर रही है, अम्मी?
10:15इतने दिन से आपलोगों के साथ ही तो हूँ मैं.
10:18तो क्या मतलब है? अब साथ नहीं रोँगे क्या?
10:21मैंने ऐसा ख़पका, अम्मी.
10:23आप कहां की बात कहां पहुंचा रही है.
10:26हाँ, बस नैने लग रहे हो.
10:30नैने ऐसा लग रहों का क्या मतलब है, अम्मी?
10:32मतलब है, अम्मी. ड्राइ क्लीन ओके थोड़ी आया हूँ.
10:34शादी हुई है.
10:36थोड़े बदले-बदले लग रहे हो, बेटा तुम.
10:39पुरानी वाली बात नहीं लग रही तुम मैं.
10:42सब ठीक है, अम्मी. ऐसा कुछ भी नहीं है.
10:44प्लीज.
10:45अरे वाद, तुम लोग खूमने पड़ने की तियारी कर रहे हो?
10:50मैं, मुझे भी बहुत चौक था हनी मून पर जाने का.
10:53पर आयाज इस किसम का था ही नहीं.
10:56क्या मतलब, किस किसम का?
10:58मतलब, ऐसे गुमाने फिर आने वाला.
11:02लेकिन, तुम बहुत लखी हो.
11:04मेरा भाई अपनी बीवी का कितना ख़याल रख रहा है.
11:07आपी, भाई कौन सा कम लखी है?
11:10इतनी प्यारी बीवी में भी हो रहे है.
11:18सिर्फ दो ही चाय बनाई है तुमने.
11:20मेरे लिए कौन बनाएगा?
11:22नराज क्यों हो रही है?
11:23अपनी मुझे बनाई है, ले आती हूँ.
11:25जाओ, जुल्दी जाओ.
11:28लाओ मुझा वो दिखाना जरा.
11:31वैसे तुम कहीं बाहर गई हैं, इससे पहले.
11:48घजब हुदाका, अब भी लाकरों रोपे उचार के शादी किये उसना है.
11:53अगे आगे देखिये, होता है क्या?
11:56मुझे कोई ये बात समझाते.
11:59ये ह़ाँजारों रूपे जाया करके
12:00पहार देखने जाने की क्या तो बनती है?
12:03मैंने तो आपसे बोला था.
12:05आपका बेटा आपके हाथ से गया.
12:08सवाल ही पैदा नहीं होता.
12:09आप घर भी क्या लेगी?
12:12होता तो वो ही है, जो अशाड चाहता है.
12:16नै क्या आप एक रोक में वोस्ते,
12:19अगर नाइसार की गबरीरारण है,
12:20अपने भी दूसर्थारी साथ बेड़ा हूँ है?
12:23नूसर्थारी साथ?
12:24अगर कहती हैं तो मान लेते हैं.
12:28तुम देखना, मैं करती क्या हूँ?
12:33आप घर भी क्या लेगी?
12:35होता तो वो ही है जो अशर चाहता है.
12:37नहीं.
12:40हव वो होगा, जो मैं चाहूँगी.
12:43चले, वो भी देख लेते हैं.
12:46देख लेना तुम.
12:48क्या हो गया है, अम्मी?
12:49भाई को अच्छा अपनी खुशी मनाने दें.
12:52इतनी परिशानी वाली कौन सी बात है?
12:55तुम्हारे लिए ही परिशान हो रही हूँ मैं.
12:57मेरे लिए क्यूं?
12:59मेरा जिकर कहां से आ गया बीच में?
13:01तुम्हारी शादी के पैसे कब जबा करूँगी मैं?
13:05मेरी शादी कौन साथ फ़ौरण होने जा रही है?
13:09या अल्ला!
13:11तुने मुझे सारी उलादें बेवाकूफ और कमकल क्यों दियें?
13:18कुछ भी हो जाये.
13:21मैं अपने बेटे को
13:23वो कल की आयी भी लड़की के हाथों खिलो राणी बन दे दूँगी.
13:35ऐसा तो भी रोता है न?
13:38हाँ, हाँ, हाँ. अल्ला गुड़.
13:40चालू.
13:41ठीक है, मैं करता हूँ बात.
13:42ओके, अल्ला अफिस.
13:50दाइक यू.
13:53मैं सोच रहा था काश आपका पासपोर रेड़ी होता,
13:55तो हम फ़ुरण भार चली जाते हैं.
13:58हनिमुन पर जाना इतना जरूरी तो नहीं है.
14:03क्या मतलब?
14:05आप नहीं जाना चाहती हैं?
14:07नहीं, ऐसा नहीं है,
14:08बग़े मुझे ऐसा लगता है कि पैसे जाया करने विली बात है.
14:11आपका दिल नहीं करता कि मेरे साथ कहीं अकेले जाएं आँगे?
14:16करता है, लेकिन...
14:19लेकिन?
14:22घर में रहना जादा पसंद है मुझे.
14:25और वैसे भी कुछ तिनों में
14:27हम शार्जा चले जाएंगे तो बहाँ से कहीं आगे चले जाएंगे, इपनी क्या जल्दी है?
14:42क्या हुआ?
14:43नहीं, कुछ नहीं.
14:46मैं नहीं चाहता.
14:48एक अजीब सी फिलिंग है, एक अजीब सी अहसास है,
14:51समझ नहीं आता.
14:54कैसा अहसास?
14:56यही कि आप शायद दिल से खुश नहीं.
15:00नहीं, अहसास, ऐसी कोई बात नहीं है, सच में.
15:05आप बहुत नहीं?
15:07जी, शादी के बाद एजेस्ट होने में वक्त तो लगता है, ना?
15:12एजेस्ट होने में वक्त लगता है, मुझे तो कोई वक्त नहीं लगा.
15:16तो आपने क्या छोड़ा है शादी के लिए?
15:19तो आपने क्या छोड़ा है शादी के लिए?
15:23मतलब, लड़कियों के लिए मुझ्किल होता है अपना घर, कम्रा,
15:29अम्मी, बाजी, भाई, और...
15:34और?
15:36और कोलेज के फ्रेंड़, कोलेज.
15:40आप लड़कों को तो कुछ भी छोड़ना नहीं पड़ता है,
15:42इसलिए ये बातें भी आपको समझ नहीं आयेंगी.
15:47मुझे एक बात बताईगे,
15:49आप से किस्से ने कहा कि आपको इन सबको छोड़ने की ज़रूरात है?
15:52अपनों से नहीं.
16:23मैं चेंज कर लेता हूँ, फिर चलते हूँ.
16:24कहा?
16:25शॉपिंग करनी थी ना, आपके गर्म कपले और जूते.
16:29ठीक है.
16:30आता हूँ.
16:52उम्रे?
16:54जी बाबी!
16:57तोम्हारी आज मीटिंग नहीं थी?
16:59मैं मैं आज मीटिंग से दिनाई चाहती हूँ,
17:01जब पास्य के मासे ठीक है,
17:04मुझे बाद बाड़ चाहती है,
17:07जो आपको में क्या प्रतरी थी?
17:08मैं मुझे बाद बाद काती हूँ,
17:10अब तो ये तन्हाई लगती सजा...
17:15ओमेर्...
17:17जी बाबी...
17:19तुम्हारी आज मीटिंग नहीं थी?
17:23थी...
17:25तो फिर गये क्यों नहीं?
17:28दिल नहीं किया...
17:30दिल नहीं किया?
17:33मगर क्यों?
17:35हिम्मत ही नहीं हो रही था...
17:37नहीं, बेहिम्मत तो तुम कबे भी नहीं था...
17:40वक्त के साथ...
17:43मैं भी बदल लिया हूँगा...
17:45खलत बात...
17:48देखो, जो ज़िन्दगी में हो गया ना...
17:50उसे बुलाकर आगे वरो...
17:52हम्... चलो...
17:54आगे अब कुछ दिखाई नहीं रही था भाभी...
17:57हमेर, ये बाते न... तुम्हारे मूँँ से बिल्कुल भी नहीं अच्छी लगती हुँजे...
18:02मुझे भी नहीं अच्छी लगती...
18:07चलो, मुझे बाता है...
18:09ज़िन्दगी में नहीं लगती हूँगा...
18:10गुलगॊ...
18:12घड़ा बोलगै...
18:15मैं नहीं आता है...
18:18मुझे वाला अगर मुझे क्या न करना था...
18:22मैं पर कनते अच्छी हुँजे भी है...
18:23मैं क्या बोला ज़िन्दगई, मैं वो अच्छा आता हौँ...
18:30न उसको अच्छा ताहते हेँ, है रिया...
18:32अच्छा, चल ठीक है. मैं थोड़ी देर में आता हूँ.
18:38किसका फोन था?
18:40रेहान का.
18:42मिलना चाहता है.
19:02अच्छा, चल ठीक है. मैं थोड़ी देर में आता हूँ.
19:33भाई.
19:35क्या हुआ, अलीजे?
19:38आ रहा हूँ. अलीजे, एक मिनित.
19:42भाई.
19:44भाई.
19:46भाई.
19:48भाई.
19:51भाई.
19:53भाई.
19:55भाई.
19:57भाई.
19:59भाई.
20:00अलीजे, एक मिनित.
20:05एक मिनित, एक मिनित.
20:06क्या हुआ?
20:07भाई, आप मेरे साथ चल्दी से चले.
20:09हुआ क्या है?
20:10अम्मी, बात्रूम में किर गई है. चल्दी चले.
20:31तेरा रस्ता देख देख के
20:36पत्थर हो गई अगिया
20:54कैसी तबियत है अम्मी, आपकी अब?
20:57ठीक नहीं है, बहुत दर्ध है.
21:00सारी राथ तकलीफ में रही हूँ मैं.
21:03एक मिनित के लिए भी आँक नहीं लगी.
21:06मेरी डॉक्टर से होई थी बात.
21:08उसने कहा है कि आप मैड़ेसिन लेंगी,
21:09टेस्ट करेंगी तो ठीक हो जाएंगी.
21:12अबी नहीं है ना मोज, तो थोड़ा पेन तो होगा.
21:15लेकिन अशर, दवाएं तो खा रही हूँ मैं,
21:17लेकिन कोई फायदा ही नहीं हो रहा.
21:25मैं तो बस ये सोल सोच के परिशान हो रही हूँ के
21:29घर कैसे समलेगा?
21:31किचन का काम कौन करेगा?
21:33मैं तो बहुत आची होके रह गई.
21:36आंटी, आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हैं?
21:39हम लोग हैं ना.
21:40और अशर, हम लोग अपना प्लान कैंसल कर देते हैं.
21:43ट्रिप पर तो फिर कभी भी जा सकते हैं.
21:46हाँ, ठीक है. हम ट्रिकेट्स की डेट्स आगे करवा लेते हैं.
21:49हम बाद में चले जाएँगे. अम्मी, कोई मसला नहीं है.
21:51नहीं, नहीं. ट्रिकेट्स क्यों कैंसल करवा रहे हो?
21:53मैं हूँ ना यहाँ पर.
21:55पर अकेले आप अम्मी का ख्याल कैसे रखेंगे, फरी?
21:59इसमें क्या मसला है?
22:00मैं हूँ, अलीजे है, हम दोनों मिलके समाल लेंगे.
22:08नहीं, फिर भी ऐसे मुनासिब नहीं लगता जाना.
22:12अरे, तुम लोग बिल्कुल फिकर मत करो.
22:15तैंक्यू, फरी.
22:17बस हमिश्या याद रखना,
22:18कि तुम्हारे मुश्किल वक्त में तुम्हारी बेहनी काम आती है.
22:22तो ये कुछ बुलने वाली बात थोड़ी है, फरी.
22:24याद है मुझे.
22:27अम्मी, आप रेस्ट करें.
22:28मैं डॉक्टर से भी दुबारा बात करता हूँ.
22:30तो बेटा कोई मैडिसेंज चेंज कर दे.
22:32ठीक है?
22:33चल.
22:40तो बेटा मेरे लिए चाय बना के लिए कराओ. चाओ.
22:44नीन आ रही है.
22:51ये कौन साथ ड्रामा कर रही है तु?
22:53हाँ?
22:54क्या.. क्या हुआ है?
22:56तु जो ये खेल खेल रही है,
22:58साब समझ में आ रहा है मेरे.
23:01कौन साथ खेल?
23:02साथ भोली बननी की ज़रूत नहीं है.
23:05अश्छा के सामने जो चलाकियां दिखा रही है न तु,
23:08मुझे कुछ कहती है,
23:10और उसके सामने भोली बनके,
23:12उसकी हिमायती बन जाती है,
23:14अखर तु जाती के?
23:16है मेरी मासूम भोली मा,
23:19कब अकल आईगी आपको?
23:22बेवकुफ कह रही है मा को.
23:24यही तो मसला है आपका,
23:26आप बढ़कती पहले,
23:28बात बादमे करती हैं,
23:29अगर मैं नहीं होना,
23:31तो आपकी ये बहुँ आपको बेच के खा जाए.
23:33ऐसा भी नहीं है,
23:34बच्ची नहीं हूँ मैं कोई.
23:37अम्मी, देखें,
23:39मैं आपको सिर्फ इतना समझाना चाहारी हूँ,
23:41कि घुसा करने से सिर्फ आपका अपना नुकसान होगा,
23:44किसी और कोई फर्क नहीं पड़ता.
23:46सच कहती हूँ मैं भाई,
23:48जाए उसमें फाइदा हो या नुकसान हो.
23:52अभी आपके बेटर ने आपको ये पाँपे खड़ाबा देख लिया न,
23:55सब सच, फाइदा, नुकसान,
23:57सब बराबर हो जाएगा आपका.
23:59ये बात और है,
24:01बेटे को काप्रों में करने के लिए ज़रूरी था ये.
24:04मैं भी तो यही कर रही हूँ,
24:06बस फर्क इतना है,
24:08कि आप खुल के सामने आ जाती हैं.
24:10और मैं, मैं प्यार महवबत से यही काम कर लेती हूँ.
24:13तो ये बोल न,
24:15अशर की नजरों में गिराना जाती है तो मुझे.
24:17यार, आपको समझ में आ गया है, बात लम्मी मत करें.
24:20लेट जाएं, इससे पहले आपका बेटा या बहु आपको देख ले.
24:23लेटें.
24:43क्या हो गया है तुम्हें?
24:44अब इतनी भी कोई हसने की बात नहीं है,
24:45जितना तुम हस रहे हो.
24:46अपनी बाते देखो. बाते ऐसी करती हो कि ऐसी रुकती नहीं है.
24:50अब ऐसी भी बात नहीं है.
24:52ऐसी ही बात है.
24:53देखो न, गर में सबको अपनी बातों में कैसे किया होई तुमने?
24:56इसके लिए न अकल होनी बड़ी ज़रूरी है.
24:58वो मेरे पास बहुत...
24:59वो मेरे पास बहुत...
25:01कोई शक नहीं है इसमें.
25:04पैसे मैं सोच रही थी कि अशर कितना खुश है अपनी हनी मून पर जाने के लिए.
25:09हूँ, और अम्मा को तुम्हारे हवाले छोड़के.
25:12तुम क्या कर रहे हो? बाहर एंजॉयमेंट कर ले.
25:15अम्मी को कौन सी बेबी सेटिंग की ज़रूरत है?
25:17वो बिल्कुल ठीक ठाक है घर पर.
25:21और अगर अशर को बता चल गया तो?
25:25कौन बताएगा अशर को?
25:28ऐसे भी सिर्फ दो गिंटे की तो बात है.
25:30उसके बाद तो वो चला ही जाएगा.
25:33फिर भी तुम्हारी अम्मा ने कुछ नहीं कहा.
25:38वो क्यों बताएगे?
25:40मैं तुम्हें बता रही हूँ न.
25:41वो बिल्कुल ठीक है.
25:42वो तो इस बारे में भी जूद बोल रहे है
25:44कि उनको चोट लगी थी.
25:45वो बिल्कुल ठीक चल फिर रहे है.
25:47बासे फरीन, एक बाद बोलू.
25:49मुझे तुम्हारी समझ में नहीं आता है.
25:52एक जगा तुम अम्मा को भढका रहे है.
25:54दूसरी जगा, तुमने अशर को बोला के,
25:56मुझे चला जाया.
26:00यही तो छीज़ा हैं, जर तुम लोग नहीं समझ सकते.
26:02Gullu, मुझे तुम्हारी समझ में नहीं आते.
26:06एक जगह तुम अम्मा को भढ़का रहे हो.
26:08दूसरी जगह तुमने अशर को बोला
26:09कि वो छला जाये.
26:13यही तो छीज़ें जो तुम लोग नहीं समझ सकते.
26:16देखो, मेरे लिए इस वक्त बहुत जरूरी है
26:19कि अशर बस मुझे पर भरूसा करेंगे.
26:50जड़ा से भी शर्म है तुम्हेरे अंदर.
26:53अपनी योगाथ है, रापू...
26:54ओ, शड़ा!
26:56ज़िस्टे आट उफिट, हटो आगे से.
27:03नहीं हटूँगा.
27:04नहीं हटूँगा, क्या कर लेगा?
27:06तुम्हारी इतनी हमात
27:08किसी यैन की बीवी के साथ
27:10आप बहटके गुल्छलने और आ रहे हैं, और बकवास करते हूँ?
27:19तुम्हारी तुम्हारी!
27:26छोड़ो, मैं इसको चीज़ से मातूँगा.
27:27मैं गुल्छलेंगे.
27:29समील!
27:41जा रहे हैं, बेटा?
27:42जी, अम्मी.
27:45बैटे, बैटे, बैटे, बैटे.
27:48छोड़ो, फैरियस्से जाओ, बेटा.
27:50नक्या, अंटी जी.
27:52अन्ला के हवाले, बेटा.
27:55भाई, भाभी, आप तो तैयार हैं जाने के लिए?
27:58आप लोग बेटे हैं?
28:00आप जाएं बाहरह दार।
28:01जाओ, बेटा.
28:02नहीं कहा, अंटी जी.
28:04अल्ला के हवाले, बेटा.
28:07भाई, भाभी, आप तो तयार हैं चाहने के लिए?
28:10हाँ, हम बस निकल ही रहते हैं.
28:11वो वरी नज़र नहीं आ रही.
28:14आप भी?
28:25आप लोग बेटाएं.
28:26आप जायें बाहर.
28:33इस्पेक्टु साहर,
28:35आपको कोई गलत फहमी होई है.
28:38आप प्लीज मेरी बात को समझने के कोशिश कीचे.
28:41देखो बीबी, काफी देर से मैं आपको सुन भी रहा हूँ
28:43और समझने की कोशिश भी कर रहा हूँ.
28:45ऐ आपसे यही तो अरस कर रही हूं.
28:48कि we...
28:49म्रे खहाङ इआ आपको अपने घार जिक कित को ब्लोाना पड़ेगा .
28:57मेरे घर से कुई नहीं आ सकता, समग्षब.
29:00दुदर, मेरे हम creates.
29:02हम...
29:04साओ, कर, कर से.
29:06घर से क्यों, घर से क्यों नहीं आ सकते है, स्पेक्टर साहब?
29:08आप, आप रुखिये, मैं इनके भाई का नमबर देता हूँ, आपको.
29:12ये, ये छुड़ग बोल रहा है.
29:13मैं इस आदमे को जानती नहीं हूँ.
29:14मेरे भाई का नमबर कहा से आएगा इसके पास, जूता आदमी.
29:17ये, इंस्पेक्टर साहब, ये कौन, ये किसका नमबर दे रहे हो तुम?
29:23समेर, कुछ कर तो ना.
29:25इंस्पेक्टर साहब, फ्रॉड है, वग जाया कर रहा है आपका ये.
29:31इसकी कौन हो गई?
29:45धाने, क्यों, क्या हुआ है?
29:47आप धाने आजाएं, सब पता चल जाएगा आपको.
29:49ठीक, ठीक है जी, मैं आता हूँ.
29:51किसका फाओन था, कौन धाने में है?
29:53ममी, फरी धाने में है, वो कह रहे हैं कि किसी केस में पकड़ा है उसे.
29:57क्या, फरी, धाने में?
30:01मैं जाकर पता करता हूँ, मैं आता हूँ, मैं जाकर पता करता हूँ.
30:15अम्मी, उन भाई गए हैं पता करने में.
30:20फरी धाने, फरी धाने में कैसे?
30:32फरी.
30:35अश्रत.
30:40फरी, तुम, तुम यहाँ धाने में क्या कर रहे हो?
30:50आप इन बीबी के भाई हो?
30:55जी, लेकिन ये, ये क्या हो, हो क्या रहा है?
30:59तमाशा हो रहा है यहाँ पर.
31:02मुझे बता ये, अक्शली सिट्वेशन क्या है?
31:04क्या, मसला क्या है यहाँ पर?
31:06ये दो आदमें के लिए जगडा कर रहे थे.
31:08और ये खुद भेकी-भेकी बाते कर रहे हैं.
31:14फरी, क्या है ये सब, ये, ये क्या कह रहे है?
31:18नहीं, अशार, ऐसी बात नहीं है.
31:20मैं तो बस घर से निकली थी किसी काम की.
31:23लेकिन ये, ये आदमें मेरा पीछा कर रहा था.
31:25तुम्हें पता, इसने मुझे पर हाथ भी उठाया है.
31:37आपने मेरी बैन पर हाथ उठाया है?
31:39छूट बोल रही है ये.
31:40इसके आशिक के साथ इसे रेस्टोरन्ट में पकड़ाय में थे.
31:55नहीं, अशार, छूट बोल रहा है ये. छूट क्यों बोल रहे हो तुम?
31:58देखो बीवी, छूट आप बोल रही हैं.
32:04हमने इन दोनों को रेस्टोरन्ट में से ग्रिव्तार किया है.
32:07दंगा कर रहे थे, बाद की तइरत में पहुंच की दिखाऊंगा मैं.
32:10सिम्पल सी बात है, बद किरदार उरत है ये.
32:12आयास भाई.
32:23जरह तामुल से बात करें, ये थाना है, आपको ड्राइन बूम नहीं है.
32:27एक तो छोड़ी, और पर से सेना सोरी.
32:30आयास भाई, अपनी सभान को लखान दे.
32:34अशर, तुम्हारे ऐसी जजबाती पन ने हमें ये दिन दिखाया है.
32:37अगर वक्त पर तुमने इसकी हरकतें कंट्रोल की होती ना,
32:41तो आज ये नौबद ना आती है.
32:43अशर, ये जूद बोल रहा है.
32:44मेरे किर्दार पर भुतान लगा रहा है ये.
32:47मैं भुतान लगा रहा हूँ?
32:49बताओ इन सब को तुम्हारी हकीकत क्या है?
32:51बताओ?
32:51आयास, बखवास बन दे रहा है अपनी, बस.
32:54मैं बखवास कर रहा हूँ?
32:56अगर मैं चाहूँ तो तुम दोनों बेहन भाई
32:58किसी को मू दिखाने के लाइग न रहो.
33:09लेकिन मैं ऐसा करूँगा नहीं.
33:11क्यूंकि ये औरत इसकाबिल नहीं है
33:14कि इसपर मजीद अपना वक्त बरबाद किया जाएं.
33:19क्या आप जानते हैं इस बंदे को?
33:26बड़े अफसोस की बात है.
33:28ये मसला थाने तक पहुंच गया है.
33:30आप मुझे बहुत शरीव लोग नज़र आ रहे हैं.
33:32घर के मसले को घर में निपडा लेता
33:33तो बैतर था सब के लिए.
33:35ऐसे मामले थाने में नहीं सुलजाया जाते.
33:40जी.
33:40विश्र.
34:10विश्र.
34:40विश्र.
34:56गए विश्र.
34:58वालेकुम अस्थालाम बेटे.
35:00कैसी हो?
35:02ठीक हुँ अमी, आप कैसी हैं?
35:04मैंने तुम्हें कहा भी थाना
35:05के पहुंच तहीं मेसेज करना.
35:07लेकिन तुम तो सजल सदा की भुलकड ही हो.
35:11खेरियत से पहुंच गए थे?
35:13अमी जी, हम गए ही नहीं है.
35:16क्या मतलब है गए नहीं?
35:17वो एक छोटी सी प्रॉबलम हो गए थी,
35:20इसलिए नहीं जा सके.
35:22या अल्ला खेर.
35:23क्या हुआ? सब ठीक है?
35:25वो...
35:28अशर को ठाने जाना पड़ा.
35:30अशर को ठाने जाना पड़ गया?
35:33हुआ क्या है बेटे?
35:35वो...
35:38फरीन आप ही है वहाँ पर.
35:40उन्हीं के लिए गाया.
35:44ये क्या कह रहे है सजल?
35:46फरीन ठाने में है, क्यों?
35:48क्या हुआ है?
35:56अमेशे लगते हैं,
35:58अमेशे लगते हैं, अशर आ गए, मैं आपको करती हूँ कॉल.
36:00बताओ तो हुआ क्या सजल?
36:02अमेशे, मैं कह रही हूँ ना, मैं आपको कॉल करती हूँ.
36:04अल्ला अफिस.
36:08फोन तो कर देते ना, सब खेरियत तो है?
36:11ताने क्यों गए थे, हुआ क्या है?
36:15अपनी बेटी से पूछे ना, कि क्यों गए थे हम ताने?
36:18क्या कर रही थी तू आँ?
36:21अम्मी, अम्मी...
36:24क्या अम्मी, अम्मी लगाई विए?
36:26मूँसे कुछ बोल ना भाई, मेरा दिल बैठा जा रहा है,
36:30कोई हाथसा तो नहीं पेश आ गया तिरे साथ?
36:32काश कि कोई हाथसा पेश आ या होता अम्मी,
36:34लेकिन अफसोस कि कोई हाथसा पेश नहीं आ या है,
36:36आज आपकी बेटी की वज़ासे मुझे पहली दवाद थाने की शकल देखनी पड़ी है.
36:39आयाज ने इन्हें किसी लड़के के साथ होटल में बैठे हुए पकड़ा है.
37:10आयाज ने पकड़ा है?
37:15तुम होटल में क्या कर रही थी, हाँ? और किस के साथ थी?
37:20सम..
37:22सम.. समीर था.
37:40समीर कौन?
37:41मुझे नहीं पता, अम्मी, कौन समीर?
37:43लेकिन वो जो कोई भी था, उसी के साथ बैठी हुई थी ये होटल में.
37:51भाई, ये सब एक इत्तिफाक है.
37:55इत्तिफाक? इसे आप इत्तिफाक कहती हैं?
37:59मैं सच कह रही हूँ.
38:00आप एक दफ़ा मेरी बात सुने, आपको यकीन आजाएगा.
38:04यकीन कर..
38:06अरी, यकीन करने जैसा रह क्या गया है?
38:08कुछ बचा है?
38:12तु मुझे इस बात का जवाब दे.
38:14तु तो बजार गई थी, न?
38:16तु थाने में कैसे पहुंच गई?
38:17अम्मी, वो..
38:19अक्शली मैं बजार ही गई थी.
38:23लेकिन वो रास्ते में मुझे समीर की बेहन मिल गई.
38:26तो उसको मुझे कुछ काम था, बस इसलिए..
38:31समीर की बेहन?
38:32अब ये समीर की बेहन कहां से आ गई?
38:34वहाँ पर सिर्फ आप और समीर थे, न?
38:36असल में न, वो..
38:40उसकी बेहन ही थी, वो उस वक बातरूं गई थी.
38:43और उसके पीछे ही आयाज आ गया और ये सब तमाशा हो गया.
38:47मेरा याकीन करो तुम.
38:49फरी, जूती कहानियां मत मनाए, मैं वहीं मौझूद था.
38:52अगर इतनी सीधी बात थी,
38:53तो उसमक्त आपने उसकी बेहन का राम क्यों नहीं लिया?
38:55एहमक समझती हैं आप मुझे?
38:57अरे मैं सच कह रही हूँ.
38:59मैं तो उसकी बेहन के साथ थी, समीर बाद में आया.
39:01जूत बोलना बन करा, फरी.
39:02और कितना जूत बोलोगी तुम?
39:03अम्मी, अपनी इस बेटी को संभाले.
39:05इसके जूत इसी तरह से चलते रहें तो मेरा दिमाग बढ़ जाएगा.
39:09यह तो कारणामे ख़तम होने में नहीं आ रहें,
39:10उपर से जूत पर जूत बोले जा रही हो.
39:33देख देख के बढ़ धर हो गई आँगियाँ

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