00:00लाल बंग का बैग रहता था याँ कहां गया?
00:02तुमारा था वो भै?
00:03आँ, मेरा बैग था.
00:04यार वो जो भावी जी तरे साथ बढ़ी थी उदले के उतर गईं
00:08ले रही हैं.
00:08मेरा बैग था वो, वो कैसे लेके चली गईं?
00:11बैग है वो.
00:13तभी तुम्हारा था हो बाग?
00:14हाँ, मेरा बाग था?
00:15यार वो जो भाबी ही तरे साथ बती थो, वो लेकि उठर गयी.
00:20मेरा बाग था वो.
00:21वो कैसे लेकिंचली गई?
00:22मेरा, मेरा बैग था वो. वो कैसे लेके चली गई?
00:25यही वो थी.
00:50अरे आदा घंटा पहले बरुवा मुठर गई हो थो.
00:52अरे आदा घंटा पहले बरुवा मुठर गई हो थो.
01:23बाब बाब से गाए.
01:41मुरैना जॉरा बिलगां, मुरैना जॉरा बिलगां.
01:43हाँ, हाँ.
01:46बड़ि मुज़किल से बचायो हैं, तरी मासीचे पैसा.
01:50अरे आदा घंटा पहले परिवान उदर्गी वो तो।
01:58जाओ।
02:02अब बड़ा पुलिस अब सब बन कर ही लोठी।
02:07तुझे बड़ते में देख के तेरे तादा जी बहुत खुस होगी।
02:11जाओ।
02:14भाईया, कोचिंग की लास कितने में हो गया?
02:16अख़बार नहीं बढ़ता है क्या?
02:19क्या हो गया?
02:21बढ़ती पर रोक लगा जी गए ये तीन साल के लिए।
02:24PCS, VCS, सब बन।
02:25क्यों?
02:26दिवाली में दिवाला निकल गया सरकार का।
02:28पैसा नहीं है तंखा देने को।
02:30अरे ऐसा कैसे कर सकती है सरकार?
02:33सरकार है?
02:34कुछ भी कर सकती है?
02:36चलो!
02:40जाओ!
03:02चोटे से गाउं से आया हुआ मन्दियों के लिए कुछ भी कर सकती है सरकार?
03:04चोटे से गाउं से आया हुआ मन्दियों के लिए कुछ भी कर सकती है सरकार?
03:06चोटे से गाउं से आया हुआ मन्दियों के लिए कुछ भी कर सकती है सरकार?
03:08चलो!
03:30चोटे से गाउं से आया हुआ मनोज बड़े शहर की बड़ी भीर में बिलकुल खो गया
03:37कई दिनों तक भोजनाले के बाहर भूका प्यासा बैठा रहा
03:41उसके अंदर एक घमासान युद्ध चलना था
03:45उसकी भूख और उसके स्वाभिमान के बीच
03:49एक दिन उससे अपनी भूख परदाश नहीं हुई और वो अंदर आ गया
03:53अंकल जी
03:57अंकल जी
03:58बहुत भूख लगी है अगर कुछ खाने को मिल जाता तो मैं आप के लिए कुछ काम कर देता
04:06पैसा नहीं है मेरे पास
04:08ओ चोटू एक थाई दे दे से
04:21और उस दिन मैंने मनोज को पहली बार देखा
04:24दो मिनित के अंदर अंदर उसने पूरी के पूरी थाली सफा चिट्ट कर दी
04:30ऐसा चमतकार भी भाईया मैंने जिन्दगी में पहली बार देखा था
04:38बहुत अच्छा खाना था अंकल जी
04:40बताईए क्या काम
04:41कोई बात नहीं
04:42कुछ बात नहीं
04:44मैं नहीं मैं कोई भी काम कर लूँगा
04:45बर चुदन्ट है बात में देखी हो
04:47नहीं हूँ चुदन्ट
04:48PCS बंद हो गई है
04:50और गाउंसे जो कुछ भी अपने साथ लाया था
04:52सब कुछ चोरी हो गया कुछ नहीं है मेरे पास
04:54आप काम बताये वरना हिलूँगा नहीं हाँ से नहीं
04:56दमाग मत खराब कर
04:58जा यहां से
04:59अरे दमाग आप खराब कर रहे हैं
05:00पहले बताते तो खाते ही नहीं
05:01अयो भाई
05:03मैं देदूंगा पैसे तुम्हारे
05:04क्यों भाई तौन हो तुम
05:07अब क्या करेंगे भाईया जी
05:10मुझे क्या पता
05:11जाओ
05:12घर जाओ
05:14नहीं
05:15घर वापस नहीं जा सकता
05:18क्यों
05:20जिनदेगी वर की पैंसन दे के भेजी थी दादी
05:22की डि-स-पी अफसर वन के लोटू
05:24क्या बोलूँगा दादी से
05:26कि सारा पैसा चोरी हो गई और मैं वापस लोटाया
05:32वह तो यारां गटगे ती माय से
05:37प्रदाम किता जी
05:38मैं बस ट्रेन में चल गयो किता जी
05:40मैं Delhi पहुत थे ही फोन कर दूँगा
05:46तो ना की व्यक्ष़ बात कुछ चेहाँ
05:48तो यारां जी
05:49मैं... मैं बस ट्रेन में चड़ गयो, पिता जी.
05:51हाँ. मैं दिल्ली पहुँतने ही फोन कर दूँगा.
05:53च्छ।
05:54हाँ, हाँ, हाँ, हाँ, ठीक है.
05:56हाँ, पिता जी, मैं फोन कर दूँगा, आप सुन्ता ना करें.
05:58हूँ.
06:03आप भी वापस घर जा रहे हैं?
06:04घर नहीं जा रहे हैं, दिल्ली जा रहे हैं.
06:06दिल्ली क्यों?
06:08करेंगे UPSC के तैयारी अब.
06:10वो क्या होता है?
06:12UPSC नहीं पता?
06:15अब वो ही IPS, IPS.
06:18IPS?
06:20तेरे को IPS नहीं पता?
06:23ते डि-ए-स्पी बनने आया था न, गॉलियर?
06:25आँ तो? IPS बाप होता है डि-ए-स्पी का?
06:30एस-पी से बड़ा फसर?
06:32भाई, डि-ए-स्पी 20-25 साल घिसाता है न,
06:34तब जाएकि IPS बनता है.
06:40मैं भी बनूगा IPS.
06:43चाले, तुम मज़े ले रहा है.
06:45नहीं भाई, आप बताईँ आगली ट्रेन कितने बज़े की है?
06:47टिकेट के पैसे कहां था लाया भाई?
06:48ट्रेन दो कहा है?
06:52भाई, मैं टिकेट के पैसे लोटा दूँगा आपको,
06:54प्लीज मुझे ले चलिया अपने साथ.
06:56दिल्ली में रहेगा कहा, सोचेगा कहा, सड़क पर है?
06:59मैं रहे लूँगा, मैं कर लूँगा, मैनेज भाईया.
07:01भाईया, प्लीज मुझे ले चलिया अपने साथ.
07:02खाने के पैसे है नहीं, आई-पियस वले.
07:05हाँ, बनूँगा.
07:06गजब अढियल था यार.
07:07भाईया, प्लीज मुझे ले चलिया अपने साथ.
07:08दिमाग कह रहा था, प्रीतम पांड़े किसकले.
07:10भाईया, मुझे ले चलिया अपने साथ.
07:12पर इससे पहले मैं निकल पाता, जबान से निकल पड़ा.
07:14चल.
07:16पर एक शाल पहले चलूँगा.
07:17पहले पैसे देन दे, खाने.
07:19भाईया, जल्दी दो.
07:21जल्दी दो.
07:24ट्रेन में उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था.
07:27बोलता है, डि-एस-पी से भी बड़ा अप्सर बनुगा.
07:30लेकिन जब हम दिल्ली के मुखरजी नगर पहुचे,
07:32तो भाईया, अपने अडियल की तो हो गई ऐसे ही तैसी.
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