00:00मुन्मुन जी का भरा पूरा परिवार था, उनके तीन बच्चे थे, दो बेटा और एक बेटी.
00:05मुन्मुन जी अब बूड़ी हो चुकी थी, घर इनका बहुं और पोते से भरा हुआ था, और सभी बड़ी हसी खुशी से साथे रहा करते थे.
00:13मुन्मुन जी बूड़ी हो गई थी, लेकिन पार्थब जी आज भी उन्हें उतना ही प्यार करते थे, जितना वो जवानी में एक दूसरे से प्यार करते थे, एक दिन सुभा सुभा.
00:22शोयता बहू, मेरे पूजा करने के लिए ताजे फूल लाई है न तू?
00:28तभी दोनों सास बहू देखते हैं कि दादा ससुर दादी के लिए गुलाब लाई है.
00:34डालिंग, ये लो तमारे लिए चोटा सा उपहार.
00:39ड़द बुढ़ा हूँ, असी की उमर में अठारा की हरकत करते हो?
00:45अरे शरीर बुढ़ा हो गया तो क्या हुआ? दिल तो अब भी पच्चा है न.
00:49और अब अपनी बीबी को ना देखो, तो क्या पडोसन को जाके मैं लाइन मारू?
00:55जब तुम्हें जवानी में पडोसन ना देखने दी, तो क्या बुढ़ापे में पडोसन देखने दूँगी?
01:00हड़ी ना तोड़ दू इस लाठी से.
01:05इसके पाद दोनों सास बहुँ खलकला जाती है.
01:08तुम दोनों क्या हस रही हो? जाओ अपना काम करो.
01:12अरे इनका सही है, असी में आशिक ही करे, बहुए देखे तो डाट लगा दे.
01:17कुछ भी कहो माजी, है तो पिर लव.
01:20हाँ बहु, सच में.
01:25वही शाम को. चल बुद्दे, आज तुझे गार्डन गुमा लाता हूँ.
01:30नहीं नहीं, मैं नहीं जाओंगी.
01:32क्यों, कल तो बात बोल रही थी, कि गार्डन नहीं ले जाते, तुमारी सारी सहेलिया आती हैं वहाँ फे.
01:38हाँ, इसलिए तो नहीं जाना, क्योंकि तुमें पता चल गया है, मेरी बुद्दी सहेलिया भी आती हैं वहाँ.
01:45कहीं तुम उन्हें देखने लगे तो.
01:47अरे नहीं नहीं पक्का, मैं किसी को नहीं देखुँगा, अरे मैं तो तुमारे लिए कह रहा हूँ, तुम चलोगी तो तुमारी जो हडियां हैं, वह थोड़ी मस्बूत रहेंगी.
01:57सब बहाना है, मैं जानती हूँ, अच्छा मैं चलूँगी, लेकिन मेरी एक शर्त है.
02:03अरे आप कौन सी शर्त है?
02:05गोला खिलाना होगा.
02:07दात है?
02:09है, वो खोगला वाला, खा लूगी, तुमारी तना खोड़ी नहीं हूँ, चलो अब.
02:15इसके बाद दोनों वहाँ से चले जा थे, और घर की बहुँ और पोता बहुँ, दादी दादा का ये रोमैंस देकर खोब मज़े ले रहे होते हैं.
02:24मम्मी जी, ये दादी दादू इस उमर में इतने रोमैंटिक कैसी है?
02:28अरे पता नहीं, मेरे हस्वेन ऐसे क्यों नहीं है?
02:31मेरे ये भी कहा है, वैसे माझी, दादा दादी का रोमैंस देकर मेरे मन में एक बात आई है, पूछू?
02:39हाँ हाँ, बोल ना.
02:41क्या वो करते होंगे?
02:43क्या?
02:44अरे वही जो सब करते हैं.
02:46प्यार?
02:47अरे पागल है क्या कुछ भी बोलती है, बुटे हो गए है वो, उनका तो बस बातों का रोमैंस है अब.
02:54हाँ, जो भी हो, लेकिन है बड़े रोमैंटिक.
02:58इस तरह घर में सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा होता है.
03:01क्यों सी बीच अच्छानक से दादी जी की तबेत खराब हो जाती है?
03:04हाँ जी मेरे पेट में बहुत दरग हो रहा है.
03:07देखो न मेरा पेट भी बढ़ रहा है, कुछ गर्बर थो नहीं है?
03:12अरे कैसी बाते करती हो, इस उमर में गर्बर होने का चांसी नहीं है.
03:16मुझे डर लग रहा है.
03:18अच्छा, आज ही डॉक्टर के पास चलते हैं.
03:25ना जाने मेरी बुढिया को क्या हो गया है, उसका पेट तो बढ़ता ही चला जा रहा है.
03:29पापा, आप चिंता नहीं करें, माई ठीक हो जाएंगी.
03:32हाँ दादू, ठीक हो जाएंगी, हम आज ही उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते हैं.
03:36इसके बाद सभी उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते हैं.
03:39क्या हुआ डॉक्टर साब माई को?
03:41अनके पेट में एक गाथ है.
03:44ठीक से चेक करो.
03:46ठीक से चेक करके ही बता रहा हूँ.
03:48पापा, मुझे डॉक्टर में कुछ गर्बर लग रही है.
03:51किसी लेडी डॉक्टर के पास चलते हैं.
03:53फिर सभी दादी को दूसरे डॉक्टर के पास ले जाते हैं.
03:56मैं नहीं चाहता, मैं कैसे बताओं आप लोगों को?
03:59लेकिन दादी जी मा बनने वाली है.
04:01यह सुनकर घर में सभी को तकड़ा वाला शॉक लगता है.
04:05और सब घर आ जाते हैं.
04:07पापा, आपने ये क्या कर दिया?
04:09पोता के बच्चे खिलाने के उमर में एक खुद का बच्चा?
04:12हाँ दादू, कुछ तो सोचा होता?
04:14अब क्या करूँ?
04:16हो गया सो हो गया.
04:18अब अपने बाप को और बाप के बाप को मत सिखाओ.
04:22कुछ बताओ क्या करूँ मैं?
04:24वही दूसरी तरफ दादी भी एकड़म खामोश थी.
04:27बहु, पोता बहु, मुझे माफ कर दो तुम लोग,
04:30मुझे समझ नहीं आ रहा ये सब कैसे हो गया,
04:33लेकिन मैं इस बच्चे को मार नहीं सकती.
04:36दोनों सास, बहु, एक दूसरे को देखती हैं.
04:39अरे माझी, तोंड वरी, हम आप के साथ हैं.
04:42हाँ दादी, बी पॉसिटिव.
04:45वही सभी घरवाले मिलकर दादी सास के छोते बच्चे को
04:48इस दुनिया में लाने का डिसाइट करते हैं.
04:51और नौ महिने के बाद उनके घर में एक प्यारा सा बेपी जन्म लेता है
04:55और सभी हसी खुशी से रहने लगते हैं.
04:58और समाज एकर कुछ बोले, तो दोनों बहुएं हमेशे अपने परिवार के लिए धाल बनकर खड़ी रहती हैं.
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