11 वर्ष की अबोध उम्र में ही रामलाल का बाल विवाह हो गया। तब वह कक्षा 6 में ही था। बाल विवाह के बाद भी उसने पढ़ना नहीं छोड़ा। समाज की पिछड़ी सोच के चलते पढ़ाई करना भी आसान नहीं था। पिता नहीं चाहते थे कि 10वीं के बाद बेटा पढ़ाई करे, लेकिन बेटे की जिद थी कि आगे पढ़ाई करनी है। लोगों के बहका
Be the first to comment