शुद्ध के खिलाफ युद्ध और मिलावट से मुक्ति अभियान को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तैयारियां तीन साल में पूरी नहीं हो सकी... मप्र के तीन शहरों फूड सैंपल की जांच के लिए बनाई जा रही रीजनल लैब का काम चल रहा कछुए की धीमी गति से... 15 करोड़ में बनना थी तीनों लैब... दूसरी तरफ सैंपल की जांच के लिए प्राइवेट लैब को दिए जा रहे सालाना करीब 7 करोड़ रु... चार साल में 25 करोड़ खर्च...
Comments