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  • 5 years ago
शहीदे आजम भगत सिंह ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे काे चूम लिया था। इससे पहले उन्हाेंने अपने परिवार वालों को जो अंतिम पत्र लिखा था उसमे उन्हाेंने कहा था 'खुश रहो अहले वतन हम तो सफर पर निकलते हैं'

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