महर्षि शाही स्वामी जी की ऐसी अवस्था का दर्शन भाग्यशाली ही कर सकते हैं।
परमपूज्यपाद् महर्षि शाही स्वामी जी महाराज स्नान के बाद ब्रह्ममुहूर्त में विशेष अन्तर्मुख अवस्था में रहते थें। उनकी इस विशेष अवस्था को शब्दों में उच्चारण करने योग्य मुझ में शाब्दिक कला नहीं है। अब आप भी एक ब्रह्मऋषि, महायोगी और परमवियोगी युगपुरुष के अन्तर्मुख अवस्था का बाह्य दर्शन कर पायेंगे जो कि अत्यंत दुर्लभ है। इस वीडियो में सेवारत स्वामी अनुभवानन्द जी दैनिक सेवा का आनन्द लेते दिखते हैं। ब्रह्मर्षि जी के भक्त और अनुयायी तो ऐसा दर्शन करके भावविभोर हो जायेंगे। इस वीडियो में उनके बार-बार अन्तर्मुख अवस्था होनेपर उसे इंगित करने का प्रयास किया गया है। तो हमलोग मिलकर उनकी दुर्लभ लीला का दर्शन करें और सबको करायें। महर्षि जी की कृपा से आपलोगों को उनके लीला-दर्शन करने का सौभाग्य मिलने से मुझे अत्यधिक आनन्द की अनुभूति हो रही है।
दिनांक:- 30 जनवरी, 2010
समय:- 3:05 AM (ब्रह्ममुहूर्त)
स्थान:- मेँहीँ आश्रम,
कंकड़बाग, पटना
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