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  • 6 years ago
जयपुर। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद कृष्ण मंदिरों में भाद्रपद कृष्ण पक्ष नवमी को आज शहर आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में नंदोत्सव मनाया गया। शहर स्थापना के बाद पहली बार ऐसा मौका है जब शाम को गोविंददेवजी की शाही लवाजमे के साथ शोभायात्रा नहीं निकली। मंदिर परिसर में ही रस्म निभाई गई। इससे पूर्व सुबह महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में नंदोत्सव के तहत ठाकुर जी को केसरियां रंग की पोशाक धारण करवाई गई। फू लों और विशेष अलंकार धारण करवाकर शृंगार किया गया। इस दौरान ठाकुर जी का अधिवास पूजन के बाद नंदोत्सव में 56 भोग झांकी के दर्शन हुए। सुबह 10 बजे शृंगार आरती के बाद तिल और यवदान पूजन हुआ। नंदोत्सव में कपड़े, फल, टाफी, खिलौने तो मंदिर में ठाकुर जी को अर्पण किए गए। हालांकि भक्त प्रभु के जन्म की खुशी में उछाल नहीं लूट पाए। कोरोना के चलते मंदिरों में महंत व सेवकों की मौजूदगी में उछाल के सामान भगवान के समक्ष अर्पित किए गए। मंदिरों में भक्तों का प्रवेश निषेध रहेगा। मानसरोवर धौलाई स्थित इस्कॉन मंदिर, जगतपुरा स्थित कृष्ण बलराम मंदिर, पुरानी बस्ती स्थित राधागोपीनाथ जी मंदिर, लाडली जी मंदिर, गलता जी, पानों का दरीबा स्थित सरस निकुंज सहित अन्य मंदिरों में सादगी से नंदोत्सव मनाया गया। इस दौरान मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई गई। भक्तों को नंदोत्सव कार्यक्रम के दर्शन सोशल मीडिया के जरिए साझा कराए गए।

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