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  • 5 years ago
बस संचालकों ने सरकार से इस बुनियाद पर टैक्स माफी की अपील की है कि उन्हें चालक और परिचालक को लॉकडाउन के दौरान भी वेतन देना पड़ा है, लेकिन हकीकत तो यह है कि अब तक किसी दी मोटर मालिक ने चालकों को वेतन के नाम पर एक रुपए भी नहीं दिया है। यह कहना है माता अहिल्या बस वर्कर यूनियन के सदस्यों का जो आज अपनी पीड़ा लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे थे, रेजीडेंसी में यूनियन के सदस्यों ने कलेक्टर को आवेदन के जरिए बताया कि लॉकडाउन के समय से बसें बंद है। तब से लेकर अब तक मोटर मालिकों ने उनकी कोई सुध नहीं ली है, जबकि मोटर मालिकों ने सरकार को टैक्स माफी के लिए आवेदन किया है, जिसमें मालिकों ने यह दर्शाया है कि ड्राइवरों को लॉकडाउन में भी उनके द्वारा वेतन दिया गया है, जबकि चालक और परिचालक को वेतन के नाम पर कोई राशि नहीं मिल पाई है। आवेदन के जरिए मोटर मालिकों से बीते 3 माह की वेतन की राशि उपलब्ध करवाने या फिर सरकार द्वारा सहायता राशि उपलब्ध करवाने की गुहार यूनियन सदस्यों ने कलेक्टर से की है। उनका कहना है कि कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया है कि सभी चालक परिचालक की सूची बनाकर उन्हें सौंपे, जिस पर विचार किया जाएगा। यूनियन के उपाध्यक्ष के मुताबिक लॉकडाउन में चालक परिचालको के परिवारों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि 3 दिन पहले ही एक चालक ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। फिलहाल बसें जल्दी चलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है, ऐसे में चालक परिचालक और उनके परिवारों की स्थिति को देखते हुए सहायता दिलाने की मांग की गई है।

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