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  • 6 years ago
ॐ त्र्य॑म्बकं यजामहे सु॒गन्धिं॑ पुष्टिवर्ध॑नम् । उर्वारुकमि॑व बन्ध॑नान् मृत्योर्मुक्षीय मा ऽमृता॑त् ।।

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ

हम त्रिनेत्र(भगवान शिव) को पूजते हैं, जो सुगंधित हैं, हमारा पोषण भी करते हैं, जिस तरह फल पेड़ की शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है,
उसी प्रकार हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।
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