शिवलिंग का अर्थ है भगवान शिव का आदि-अनादी स्वरुप। शून्यता, आकाश, अनन्त, ब्रह्माण्ड और निराकार परमपुरुष का प्रतीक होने से इसे लिंग कहा गया है। इस वीडियो में हम आपको शिव लिंग का महत्व बताने जा रहें हैं
Don't forget to Share, Like & Comment on this video
१ शिव लिंग अथवा लिंगम भगवान शिव की प्रकृति में उत्पादक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है
२ लिंग पुराण में शिवलिंग का वर्णन एक लौकिक स्तंभ के रूप में किया गया है
३ प्राचीन शास्त्र में लिंग को सबसे पहले प्रकृति के रूप में माना गया है
४ यह ब्रह्माण्ड का प्रतिनिधित्व करता है जो सुझाता है कि प्रकृति और पुरुष के मिलन से रचना को प्राप्त किया गया है
५ लिंग, सत्य , ज्ञान और अनंत का प्रतीक है, जिनका शाब्दिक अर्थ है - सच, विद्या और अमरत्व.
६ शिव लिंग के तीन हिस्से होते हैं, सबसे निचले हिस्से को 'ब्रह्मा-पीठ, बीच के हिस्से को 'विष्णु-पीठ' और ऊपर वाले हिस्से को शिव-पीठ कहा जाता है
७ भारत में १२ ज्योतिलिंग और ५ पंच-भूत लिंग हैं.
८ लिंग एक रहस्यमय या दिव्य शक्ति है जो आपकी प्रार्थना को सीधे भगवान शिव तक पहुंचा देता है
९ शालमाला नदी के पथ्तरों में हजारों शिवलिंग कोरे हुए देखने को मिलते है जिसे "सहस्त्रलिंग" के नाम से जाना जाता है
१० भगवान शिव से जुड़े ऐसे अधिक धार्मिक वीडियो देखने के लिए अर्था चॅनेल से जुड़े रहें
Like us @ Facebook - https://www.facebook.com/ArthaChannel/ Check us out on Google Plus - https://goo.gl/6qG2sv Follow us on Twitter - https://twitter.com/ArthaChannel Follow us on Instagram -https://www.instagram.com/arthachannel/ Follow us on Pinterest - https://in.pinterest.com/channelartha/ Follow us on Tumblr - https://www.tumblr.com/blog/arthachannel
Be the first to comment