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  • 8 years ago
⚡14 फरवरी को संत श्री आशारामजी बापू आश्रम बहराइच रोड गोंडा में सामूहिक रुप से मातृ पितृ पूजन दिवस का भव्य कार्यक्रम हुआ।
पूज्य संत श्री आशाराम जी बापू जी का का कहना है कि 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे नहीं मनाना चाहिए क्योंकि यह पश्चिमी संस्कृति है और युवा पीढ़ियों को पतन की ओर ले जाने वाली है यदि मनाना ही है तो इस दिन भारतीय संस्कृति पर आधारित मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया जाना चाहिए क्योंकि प्रेम तो निर्वासनिक होता है यदि अपने भारतीय संस्कृति को बचाना है तो हमें ऐसे कार्यक्रम मनाने चाहिए ।
अपनी भारतीय संस्कृति इतनी महिमावान है कि जिसके प्रभाव से ही भगवान भी समय समय पर भारत भूमि पर ही अवतरित होते आये हैं अन्य किसी देश में नहीं क्योंकि अन्य संस्कृति में वो दम ही नहीं ।
आपका क्या विचार है क्या ऐसे कार्यक्रम मनाए जाने चाहिए कमेंट कर जरूर बताएं और इसे लाइक शेयर भी जरूर करें धन्यवाद

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