RUMOUR PE RUMOUR STORY OF NEW 2000 NOTE
नोटबंदी के ऐलान के बाद से ही सोशल मीडिया पर अफवाहों की बाढ़ आयी है. रोज अलग अलग दावों के साथ कई मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं. एबीपी न्यूज़ वायरल हो रहे ऐसे ही मैसेज की पड़ताल कर उनका सच आपके सामने लाता है. आज भी हमने ऐसे ही एक वायरल मैसेज की पड़ताल की है. वायरल हो रहे मैसेज में दावा है कि 2 हजार के नए नोट सरकार तक काले धन की मुखबिरी कर रहे हैं.
आपको याद होगा कि पहले इसी 2000 के गुलाबी नोट में एक चिप होने का दावा किया गया था जो जमीन के भीतर गड़े कालेधन का पता देने का दावा करती थी पर वो झूठ निकला. अब 2000 के नए गुलाबी नोट की अदृश्य ताकत के बारे में किया जा रहा दावा है.
पहला दावा ये है कि 2000 के नोट में रेडियोएक्टिव स्याही लगी हुई है और इसी वजह से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को छापों में 100 फीसदी कामयाबी मिल रही है. दावे के मुताबिक ये स्याही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नए नोटों का पता बता रही है. दूसरा दावा इस बारे में है कि 2000 के गुलाबी नोट में लगी रेडियोएक्टिव स्याही कैसे नोटों का पता बताती है.
वायरल हो रहे मैसेज में लिखा है, ”2 हजार के नोट में कोई चिप नहीं बल्कि एक तरह की रेडियोएक्टिव स्याही का इस्तेमाल हुआ है. इस स्याही का इस्तेमाल विकसित देशों में पहले से इंडीकेटर के तौर पर किया जाता था. ये रेडियोएक्टिव वॉर्निंग टेप की तरह होता है जिसके एक ही जगह पर मौजूद लिमिट से ज्यादा होने पर इंडीकेटर के तौर पर नोटों की मौजूदगी बताता है और काला धन पकड़ा जाता है. जिसको शक है वो गूगल पर जाकर रेडियोएक्टिव इंक के बारे में जाकर पढ़ सकता है..”
ऐसे दावे के बाद लोगों के मन में कई तरीके के सवाल आ रहे हैं. मसलन इस दावे में कितनी सच्चाई है? भला कोई स्याही मुखबिरी कैसे कर सकती है? क्या फिल्मी तरीके से काला धन छिपाकर रखने के लिए सरकार ने भी कोई फिल्मी तरीका खोजा है? इस सबसे बड़ा सवाल ये कि रेडियोएक्टिव पदार्थ तो नुकसान भी पहुंचाता है तो क्या 2000 के नोट में अगर कोई रेडियोएक्टिव स्याही है तो क्या वो शऱीर को भी नुकसान पहुंचाएगी?
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