00:00नमस्कार मैं हूँ शम्स तहर्खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03एक पतला सा समुद्री रास्ता है
00:06सिर्फ 33 किलोमेटर चोड़ाई है इसकी
00:09लेकिन इस एक पतले से रास्ते ने पूरी दुनिया में तेल में आग लगा दी है
00:14इसे एक रास्ते की वज़ा से आने वाले दिनों में दुनिया भर में तेल और गैस की कमी हो सकती
00:21है
00:21आखिर कौन सा है ये रास्ता और क्यों इस रास्ते की वज़ा से भारत में सड़कों पर गाड़ियां दोड़ती हैं
00:28और घरों में चूले जलते हैं
00:31तो वारदात की खास पेशकर्ष में पेश है
00:33इस रास्ते की पूरी कहान
00:37इस वक्त पूरी दुनिया की आबादी आठ अरब से थोड़ी ज्यादा है
00:41यूनाइटेड नेशन्स के सदस से देशों के हिसाब से देखे
00:45तो करीब आठ अरब की आबादी दुनिया भर के एक सो पनचानवे देशों में रहते है
00:50जिन्दगी की रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बाके चीज़ों के अलावा
00:55इनसानों की जो सबसे बड़ी जरूरत है वो है इंधन
01:01चाहे वो गैस की शक्रम हो या तेल की शक्रम हो अगर ये इंधन नहों तो पूरी दुनिया थम जब
01:07जब न सडकों पर मोटर गारियां चलेंगी ना आस्मान में जहाज होगी
01:12न पट्रियों पर ट्रेन भागेगी न कल कारखाने खेती बारी कुछ नहीं हो पाएगा
01:19अब चूंकि ये इंधन इतना जरूरी है और आबादी आठ अरब के आसपास तो जाहिर है हर रोज इस इंधन
01:27की खपत की उसी हिस्टे से होती होती है
01:29दुनिया भर के जिन देशों में तेल और गैस के भंडार है उन देशों से रोज़ाना जमीन से निकाले जाने
01:36वाले तेल और गैस की मात्रा या वजन जानते हैं आप
01:4111 करोड 699,866,366 किलो यानि 26 अरब पॉंट
01:50ये उन तेल या गैस का वजन है जो हर रोज दुनिया भर के देशों में जमीन से बाहर निकाले
01:57जाते हैं
02:00सिर्फ 24 खंटे यानि एक दिन में पूरी दुनिया लगबख 16 अरब लीटर गैस या तेल फूंट देती है
02:08इन में से एक चोथाई यानि करीब चार अरब लीटर तेल और गैस दुनिया भर के देशों में जिसे एक
02:16रास्ते से होकर पहुँचता है वो यही रास्ता है
02:19ते स्ट्रेट ओफ हॉर्वुज वही हॉर्वुज जिसने इस वक्त पूरी दुनिया में तेल में आग लगा दी है
02:27अमेरिका और इसराइल से जारी जंग के बीच इरान जो सबसे बड़ा दाओं खेला है वो है
02:33दुनिया भर के देशों में 25 फीसदी इंधन सप्लाई करने वाले उस रास्ते को ही बंद कर दे रहा है
02:40तेल और गैस खरीदने वाले देशों को छोड़ी जिन देशों में तेल और गैसों का भंदार है
02:45उन देशों तक ने सिर्फ इस एक रास्ते की वजह से पिछले पांच दिनों में तेल और गैस निकालने में
02:5270 फीसदी तक की कटाओती करती है
02:55क्योंकि उन्हें पता है कि तेल निकाल तो ले पर उसे अपने खरीदार देशों तक किस रूट से पहुँचा है
03:04तेल छोड़ी कतर जो दुनिया में लिक्विट नेचरल गैस का सबसे बड़ा उत्पादक है
03:09उसका गैस 90 फीसदी से ज्यादा इसी हॉर्मुच से होकर गुजरता है
03:14इसके बंद होने से पूरे गैस की सप्लाई ही बंद हो गई है
03:18इस गैस की सप्लाई के बंद होने का मतलब ये
03:21कि आने वाले दिनों में हालाद बहतर नहीं हुए
03:24तो घरों में चूला जलाना तक मुश्किल हो जाएगा
03:31हॉर्मुच के रास्ते आने वाले तेल और गैस के सबसे बड़े खरीदार एशियाई देश हॉर्मुच से गुजरने वाले कच्चे तेल
03:39और इंधन का 82 फीसदी हिस्सा एशिया में जाता है
03:43एशिया में भी जो चार सबसे बड़े देश इस रास्ते से आने वाले तेल के खरीदार हैं
03:50उनमें भारत, चीन, जापान और दक्षिन कोरिया है
03:58अगर जंग लंबी खिची होरमुच का रास्ता बंद रहा
04:01तो आने वाले वक्त में ना सिर्फ तेल और गैस के दाम बढ़ेंगी
04:05बलकि इमर्जनसी के लिए जिन जिन देशों ने भी बैकप प्लैन के तहर तेल और गैस का स्टॉक जमा कर
04:11रखा है
04:12वो भी खाली होता जाएगा
04:14तेल के दाम का असर तो अभी से ही दिखना शुरू हो गया है
04:18पिछले महीने यानि 28 फरवरी तक क्रूड ओयल यानि कच्चे तेल की क्यमत जहां 79.1 डॉलर थी
04:25वहीं सोमवार यानि 9 मार्च को उसी कच्चे तेल की क्यमत 106.56 डॉलर तक चा पहुँची है
04:32जो आने वाले वक्त में और भी पढ़ सकती है पर मामला सिर्फ तेल के दाम बढ़ने का नहीं है
04:38अगर देशों के तेल के स्टाव खत्म होने शुरू हो गया तो ना सिर्फ महंगाई आसमान छूने लगी की बल्कि
04:45सक कुछ थप पढ़ जाएगा
04:49अगर प्यूची है
05:16the situation does de-escalate or normalize to a certain degree is we will have certain tail risks
05:23where oil fields and gas fields will take some time to ramp back up to their sort of production
05:29capabilities so what this does mean is you know a very material impact on inflation globally which
05:37is why i think this conflict has ramifications all around the globe in terms of prices of
05:44all sorts of goods the situation is quite grim you have a higher inflation due to high oil prices
05:53and then you have business stopping basically nobody dares to do anything and the things are
06:01not normal and and you see the manufacturing sector the uh the the chip sector in in south korea
06:11tanking actually crashed so so this is not a good thing for the world and certainly not for east asia
06:39asia
06:41ये देश है जापान के पास 254 दिनों का तेल का स्टॉक है सौथ कोरिया के पास 214 दिनों का
06:49रिजब है जिस अवेरिका ने जंग शुरू की उसके पास 200 दिन का जर्मनी के पास 130 दिनों का फ्रांस
06:56के पास 122 दिन न्यूजिलेंड के पास 95 दिन तुर्किय के पास 94 दिन का भारत
07:02के पास 74 दिन का ऑस्ट्रेलिया के पास 47 दिन का यानि अगर अगले धाई महीनी यह जंग नहीं रुखती
07:11तो भारत बिना कच्छा तेल खरीदे भी अपना काम चला सकता है लेकिन ऐसी सूरत में उसका रिजर्व ऑईल खत्म
07:18हो जाएगा
07:19ज Congrats MC
07:20in view of the implications of this conflict or actual energy security i also seek to address that particular concern
07:27government remains committed to ensuring that fully taking into account availability costs and risks of the energy markets
07:38for us the interests of the Indian consumer has and will always be the overriding priority
07:45तो bleह Υे love男ráne, इाज धीजोचे परस्टी बीजूर्स है। अजार्ण इंर्थ नजूर्स अठर्रीками इंर्ट इंर्जिय अठर्पास़ई के शित्लिभ उत्स ऐतपलाव्स
08:001. India is in favor of peace and urges a return to dialogue and diplomacy.
08:07We advocate de-escalation, restraint and ensuring the safety of civilians.
08:132. The well-being and security of the Indian community in the region is our priority.
08:20We will continue to work with the governments of the region towards that end.
08:243. Our national interest, including energy security and trade force, will always be paramount.
08:55See, the first is that we are deeply vulnerable to energy prices.
08:59So, we import 50% of our dense energy, whether it is in the form of oil or gas or
09:06fertilizer, edible oil.
09:08All of that exposure is very vulnerable at this stage.
09:13Every dollar per barrel is about 1.8 billion dollars a year.
09:15So, if you take in, say, a $50 increase in oil prices, we are talking about $90 billion of impact.
09:25That's like more than 2% of GDP if oil prices stay here for one year.
09:30That means a significant distortion or disruption in the balance of payments.
09:35So, there is now suddenly if you have to pay $90 billion extra, suppose that it's only a $50 rise.
09:41I mean, it is quite possible as the stress builds up that these numbers can actually go higher from here.
09:45The oil prices, there is no denying that they can, in the near term, go even higher from here.
09:51The question to ask is whether this will last for a year or whether this will last for a month.
09:55And I think the call there is that this is not just painful for India.
10:02It is actually painful for everyone, including the people who are involved in these battles.
10:08It is as much a problem for the West Asian oil producers whose oil is not able to come to
10:13the market as it is for America, where there are midterm elections which are due later this year.
10:18Oil prices have increased, freight prices have increased, but at the same token, the profitability and margin to a refiner
10:27has increased even more.
10:28So, what that means is there is an even bigger incentive for a refinery to secure oil to run and
10:37to make products which are useful for the average Joe, as you said, in day-to-day life.
10:41Be it gasoline to fill your car, diesel to operate machinery, jet fuel to obviously fill planes and make sure
10:50that people can fly and especially, you know, leave the Middle East to get to security.
10:56So, this higher inflation will impact the end consumer in a whole different number of ways.
11:05Costs for travel will increase.
11:08Costs for groceries, in terms of the cost of getting groceries into supermarkets will increase as well.
11:15And those are just two of the two critical ways in which it will impact the end consumer.
11:22Now, leave this another $74.00.
11:5180.92 लाख मिट्रिक टन डीजल जला था यानि औस तर भारत में हर देख 2.57 लाख मिट्रिक टन
11:59यानि 35 करोड 79 लाख 44,444 नीटर डीजल की खपत होता है
12:09डीजल के बाद भारत में सबसे ज़्यादा खपत पिट्रॉल की है इसकी वज़ा ये कि भारत में कार और मोटर
12:15साइकल की एक बड़ी दादाद है जो पिट्रॉल से चलती है
12:18इस साल एक जनवरी से 31 जनवरी यानि एक महीने के दोरान भारत में कुल 35.11 लाख मिट्रिक टन
12:26पिट्रॉल की खपत है इस हिसाब से ओसतन एक दिन में भारत में 1.13 लाख मिट्रिक टन यानि 15
12:34करोड 69 लाख 44,444 लीटर पिट्रॉल भूग जाता है
12:40वैसे भी एक ठीक ठाक कार में उसतन 50 से 55 लीटर में टंकी फुल होती है
12:49अब जब भारत की आबादी ही डेड़ अरब छूने वाली है तो घरों में चूरहे भी उसी हिसाब से होगी
12:55उसी एक जनवरी से 31 जनवरी यानि एक महीने के आकड़े के मताबिक भारत में हर महीने 30.33 लाख
13:03मिट्रिक टन घरेलू रसोई गैस यानि एलपीजी की खपत होती है
13:07इस हिसाब से हर दिन औस तन 97.8 हजार मिट्रिक टन यानि लगभा 9.78 करोड किलो ग्राम गैस
13:17चूरहे में चल जाता है
13:22इस तरह तेल खपत के लिहास से भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा देश हाला कि कुल तेल खपत में
13:29से हम सिर्फ 12-13 फीसदी तेल का ही उत्पादन कर पाते हैं
13:33यानि अपनी जरूरत के बाकी 82 या 83 फीसदी तेल और गैस हमें दूसरे देशों से खरीदना पड़ता है
13:40जिन देशों से भारत सबसे ज़्यादा तेल खरीदता है उनमें इराग, सौदी अरब, इरान और जनवरी तक रूस भी शामिल
13:48था
13:49इन देशों समेद भारत करीब 35 से 40 देशों से अपनी जरूरत के हिसाब से तेल और गैस खरीदता है
13:56खरीदे गए तेल और गैस का कुछ हिस्सा स्टॉक करके भी रखा जाता है किसी भी आबात इस्थिती के लिए
14:02भारत के पास इस स्टॉक को रिजव करने के लिए देश में तीन बड़े अंडरग्राउंड क्रूड आयल स्टॉरिज है
14:09इनमें एक विशाका पटनम में है, दूसरा मैंगलूरू में और तीसरा पादुन उड़कू
14:15इन जगों पर जमीन के नीचे तेल को लंबे वक्त तक सुरक्षित रखा जा सकता है
14:21एक रिपोर्ट के मुताबिक इस अंडरग्राउंड क्रूड आयल स्टॉरिज में लंबे वक्त तक पांच दसमलंग तेतीस मिलियन मिट्रिक टन तेल
14:29को रखने की शमता है
14:31यानि यहां इतना तेल है कि देश की डिवान के हिसाब से इन तीन जगों से साड़े नौ दिनों तक
14:37का काम चल सकता है
14:38इसके लावा अलग अलग तेल कमपनियों, रिफाइनरियों और ट्रमिनलों में भी तेल का भंडार रखा जाता है
14:45जो मांग के हिसाब से साड़े चौसर्ट दिनों की सप्लाई पूरी कर सकते है
14:50यानि अगर हौरमुज का रास्ता बंद हो और भारत को कहीं से भी कच्चा तेल न मिल पाए
14:55तो भी करीब ठाई महीने तक इन स्टॉक के जरिये देश की जरूरत पूरी की जा सकते है
15:02चुकि भारत अपनी जरूरत का सिर्फ 12-13 फीसदी ही तेल या गैस का उत्वादन कर पाता है
15:08लहाज हमें अपनी जरूरत पूरी करने के लिए दूसरे देशों से तेल खरीदना होता है
15:13दरसल जिन 35-40 देशों से हम तेल खरीदते हैं वो कच्चा तेल होता है
15:18ये कच्चा तेल भारत की सरकारी और प्राइवेट कमपनियां खरीदती है जिन में इंडियन ओयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और
15:26रिलाइंस परवुक है
15:27जिन देशों से तेल खरीदने का समझोता होता है
15:30वहां से तेल खरीदने के बार बड़े बड़े ओयल टैंकरों में समंदर के रास्ते ये भारत लाया जाता है
15:37भारत के अलग-अलग बंदरगाहों पर ये टैंकर पहुँचते हैं
15:41इन बंदरगाहों पर जहां सबसे ज़्यादा तेल लाय जाता है
15:44उनमें मुंबई, जामनगर और विशाका पट्नम प्रमुक है
15:49कच्चा तेल एक बार समुदरी रास्ते से भारतिय बंदरगाहों पर पहुचने के बाद
15:53उन्हें रिफाइन कर शुद्ध पेटरोल, डीजल, विमान इंधर और कैरिसिल ओयल में बदलने के लिए
16:00अलग-अलग रिफाइनरियों में भेजा जाता है
16:02भारत की तेल रिफाइनरी दुनिया के टॉप पांच देशों में आती है
16:07भारतिय रिफाइनरियां अमेरिका, चीन और रूस के बाद दुनिया के चौथे सबसे बड़े रिफाइनर है
16:12भारत में इस वक्त कुल 23 वर्ल्ड क्लास रिफाइनरी इन में 19 पब्लिक सेक्टर और 3 प्राइविट सेक्टर में आते
16:20हैं
16:20भारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी जाम नगर रिफाइनरी जो रिलाइन्स की है
16:26भारत अपनी जरूरत का ज्यादा तर तेल इराक, इरान, सौधिय अरब या रूस से इसलिए खरीदता है क्योंकि यह हमें
16:33सस्ता पड़ता है
16:34साथी यह देश हमें डिसकॉंटेड रेट पर तेल बेचते हैं
16:38हाल में रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने हम पर टैरिफ बढ़ाने का एलान किया था
16:43अमेरिका चाहता है कि भारत रूस की बजाए अमेरिका से तेल खरीदने लेकिन दिक्कत ये है कि अमेरिका से तेल
16:50खरीदना हमें महंगा पड़ता है
16:51आपर से अमरिका कोई डिसकॉंट भी नहीं देता हूजूदा परेशानी इस बात को लेकर है कि जो तेल साओी अरप,
17:00एराक, एरान से हार्मुच के रास्ते भारत पहुंचना था, उन रास्तों पर एरान ने बड़े बड़े जहाजों में लात कर
17:06लाय जा रहे है। और एल टै
17:21ए जो बारते हैं परेशानी और तो ए जो इसक्वादी है अर रामुच से अच्षप लाहाज है। यवह। नहीं लाज़े
17:28प्ल्य काहिश्त पर एलना से थाध प्रफट से व्राद लेकरशशन दे लितूंट के लित इसक्वासा और एरामुच वरान एवश्स व्रीज
17:48इस व
17:51the nature of the conflict and how widespread it is in the Middle East right now,
17:55freight rates for ships are prohibitively high
17:59and there is a lack of basically insurance being given to any vessels.
18:21लेकिन हॉर्मुस इन में सबसे बड़ा है, क्योंकि इसी हॉर्मुस के रास्ते रोजाना एक सो साथ बड़े जहाज गुजरते हैं,
18:29जिन में तेल के बड़े बड़े टैंकर होते हैं.
18:36दुनिया के नक्षे पर जमीन के दो टुकों के बीच मौजूद इस पतले से समुदरी रास्ते पर इस वक्त सब्की
18:43निगाहे टिकी है।
18:45जोके इसराइल और अमेरिका के साथ जंग के बीच इरान ने इसी समुदरी रास्ते को दुनिया के लिए बंद कर
18:51दिया, सिवाए चीन के।
18:53सवाल यह है के सिर्फ 33 किलो मीटर चोड़े इस रास्ते को बंद कर देने से क्यों और कैसे पूरी
18:59दुनिया के तेल में आग लग रही है। यही नाम है इस संकरे समुदरी रास्ते का जो फारस की खाड़ी
19:16को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
19:20इसके किनारे की बात करें तो इसमें एक तरफ सौधी अरब है और दूसरी तरफ इरान।
19:25देखा जाये तो हॉर्मुच का जल डमरू मत्य महस 33 किलो मीटर चोड़ा है।
19:30लेकिन इसी 33 किलो मीटर के छोटे से हिस्से से होकर दुनिया में करीब 25 फीसदी कच्चे तेल का और
19:3725 फीसदी नेचरल गैस का कारोबार होता है।
19:41यहां तक कि सौधी अरब, इराग, कुएट और कतर जैसे देश भी अपना कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के
19:47बाकी हिस्सों में भेजते हैं।
19:51अगर भारत की बात करें तो भारत में 40 फीसदी से ज़्यादा तेल इसी रास्ते से होकर आता है।
19:57इन हालात में जब एरान हॉरमूज स्टेट को बंकर देता है तो फिर भारत की जरूवत के हिसाब से तेल
20:03की आवाग कम होने लगे जाए और इससे पेट्रल और डीजल की थीमतों का बढ़ना तैह हो जाएगा।
20:10the Strait of Hormuz is a narrow sort of chalk point in a waterway in the Persian Gulf and it
20:17sits just to the south of Iran and just to the north of the UAE and it's a critical point
20:24in the waterway because much of the world's energy be it oil, oil products, drip, liquefied natural gas, transits through
20:36that chalk point which again
20:37you know fuels um life i suppose in asia and the rest of the world so from a crude oil
20:45point of
20:45view about 20 percent of the world's oil flows through there on a daily basis so to the same
20:54for liquefied natural gas and slightly higher as well for petrochemical feedstocks as well so
20:59things that go into making plastics so essentially this really narrow choke point waterway is
21:05critical uh to the global economy the strait of humus is a vital shipping route for the world's
21:11biggest oil and gas producers in the gulf and there aren't really any alternatives to supply
21:18flowing through the strait which is why it's so important um that means that any closure
21:23could lead to sharp increases in oil and gas prices in asia and also fuel inflation
21:30and the
21:59तो 90 मीटर है जबके नियुन्तम गहराई 50 मीटर है
22:02और इतने कम गहरे समंदर से
22:04बड़े बड़े जहाजों का गुजरना कोई आसान काम नहीं है
22:08इसलिए तमाम मालवाहक जहाज
22:10समंदर के सबसे गहरे 90 मीटर वाले हिस्से का ही इस्तमाल करते है
22:15और ये रास्ता करीब 2 मीटर यानि करीब 3 किलो मेटर चोड़ा है
22:21ऐसे में यहाँ जहाजों की एंट्री भी बारी बारी से हो पाती है
22:26आज तक पिरो
22:31तो वारदात में फिलाल इतना ही
22:33मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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