पिछले कई दशको से देश की राजनीति को प्रभावित कर रहे बाबरी मश्जिद राम जन्म भूमि विवाद में एक नया मोड़ देखा जा रहा है,. ९० के दशक में जो नेता इस मामले काटने मरने की बात करते थे lवो लोग अब इसका समाधान बातचीत से निकालने की बात कर रहे हैं lवज़ह साफ़ है की देश की जनता कल्याण सिंह जैसे नेताओं को यह बताना चाहती है कि अब वो मंदिर-मस्जिद के नाम पर होने वाली राजनीति से बहकने वाली नहीं हैl.वो अब दंगे-फसाद की राजनीति से ऊब चुकी है http://www.thenewsbond.com/
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