00:00दो बोल छे तेरे लिए दो बोल ही खो बैठी जवाँ
00:57जवाँ झाल
01:14अब्ण आपकी बहु मान गई है अब आप लोग जल्डी से तयार हो जाएंगे शाम को से ले आएंगे
01:24पागल हो गया हूँ आज कैसे जा सकते हैं आज तुम्हारी बेहन को देखने के लिए घर पे लोग आ
01:31रहे हैं
01:34मैंने बहुत मुश्किल से शांजे को राजी किया है आज हम कहीं नहीं जा सकते हैं
01:43हम लोग आज ही जा रहे हैं इससे पहले वो लोग अपना इरादा फिर बदलते हैं
01:49इरादा बदलता है तो बदलता रहे हम मरे नहीं जा रहे हैं उनकी बेटी के लिए
01:57आज मेरी बेटी का एहम दिन है हमारी सारी तवज्जों यहीं रहेगी
02:02और तुम यह सारी बातें छोड़ो
02:04बाहर से जो खाने का इंतिजाम किया है वो लेकर आओ
02:19क्या भखवास है यह मेरी खुशी की आप लोगों की जिंदगी में कोई एमियत नहीं यहाँ
02:27इटा तुम खुसा क्यों कर रहे इस तरह बात करूंगी कल सब चलके रुद्बा को साथ में लेकर आएंगे
02:36प्रामिस तुम अभी जाके खाना ले आओ प्लीज वो लोग आने ही वाले हैं
02:39मैं क्यों जाओँ जब एक नौकरों की फौज रखी हुई है तो उन में से किसी को कह दे यह
02:44मेरा काम नहीं है
02:48देखो अच्छा खाना इंसान के जौक का आइनादार होता है
02:52इसलिए तो तुम्हे भीज रहे हैं कि तुम जाके खुद परसनली खाना देखो चेक करके फिर घर लेकर आओ
02:58वो लोग आने वाले होंगे प्लीज जदी जाओ
03:07और शांजे को लेते आना वापसी में वो सेलोन पे है लेया होंगा
03:34प्लीज जाओ झाओ कराओ बुद तुम्हें जाओ टुम्हेश वोसे पिलगईना नाओ
03:43इसलिए प्लीज डिश ब्युन ढटे ले जाओ करेंसे दोवेश्चा है
03:46सब्सक्राइबभ कर दो प्लीज जाओ
03:51आग एफ प्लीज जाओ
04:04झाल झाल
04:52झाल झाल
05:01झाल
05:35झाल
06:06जी अमी ले लिया समान
06:08अच्छा सुनो वापसी में शांजे को सलोन से लेते वे आना
06:12अच्छा अमी कर लूँगो ना पेका आप एक बात तो तूँ बार-बार रेपीट कर रही है तर लूँगा
06:49लेकिन पैसे हमेशा देलेड है तो वो चीज़ एक दफ़ा देख लें
06:54आपवान
06:58जापवान
06:58प्रभाव
06:59लुए
07:01लुए
07:01लुए
07:02लुए
07:03लुए
07:05लुए
07:07चत्राइब केस्दी नची.
07:35चत्राइब की.
07:36चत्राइब की.
07:36चत्राइब की.
07:37है, लिए.
07:38वेखाश्त करें...
07:40वेखाश्त की तूर्टा सुपस्त
07:42मशालो... मशालो..
07:43वह इभने के रावावावा है
07:45मशालो..
07:47मशालो..
07:56बिटा इस अमारी इमिजेटा सुपस्क्रिया आपस जाली है
07:59हम बेकार हमसब बहुत क्लोवसे है
08:01दो एक भी नीय डाहते हैं
08:04हमारे हर काम में हमारे छोटी से छोटा और बड़े से बड़े जरूर आता है
08:09अभी आपको ये लोग जादा लग रहे होंगे लेकिन ये लोग कम है
08:21वैसे अमीर के दादी दादा को बी आना था लेकिन वो ट्राइवल नहीं कर सकते
08:27एक्जाटली हमारे वहां बड़ो का जादा तर फोकस इसी बात पर होता है के खानदान को जोड के रख सके
08:34और कहते हैं के खानदानी लोग की निशानी भी एही होती है कि वहार रिष्टा निभाना जानते हैं
08:40ये तो बहुत अच्छी बात किया आपने बिलकुल ऐसा ही है
08:44हमारे यहां ये रोल मुहसिन के बड़े भाई निभाते हैं
08:51अच्छा वो आए नहीं
08:59अच्छा अच्छा एक अच्छा एक्छी अच्छा एक राती उनसे बात हो रही थी
09:02दरहसल वो कह रहे था कि काफी क्लोस फैमली गैढरिंग है तो यह नो मुनासिब नहीं होता आप अब एसे
09:07भी जमाना बदल चुका है
09:11अरे बिल्कुल नहीं जमाना बदलने की हवाउं से अगर वैल्यूज बदलती तो क्या रह जाता लोगों में
09:31हो सके दो कि बाफ करते हैं और अगर बाफ कर दो तो अपने घर आजा जाओ
09:49असलामने को मांटी, कैसे हैं आप?
09:52सभी, कैसी हो? मैं तो ठीक हूँ लेकिन आप तोड़ी परिशान लग रहे हैं, अब ठीक है?
10:00नहीं नहीं, बस ठीक ही ऐसे
10:05क्या हुआ है? क्या काम बहुत जादा है यहाँ पर
10:10अपते जब वो लाप टॉब के मुझे मेसेज किया था ना तो आपको पते है में क्रिनिक मेरे पास मेरा
10:15फोन नहीं होता
10:16मैं इतना लेट मेसेज है कि I'm so sorry
10:19अए नहीं, पढ़ने हैं पुई बात था
10:22मैं रयान को मेसेज़ कर रहे थी वो रप्लाइ नहीं कर रहा था
10:25तो सुचा तो मैं कर दो
10:27अंटी आप उसके बारे में बिल्कुल टेंशन आ रहे हम सब कुछ मैरेज करेंगे
10:31और मैं आपको सिखांगी ना
10:33Thank you
10:36अंटी आपको कोई बात तंग कर रहे है
10:39कुछ है तो आप उसे शेयर कर सकतें
10:42बोले क्या हुआ है
10:46सच्छे हुँ तो पढ़िया मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहे हुआ
10:50थिर भी, क्या ख्याल आ रहे हैं आपको
10:56छिप, पूरी रात में नहीं आती
10:59काश उस रात में चलाल के पास मौजूद होती तो आज वो इस कुछी पर बैठे होते
11:06पर भी, मुझे उने आखरी बद में चोड़ने का बहुत रिग्ड़ेट है
11:13तीक है मुझे
11:15उसना थिखाना चाहिए
11:17तो हम एने दिखाया रिजिस्टर भी करवाए
11:21वो माती मांगने भी आए
11:24हम नहीं गए
11:26तो फेर आए, फिर मौने माती मागी
11:31हम फिर भी नहीं कर इतनी वो मेरे अंदर कहां से आ गई थी
11:40एक जीता जागता इंसान आ गई
11:55क्या खूब कही है आपना
11:57वैसे सच पूछें तो मुझे इस सारे मामले के बारे में कुछ ज्यादा इल्म नहीं है
12:01बिल्कुल नावाकिफ हूँ मैं
12:03मुझे इस प्रॉसस के बारे में कुछ भी नहीं पता
12:07यह आपके गर की पहली शादी है
12:10नहीं जी
12:11दूसरी शादी होने जा रही है
12:12अनस की शादी तो हो चुकी है
12:15माशाला माशाला यह तो बहत अच्छी बात है
12:18वैसे भी बेटियों से जादा बहु की रौनक है हमारे घर में
12:22बिल्कुल ठीक का अपना
12:24बुलाईये न अपनी बहु को हम भी मिलने ज़रा
12:42बहु को जरूर बुलाता मगर वो यहां है ही नहीं
12:46अपने घर गई हुई है
12:50दरसल कमिशन के एक्जाम्स की तयारी कर रही है
12:53यहां पर डिस्टरब हो रही थी
12:54मैंने सोचे अपने घर चली जाए ताके वहां पर अराम से पढ़ाई कर सके
13:04मौसिन साब अब जब भी हमारे घर आएं
13:07अपनी बहु और भाई को जरूर लेकर आईएगा
13:20मौसिन के बड़े भाई की बीटी है
13:23हमने अपने खांदान में ही शादी की है
13:31वैसा खांदान की शादी भी अच्छी होती है
13:34बस मेरा एक्सपीरियंस अच्छा नही रहा
13:36क्योंकि मेरी बड़ी बेटी करी जहां शादी हुई थी
13:39वो लोग निभाने वाले ने निकले
13:41उनके वालदेन प्यालेदा रहते थे
13:43उनके बड़े बेटे ने भी तलाग दी थी
13:45बस इसी वज़ा से चाहते हैं
13:47अब जो हमें बहु मिले वो निभाने वाली मिले
14:01बस इसी बात ने हमें डरा दिया था
14:04बसे अमेर के दाता तो साफ मना करे थे कि बस अब खांदान ही करेंगे
14:09लेकिन खांदान में कोई नहीं है
14:11तो फिर उनके बहुत मुश्किल से इजाज़त दी
14:14झाले कोई फैमिली फ्रेंड्स हो या बहुत जानने वाले हो
14:17बसे करेंगे तो दिखाएं पिर मनसूर भाइं हमें मिल अपर सन्होननननननने लादाए बताये और हम आज आ गए यहाँ पर
14:23मेर सबस्क्राओन नाया
15:03दर्यान के इस दुगान को लेकर बहुत सारे आइडियास थे, आप मैं तो चाहती थी, दोना बाप बेटें एक साथ
15:11काम करें, लेकिन वो थो हमेशा यही कहते थे, मेरे मेंड़े के बाद यह कुछ से को समा लेगा,
15:21जब तक मैं जन्दा हूँ, मेरी ही चलेगा, देखो, इग्जाक्टिल फैस से ही हुआ,
15:44सब ने आपके कोई वलती हुए, चीज आप पर निशान मुए कि, पीस,
15:59मुझे तो ये रिष्टा बहुत पसंदा है, अगर ये लोग रिष्टे की बात आगे बढ़ाते हैं तो हमें तो सोचना
16:04भी नी चाहिए,
16:15हेलो मैडम, आपके रिष्टे की बात हो रही है, मैं ज़रा ऑनलाइन रिसर्च कर रही हूँ,
16:26हाँ, ऑनलाइन तो तुम्हें बहुत कुछ मिल जाएगा, आदे से जादा खानदान की प्रोफाइल्स तो देख नहीं हैं मैंने,
16:33और इनकी वो बहु भी मिल गई है, जिसके डिवोर्स होई थी, पब्लिक अकाउंट है, ब्लॉगर है अमेरिका में, अच्छा,
16:42जरा मुझे दिखाओ,
16:44मुझे दो इलोग बहुत पसंद आएगा, ऐसा लगता है के शायद शांजी के लिए इससे बेतर रिष्टा नहीं आएगा,
16:59अबा, आपके चाने ना चाने से कुई फर्क नी पड़ता, भूल गया आप, क्या कहा था उनोंने, कि अपनी बहु
17:14और अपने बड़े भाई को साथ लेकर आना,
17:23रुत्बा आएगी, तो बात आगे बढ़ेगी, अब मैंने उनको कॉल करके कलका कह दिया, तो प्लीज मेक शोर के कुई
17:31नया ड्रामा ना आप करे है,
17:35हाँ, ये तुम ठीक कह रहे हो, इसके बारे में कुछ सोचना पड़ेगा,
18:02रुत्बा, ये तुम क्या कर रहे हो, ये तुम क्या कर रहे हो, ये अपिस इतना ही त्यारी शूरू कर
18:09दिया है, तुमने,
18:13ये तो फर्स एना बहोगा,
18:20रुत्बा, बुचीनी पास करो रानी.
18:29ये लो, रुत्बा...
18:54वो लोग तो काला आ रहे हैं न? तुमने आजी से सारी तेहरी शुरू कर दी?
18:59अब बी सिर्फ मीठा बना रही रानिया
19:05बागी ए खाना कल बनांगे
19:10मुझे नहीं समझ में आ रही तुम क्या करना चाह रही हो
19:15रही है तुमने देला करता है
19:22मुझे दल भाउ तुमने का головा बना रहे हैं
19:28इर लो काना कम क्या आ रहे शुमियत्त भी प्लाई वरा है
19:32वहां रहे रहे हैं
19:33कि रहे हैं लो खाने काहश बनाघ तुमने तुमने एकि मीठी добр है
19:54रुद्बा, बीटा, तुम्हारे पेपर्स कैसे होगे?
20:03रुद्बा, आपको यू मुस्खरात्योंगे देख்करना, मुझे अपनी पुरानी रुद्बा, यादागे?
20:24देखो, रुद्बा, अपनी सिचुएशन और प्रॉडम जो है, मैं वह बार बार रेपीट नी करूँगा, आप अल्रडी बहुत फ़र सुन
20:33चुकी, लेकिन,
20:39सच ये कि गलती तो मुझे से हुई है, इसलिए आज उसी गलती का महतराफ करने और आपको वापस घर
20:55ले जाने है,
21:09रुद्बा, हम सब का मुझे हुँ खराब करें, इस साइट पर आपके बात कर लिता है,
21:18तो हमारे अपने अनस, इधे की बात करता है,
21:24हाँ, बिल्कुल, अगर ये मेरी रुद्बा की खायश है, तो यही सही,
21:37इसलिए जानता हूँ कि मेरी वज़ा से आपका सफर काफी मुश्किल रहे,
21:47लेकिन आप ये भी जानती है ना कि मैं आपसे किस कातर महापत करता हूँ,
21:53और ये बात आप डिनाई नी कह साथे,
22:01इसलिए आज सब के सामने मैं हाथ जोड़ कि आपसे माफी बाढ़ने का,
22:17प्लीज मुझे माफ कर दो, प्लीज,
22:37प्लीज, प्लीज, प्लीज, का डिन आपसे माफ कर दो,
22:40मैं आकको माफ किनिकले बैड़नी,
22:46मगर्य मेरी इंकली शार्त,
22:55अब आपके सारे हुकम सहरांगों पे बोलो
23:00आपको याद ही कि मैं इस घर से वापस इस घर क्यों आई हूँ उसकी बज़ा गया थी
23:13वैसे तो शादियां बड़ी खुशी की बात ओती है लोगों के लिए ले ले
23:17लेकिन हमारी शादी बड़े मुश्किल हलात में थी और उन मुश्किल हलात में आपने मेरे अबबा की इसर पचायो दी
23:35यह तो मेरा फार्स था किसी बाते कहे रही हुए तो यह फर्स शादी के बाद कुरे में भाप आया
23:46आपको पता है ना चुब एक लड़की शादी करती है तो वो अपनी जिंदगी अपनी खुशियां अपने खाब अपनी इज़त
23:56सब नए घर में लेकर आती है शुरू शुरू में तो मैं आपके इसान में इतना दब चुकी थी कि
24:06मैं अपनी इज़त पुल गे थी
24:14और जैसे जैसे वक्त गुजरता रहा मुझे तो जैसे इसकी आदू तो ने लगी
24:26लेकिन जब मैं अपना भूनने लगी थी तो एक तुफान ने मुझे जगाया
24:36आपको पता है मेरे ले वो तुफान क्या था
24:44एक थपड़
25:19मेरे तो वेमे वो गुमान में बिनी था कि सच के साथ खड़ उने पर वोई भी आपको रखके थपड़
25:26लगासकते हैं
25:37और इसी एहसास ने मुझे मजबूर कर दिया कि वो घर छोड़के मैं इस घर में
25:57तो आज मैं इस घर में वापिस बस एक ही तरीके से जा सकती हैं
26:03जो आपने किया वो ही बस आपके साथ मैं करूँ है
26:08झाल झालव।
26:38तुम कहना के अचारी रुद्मा हाँ, जैसे आपने मुझे थपड मारा, वैसे ही मैं आपको थपड मारूंगे।
26:57उसके बाद मैं आपके साथ जाने को तयार हुए।
27:14तुम को अच्छाएं देखो बेटा, मैंने तुम्हें बहुत पहले समझाया था।
27:19इस तरह के छोटे मोटे मसले तो शादी शुदा जिंदकी का मामूल होते हैं।
27:24और तुम का… ऐसे मसले मामूल ही नहीं होते हैं, Rakshanda.
27:28बच्छों का मामूल है, बच्छों को हैंडल करने दो, फ्लीज.
27:35बच्छों को रहा है।
27:42बच्छों को रहा है।
27:52रद्वा, मुझे बच्छों को रहा है।
27:55तुम क्या कहना चाहरी हूँ।
28:04बच्छों को रहा है।
28:11रद्वा, मेरी बात सुनो.
28:15रद्वा, मेरी बात सुनो.
28:21रद्वा, तब हमारे बीच में एक जैन्मन प्रोब्लम थी.
28:27अब तो हमारे बीच में ऐसा कुई मसला नहीं है न?
28:29इसलिए मुझे तुम्हारी कंडेशन बिलकुल भी समझ नहीं आ रही।
28:33बुरा लगा न?
28:36मेरे तो अभी सिफ बात बोली है।
28:38तुमने अक्चली मुझे थपड मारा है।
28:44देखो,
28:46मुझे नहीं समझ आ रहा के तुमारी प्रोब्लम किया।
28:51कितने मर्द हैं जो अपनी बीडी को थपड मारते होंगे
28:54और माफी भी नहीं मांगते होंगे।
28:56लेकिन मैं वैसा नहीं हूँ।
29:00मेरे अंदर फिर भी इतनी गहरत ही कि मैंने सब के सामने तुमसे मापी मांगी।
29:05देखो,
29:06अब तुम मेरे सबर का इम्तिहान मत लाँ।
29:08अनस, छोड़ा इसे!
29:10अनस,
29:12छोड़ा इसे!
29:34बेश शर्म!
29:39मुझे तो मालूम ही नहीं था कि मैं एक घर में पाल पोस के एक हैवान को बढ़ा कर रहा
29:48हूं।
29:54रुकबा बेटा!
29:59मैं माफी चाहता हूं तुमसे!
30:10आज तक इस दरिंदे की शख्सियत में मुझे अपनी औलाद नजर आती थी!
30:23मुझे इन सारी बातों का बिलकुल भी पता नहीं था!
30:28अगर पता होता तुम!
30:37इस शख्स के साथ निका जैसे पाक रिश्टे में बनने से पहले ही मैं ये रिश्टा तो बिला।
31:00रुद्बा तुम जानती हो मैंने कभी भी शांजे और तुम में कोई फरक नहीं रखा।
31:09तुम दोनों मेरी बेटियों की तरह।
31:19पस बात छोटी सी है
31:26शांजे का प्रिष्टात है हो गया है
31:31इसकी मंगनी होने वाली है
31:37मैं जानता हूं
31:40जानता हूं मैं के मैंने इसकी सही परवरिश नहीं की
31:51नहीं सिखाया के रिष्टों को कैसे नभाया जाता है
31:59अगर मेरी इस गलती की सजा
32:04इसके किये की सजा
32:08शांजे को मत दो
32:21कुछ ही दिनों में इसकी मंगनी है
32:27तुमसे गुजारिश करता हूं
32:31तकरीब से कुछ देर पहले ही सई
32:34कि शिर्कत कर लो
32:41हमारा भरम रह जाए
33:11मुसल चचाब
33:16आपने अनस की मेरे से शादी करा के
33:19मेरी फैमिली पे इसान किया
33:25मुसान वी पे करने में
33:27शांजे की मंगनी में सरो रहूंगे
33:29बस रुदबा
33:31नहीं है जरूरत तुमारी हमदर्दी की
33:34जिल्लत की भी कोई हद होती है
33:37और हर बार हमारे ही बच्चों पर उंगली उठाई जाती है
33:40मेरी तर्वियत पर ही उंगली उठाई जाती है
33:44हर बार मेरे बच्चों की गलती क्यों होती है
33:50कभी किसी और के गिरेबान में भी जांक लिया करे भाई साहब
33:56सच तो ये है भाई
33:57किया आपकी बेटी को घर बसा रही नहीं था
34:02शुरू दिन से मैं नोट कर रही हूँ
34:04कोई ना कोई बहाना होता ही है उसके पास
34:07कभी घर छोड़कर चली जाती है
34:09कभी अनस में कीड़े निकालती है
34:11कभी अनस के रवये पे कोई मसला होता है
34:16आखर कितनी बार मेरा बेटा उसकी जूतियां सीधी करे
34:20उससे माफी मांगे उसको राजी करे आखर कब तक
34:26रक्षंदा जबान समाल के बात करो
34:29नई भाई साथ बस हम बहुत सुन चुके हैं
34:31पूरी जिन्दगी मैं सुनती ही आई हूँ
34:33अब मैं बोलूँगी
34:40और इसने घर बैटना है ना
34:42तो खुशी से बैठे
34:43ये क्या छोड़ेगी मेरे बेटे को
34:45हम खुद इसे यहाँ छोड़कर जा रहे
34:52मैं भी देखती हूँ
34:54कि कितने अर्से तक पूरी दुनिया इसके हिसाब से चलती है
34:59रक्षंदा अब तुम हद से नई
35:00मैं हद पार नहीं कर रही हूँ मर्यम
35:03हमने हद से जादा बरदाश्ट कर लिया है
35:06बस हो गई अब
35:07रक्षंदा बस कर दो
35:08नहीं करूँगी मैं बस
35:09आज आप चुप कर जाएं और मुझे बोलने दे
35:24ये मेरा बेटा था
35:26जिसने इतनी बड़ी कुर्बानी खड़े खड़े दे दी
35:28किसी और की दुलहन को
35:30अपनी दुलहन बनाने में इसने दो मिनिट नहीं लगाए
35:41और भाई साब
35:42जलाल भाई को आपकी असलियत पता चल गई थी
35:45इसलिए तो उन्होंने ये सब किया
35:49तुम हच से बड़ी और रक्षंदा खामोश हो जाओ
35:51इज़त बचानी थी तो हमारा ही बिटा नजर आया था इनको
35:55बड़े शरीफजादे बनते हैं ये
35:57पहले अच्छे बुरे में तमीज तो सीख लें
36:00और उसके बाद अपनी बेटी को भी सिखा दे कि अच्छा बुरा क्या होता है
36:04रक्षंदा तुम मुझे मजबूर कर रही हो कि मैं तुम से बत्तमीजी करूँ
36:11प्लीज मेरे सबर को मत आसमाओ
36:15अगर मेरी बेटी के खिलाफ एक लाउस भी बोलाना
36:18तो मुझ से बुरा कोई नहीं होगा समझी तुम भाई अपनी बेटी अपने पास संभाल कर रखें
36:23मेरा बेटा इस उन्या मैं सजा काटने के लिए पैदा नहीं होगा चलो
36:49प्लीज मेरे समझी तुम भाई नहीं होगा चलो
37:18अपनी बेटी बेटी तुम भाई नहीं होगा चलो
38:15झाल झाल
38:25दो बोल थे तेरे लिए
38:31दो बोल ही खो बैठी जुवान