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  • 11 minutes ago
दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय पैरा गेम्स में भारत काफी पीछे था। 2010 के पैरा एशियन गेम्स में भारत ने सिर्फ एक गोल्ड समेत कुल 14 मेडल जीते थे। लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 114 मेडल हासिल किए हैं। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
NAME: नरेंद्र मोदी
DESIGNATION: प्रधानमंत्री

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Transcript
00:00ताच्वां एक समय था जब जादारतर खेलों में भारत की भागीदारी केवल अप्चारिकता समझी जाती थी
00:17पेरा गेम्स में तो देथ बहुत पीछे था 2010 के पेरा एश्यन गेम्स में भारत ने बस एक गोल्ड मेडल
00:31जीता था
00:32कुल मिलाकर उस टूर्नामेंट में हम केवल 14 मेडल जीत पाए थे 14 वहीं इस बार हमारे खिलाड़ी 114 मेडल
00:52के जात आये है
00:56प्रतियोगी तांके आखरी दिन भी आपने उस दिन तो कमाल कर दिया था
01:04नव गोल्ड मेडल जीत लिए
01:11ऐसा लग रहा था जैसे आपने ताय कर लिया हो
01:18कि जब तक गेम चल रहा है मेडल जीतने का सिलसिला रुकना नहीं चाहिए
01:31खागियोँ इस बार हमारे खिलाड़ीों ने
01:35ऐसी परधाओं में भी गोल्ड हासिल किया है
01:39जिन में भारत को पहले एक कामिया भी मिली नहीं थी कभी
01:46मोना अगरवाल ने पैरा शुटिंग में विश्वर रिकॉर्ड बनाया
01:55कोई सोचे है
02:0014 से 114 की यह यात्रा
02:06यह आपके परिश्रम की पराकास्ता है
02:12उसी का परणाम है
02:18खेल के प्रति आपका जो डेडिकेशन है
02:22और यह जो पूरा एको सिस्टिम डेवलप हुआ है
02:27उससे परणाम प्राप्त हो रहा है
02:29इस बार 30 गोल्ड, 35 सिल्वर, 49 ब्राउंच, 5 नए विश्व रेकॉर्ड्स, 9 एशियाई रेकॉर्ड्स
02:49आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया है
03:01इस बार 56 महिला खिलाडियों में से 34 बेटियां मेडल बिनर बनी है
03:20और चार्श परधाओं में तो पोडियम पर तीनों जगह हमारा ही जंडा था, हमारे ही खिलाडी थे
03:35गोल भी भारत ने जीता, उसी खेल में सिल्वर और ब्रॉंज भी भारत ने जीता
03:48और प्रतियोगीता के आखरी दिन भी आपने उस दिन तो कमाहल कर दिया था
03:55नव गोल मेडल जीत लिए है
04:01हनी भी अपना ही पुराना वर्ल रेकॉर्ड तोड़ करके आए
04:09हिमान्सू, रवी और जेहान ने अपनी परफॉमंसे दुनिया को दिखाया
04:16कि शारिरिक चुनोतियों को कैसे परास्त करना है
04:25साथियों, एक खिलाडी की व्यक्तिकत उपलब्दी हो
04:31या देश की सामुहिक सभलता हो
04:35जीत की चमक पूरी दुनिया देखती है
04:44लेकिन उस ख्षण के लिए जो वर्षों की महनत लगती है
04:53दिन राज जो पसीना लगता है
04:57जिस अटूट लगन और निस्टा के साथ तपस्या करनी पड़ती है
05:04जीत की बुलंद इमारत उसी नीव पर खड़ी होती है

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