00:002014 तक देश में सिर्फ पांच शहरों में मेट्रों चल नहीं थी
00:07अगर वही पुरानी सोच चलती, पुरानी सहरकार रहती, पुरानी कार्य संस्कृती रहती
00:19तो पूरे में मेट्रों को पहुँचने में कई दसक और लग जाते
00:28लेकिन 2014 में जब देश ने NDA को सेवा का मौका दिया
00:36तो हम एक संकल्प लेकर चले, ये संकल्प था शहर में रहने वाले
00:45में मिडल क्लास की इज आफ लिविंग, इज आफ ट्रांस्पोर्टेशन और इसका नतीजा आज हम देख रहे हैं,
00:58बीते बारा वर्षों में देश में मेट्रो ट्रांस्पोर्ट का काया कल्प हो चुका है
01:072014 में जहां 248 किलो मिट्र मेट्रो रूर था, अब ये बढ़कर करीब 1200 किलो मिट्र हो चुका है
01:242014 में जहां सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो चल रही थी, आज देश के 26 शहरों में मेट्रो चलने लगी
01:35है
01:36अब हर रोज मेट्रो में एक करोड से ज़्यादा लोग ट्रेवेल कर रहे हैं
01:46आज भारतिय मेट्रो नेट्वर्क दुनिया के टॉप थ्री मेट्रो नेट्वर्क में गिना जाता है
01:55साथियों, जैसी स्थिती बाकी देश में थी, वही हालात महराष्ट के भी थे
02:062014 में जब पहली बार NDA की डबल इंजिन सरकार बनी
02:11तम महराष्ट में 10-11 किलोमेटर ही मेट्रो लाइन चालू थी
02:19आज महराष्ट में करीब पहने 200 किलोमेटर की मेट्रो लाइन सेवा में है
02:28680 किलोमेटर से अधिक की मेट्रो लाइन पर काम हो रहा है
02:34आज सिर्फ मेट्रो इंफ्रास्रक्चर पर ही महराष्ट में डाई लाग करोर रुप्य से अधिक का निवेश किया जा रहा है
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