00:00एस आखिवे शयादो जो आरूप लगा रहे थे तो अन्होंनेए इक विकस यादो वाली बाद जो हम लोग कर रहे
00:04थे तो आखिर विकस इादो के 10 नाम
00:07और आपने बताएगे नहीं 13 नाम
00:09तो ये विखास यादो मोडल क्या है क्या मतलब हर वोटरलिस्ट में ये विखास यादो मोडल दिखाई देगा या वो
00:18एक अपवाद के तरह लिया जाएगा
00:21कुछ दिनों बाद हम कहेंगे थिंग अफ दे पास्ट अब ये बड़ा इंट्रेस्टिंग केस था जो उन्होंने उठाया अच्छा केस
00:30उठाया इंट्रेस्टिंग केस उठाया ज्यादातर डूपलिकेट जितने अभी तक निकल रहते उसका एक ही कारण रहता है मल्टिपल फ
00:50तो तीन चार उसके वोट बन गए कुछ इन एफिशेंसी हमारे सिस्टम में रही होगी जो हम पकड़ नहीं पाए
00:59एक बात विकास यादव का महला बहुत इंट्रेस्टिंग डिफरेंट है इसमें यह जो दस लोग हैं इनमें से एक विकास
01:07यादव है नौ लोग अलग लग ह
01:10और जब हम सिस्टम में जाके देखा उनका नाम उनमें कोई महिला है कोई पुरुष है लेकिन हिंदी में नाम
01:17सबका विकास यादव है तो यह जांच में भी हमें पूरा करने में कई दिन इसलिए लगे कि हमें यह
01:23नहीं समझ आ रहा था कि यह जो नाम घरबड किया विकास �
01:26विकास यादव क्योंकि एडिट का उप्शन रहता है जब विकास यादव ने एंटर किये थे और इंटरस्टिंग बात थी कि
01:33जातर जगह सेम बूत से पांच छे नाम होते हैं इसमें पांच अलग लग बूत थे तो यह नहीं समझ
01:39आ रहा था कि पांच अलग लग बिये लो कि
01:41किसी मैला या पूरुष का नाम बदल के विकास यादव क्यों करेंगे क्या इंटरस्ट होगा उनका अच्छा विकास यादव की
01:47गलती नहीं थी पहली बात यह पता लगा कि विकास यादव ने फॉर्म नहीं भरे थे वो तो एक यंग
01:52लड़का है उसने अपना जो फॉर्म
02:06इतमे जो इन्वाल था उसने किया ये जांज करने में हमने इतने दिन लगा है और ये शायद एक दो
02:12दिन में हमारी कम्प्लीट भी हो जाए मीनवाइल हमने
02:15में रिस्पॉंसिबिलिटी फिक्स कर दी थी उन पांच बियलोज की जिन्होंने ओनल फॉर्म भरे थे अपने एप से उस ऑपरेटर
02:22की क्योंकि उसने भी उसमें कुछ एडिटिंग या कुछ किया था उस एई यारो की जिसने इन फॉर्म पर अंग्रेजी
02:29में नाम कुछ है और
02:45मुकदमा दर्ज करें इन लहब के जवाब आ रहे हैं इनको समय दिया गया एक दो दिन बाद जवाब आने
02:50के बाद इन पर कड़ी कारवाई होगी तो क्या सच चाहिए क्या सच मुछ मुसल्मानों के नाम इस एस एयार
02:56में कट गए बहुत ज़ादा नाम उनके बाहर होगे अ
03:14अब तक बाद बाइन आ जानी चाहिए थी
03:25किसी जाती के एक भी पार्टी की एक भी शिकायत नहीं है
03:35दूसरी बात हमने पीली भीट में मामला उठा था उससे पहले पीली भीट का मामला एक वेब पोर्टल ने उठाया
03:45था जिसमें एका था कि 85,854 नाम आटो जेनरेट काट दिये
03:49उसमें बताया थै कि पीदी भीट का कोई बाबूलाल या कौन है जिसने 146 या इतने मुसलिम इतने लोगों के
03:56नाम काटने के फार्म साथ दिये जिसमें अधिकांश 90% से अधिक मुसलिम थे यह उस पोर्टर ने लिखा
04:03तो हमने उसका जवाब भी दिया था कि एक भी नाम उस जो मल्टि एकी विक्ति ने डेड़ सो दिये
04:09थे उसमें एक भी नाम ने काटा था सब के सब रिजेक्ट हुए थे ऐसी उस पोर्टर ने का कि
04:14रेश्मा नाम की एक विक्ति ने 188 लोगों का नाम काटने का फार्म साथ भर
04:31कि एसायर से पहले क्या स्थिती थी मुस्लिम्स की वोटर लिस्ट में छे जनवरी को क्या स्थिती थी जब ड्राफ्ट
04:41आया बड़ी संख्या में नाम कटे थे उपुरे उत्वरदेश में दो करोड़ अठासी लाक लोगों के एंट्रीज चली गई थी
04:48उसमें और फिर दावा �
04:50पत्ती था जिसमें बड़ी सिंख्या में था कि साब नाम काटे जा रहे हैं और बल्क में नाम दे रहे
04:54हैं तो उसका क्या एफेक्ट हुआ वो दस अपरेल को पता लगा तो हमने पूछा है यारो से कि जैसे
05:00इस वेब साइट हमारी वोटर लिस्ट में रिलिजिन नहीं लिख
05:19सचाही है अगर हमारा को लगा की बहुत बड़ा तो पूरे यूपी में देखता पड़ेगा तो पीली भीत में ऐसायर
05:27शुरू होने से पहले नामों के साथ से देखें तो 35 परसंट के आसपास मुसलिम से और 6 जनवरी को
05:37जब हुआ वो बढ़करा 36 परसंट हो गया टोटल व
05:44पोटल इस दस अपरेल को ही तो 39.5 परसंट हो गया जो इल्जाम लग रहा है कि नाम काट
05:53दिये वास्तिकता उसकी उल्टी है दूसरा एक्जैंपल उस पोटल में था तरभ गंज का यह काम तरभ गंज में कराया
06:01गया वहां 8.95 परसंट से बढ़के 9.5 परसंट हो गया है तो
06:08जब यह दो आ गया है तो हम कॉन्फिडेंट थे कि सब हवाबाजी और एक हवा में चल रहा है
06:14आहां कड़े कुछ और बात करें