00:00अरनब की तबाही की टीस अभी कम भी नहीं हुई थी
00:03कि बंगाल की खाड़ी के गहरे समंदर से एक और भयानक खत्रा उठखड़ा हुआ है
00:10एक ऐसा खत्रा जिसका नाम सुनते ही तटिय इलाकों की धड़कने तेज हो जाती है
00:16मुरासू
00:18तमिल भाशा में मुरासू का मतलब होता है युद्ध का नगाड़ा
00:23और इस बार ये नगाड़ा बजा है समंदर के सीने पर
00:26जिसकी गूंज आंद्र प्रदेश से लेकर ओडशा, तमिल नाडू और जारखंड तक सुनाई देने वाली है
00:34एक सौ से एक सौ बीस किलो मीटर प्रती घंटे की रफतार से बहती हवाए, बादलों का भारी जमावडा और
00:41आने वाले अड़तालीस घंटे
00:43क्या देश के पूर्वी तटिय राज्य इस महा तूफान का सामना करने के लिए तयार है
00:49और जारखंड तक इसका क्या आसर होने वाला है
00:52सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर ये तूफान आया कहां से और इतना खतरनाक क्यों माना जा रहा
01:00है
01:00भारत मौसम विज्ञान विभाग यानि IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक
01:06दक्षिन पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र डीप डिप्रेशन अब एक भीशन चक्रवाती तूफान में
01:15बदल चुका है
01:16पिशले कुछ घंटों में ये लगभग 23 किलो मीटर प्रति घंटे की रफतार से पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा की ओर
01:23बढ़ा है
01:24अगर हम समंदर के भीतर इसकी लोकेशन की बात करें तो ये तूफान इस वक्त चैननई से लगभग 560 किलो
01:31मीटर
01:32विशाखा पटनम से 660 किलो मीटर और आंधर प्रदेश के निलोर तट से करीब 630 किलो मीटर की दूरी पर
01:40केंद्रित है
01:40और सबसे दिलचस्प बात इस तूफान को नाम दिया गया है मुरासू
01:47भारत द्वारा दिये गए इस नाम का शाब्दिकर्थ होता है युद्ध का नगाड़ा
01:52जिस तरह प्राचीन समय में युद्ध से पहले नगाड़े बजा कर आगाह किया जाता था
01:57ठीक वैसे ही मौसम विभागने भी तीन राज्यों
02:00आंदरप्रदेश, तमिल नाडू और ओडीशा के लिए रेड और ओरेंज अलर्ट का नगाड़ा बजा दिया है
02:07अब सवाल ये है कि ये तूफान तट से कब टकराएगा और तबाही का दाइरा क्या होगा
02:15IMD के वैज्ञानिकों का नमान है कि सोमवार यानी आज ये तूफान समंदर के उपर और जादा मजबूत होकर एक
02:25गंभीर चक्रवाती तूफान
02:27सिवेर साइक्लोनिक स्टॉम की शक्ल ले लेगा
02:30इसके बाद मंगलवार की आदी रात से लेकर सुबह चार बजे की बीच
02:35ये दक्षिन आंधर प्रदेश के तट पर नेलोर और नरसपुर के बीच टकरा सकता है
02:41जब ये तट से टकराएगा उस वक्त हवाओं की रफतार सौ से 110 किलोमीटर प्रतिगंटा होगी
02:48जो बढ़ कर 120 किलोमीटर प्रतिगंटा के तूफ़ानी जोंको तक पहुच सकती है
02:54आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 120 किलोमीटर प्रतिगंटे की रफतार से चलने वाली हवाएं
03:00पेड उखाडने, बिजली के खंबे गिराने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुचाने के लिए काफी है
03:06तमिलनाडू के तिरुवल्लूर, चिन्नई, चेंगल पट्टू और काची पुरम में मूसला धार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है
03:14वहीं ओडिशा के भुवनेश्वर मौसम केंदर की निदेशक मनोर्मा मोहंती के अनुसार ओडिशा में दो नवंबर से बारिश शुरू होकर
03:23चार नवंबर तक जारी रहेगी
03:25लेकिन कहानी सिर्फ तटीय राजियों तक सीमित नहीं है
03:29अरनप के बाद अब चक्रवात मुरासु की एंट्री जारखंड में भी खलबली मचाने वाली है
03:35राजधानी राची में सुभा से ही आसमान में घने बादलों ने डेरा डाल रखा है
03:40मौसम विभाग की रिपोर्ट बताती है कि अगले दो दिनों तक दक्षणी जारखंड और संथाल परगना के जिलों में तूफान
03:48का सीधा असर देखने को मिलेगा
03:50विशेश रूप से कोलहान शेत्र यानि सिम्डेगा, पश्चिमी सहिंभूम, सराइकेला खरसावा और पूर्वी सहिंभूम में तेज हवाओं के साथ बारिश
04:00का सबसे ज्यादा प्रभाव रहने की आशंका है
04:03इसके अलावा पलामू प्रमंडल में भी मौसम बिगलेगा
04:06तीन नवंबर को राची, खूटी, लोहर दगा, हजारी बाग, रामगर, बुकारो, धनबाद, गिरीधी और कोडर्मा में बादल चाये रहेंगे
04:18और हलकी से मध्यम बारिश हो सकती है
04:21संधाल के इलाकों, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड, साहिब गंज और गोड़ा में भी बारिश के आसार बने हुए हैं
04:31और हाँ, बारिश के ठीक बाद, चार से छे नवंबर के बीच, राची, डालटन गंज, बुकारो और जमशेदपुर में सुभा
04:40के वक्त धुन्द और कोहासे का असर बढ़े का, जिससे ठंड की दस तक और तेज हो जाएगी
04:47इतने बड़े खत्रे के सामने, सरकार की क्या तैयारी है? क्या प्रशासन मुस्तैद है?
04:54ओडीशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने साफ किया है कि चक्रवात अरनब की मार जहेल चुके गंजाम जिले
05:03और दक्षणी हिस्सों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है
05:07निचले अलाकों और पहाडी क्षित्रों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षत स्थानों पर भेजने के आदेश दिये जा चुके
05:15हैं
05:15NDRF और SDRF की टीमों को तैनाद कर दिया गया है
05:20मचुआरों को साफ हिदायत दी गई है कि वे अगले कुछ दिनों तक बंगाल की खाड़ी के गहरे समुंदर में
05:26उतरने की गल्ती बिल्कुल ना करें
05:29यानि सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है लेकिन जनता के लिए भी ये समय सतर्क रहने और किसी
05:38भी अफवाह पर ध्यान ना देने का है
05:40चक्रवात मुरासू की ये आहट हमें याद दिलाती है कि प्रकृती जब अपना रौदर रूप दिखाती है तो सतर्क ताही
05:49सबसे बड़ा बचाव होती है
05:51आंधर प्रदेश के तट पर लैंड फॉल से लेकर चार खंड के पहाडों तक अगले 48 खंडे बहुत ही समवेदन
06:00शील रहने वाले हैं
06:02क्या मुरासू तटिये इलाकों में तबाही मचाएगा या फिर सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस आफ़त को नाकाम कर देंगे
06:10लेकिन ठहरी है इस तूफान के शांथ होते ही क्या उत्तर भारत में अचानक कड़ाके की ठंड और घने कोहरे
06:19का महा संकट आने वाला है
06:21मौसम विभाग का अगला बड़ा इशारा क्या है
06:26इस तूफानी चक्रवाद की हर एक पल-पल की ग्राउंड रिपोर्ट और सैटलाइट अपडेट सबसे पहले देखने के लिए जुड़े
06:34रहिए वान इंडिया हिंदी के साथ
06:46सबस्क्राइब तो वान इंडिया और नेवर मिस न अपडेट
06:51झालोग सबस्टर मिन आप नूड़ रूनिया आप झालोग सबस्टाभ जान इंगाइब मुनकारत शार नीक्राइब तो है
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