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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रामलीला मैदान में विपक्षी एकजुटता, क्या BJP को घेर पाएगा?

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00:00सम्मिधान से बड़े नहीं हो और राम निला पैदान लोगतन की हल्दी खाटी बन गया है और चोरो के आज
00:06महाँ भारत का आयोतन किया है
00:30अंदोलन को बीजेपी ने राजनी तिक समर्थन दिया अपने इसी सफर में बीजेपी ने छे बार केंद्र में सरकार बनाई
00:36दूसरी तरफ कॉंग्रेस के साथ ऐसा नहीं है आजादी के बाद से 2014 तक अधिकांच वर्षों में कॉंग्रेस खुद सत्ता
00:44में रही ये आजादी क
00:58हाट के आंदोलनों का पानी पी चुकी बीजेपी के सामने गॉंग्रेस अपने प्रदर्शनों से कोई असर पैदा कर पाएगी
01:12ये राहूल गांदी की आंदी है इसे बचेंगे नहीं ये तुफान है
01:29आप जो भी हो आप सम्विधान से बड़े नहीं हो सम्विधान आपसे बड़ा है
01:34वैसे तो ये रामलीला मैदान रमायन के लिए आयोजन होता है लेकिन हम लोगों ने वोट शोरो के लिए आज
01:42महा भारत का आयोजन किया है
01:47भैनिश भैनिश ये पापा भॉट चूड़ी ये पापा
01:56आई रामलीला मैदान लोग दंद की हल्दी घाटी बन गया है
02:02समाजबादी पार्टी की उपलग दिये है कि उसने अपने चार बार की सरकार में तंद्रसो दंगे करवाये थे
02:11देश का जन्ता उस पेठियों को कफी वोटार लिस में आने नहीं देगा
02:18मोदी जाएगा तो ही रोजटन्टर बचेगा मोदी को हटाएंगे तभी रोजटन्टर को बचाएंगे
02:29देश को इन दिमागी नक्सलियों पे हमेशा सतर करहना है
02:39दिल्ली में विपक्ष का शक्ती प्रदर्शन
02:43राम लीला मैदान में जुटा इंडिया ब्लॉग
02:46रोड शो के जरिये रैली से पहले विपक्ष की एक जुटता
02:51वोट चोडी का मुद्दा निशाने पर केंद्र सरकार
02:56क्यानेश कुमार के स्टीफे की मांग पर छिड़ा संग्राम
03:02कॉंग्रेस के साथ इंडिया गटबंधन के दूसरे नेता भी शामिर
03:07उधर बीजेपी ने शुरू की अराजकता हटाओ लोग कंतर बचाओ रह दे
03:15रोहतक में नितिन नवीन दिल्ली में हर्दी पुरी का मार्ज
03:20कुल मिलाकर दिल्ली की सड़कों पर सत्ता और विपक्षाम ने सामने
03:27सियाज़त की सड़क पर विपक्ष की एक जुटता का काफिला निकला है
03:31तलवारें खिज गई हैं, मैदान सच गया है, जो ध़त तयार है, फुल आन मसाला इंटर्टेन्मेंट चल रहा है
03:39एक नवंबर को कॉंग्रिस ने चलो दिल्ली का नारा दिया तो लगभग कूरा विपक्ष एक जुट हो गए
03:44विपक्ष के बड़े बड़े नेताओं ने इसमें हिस्सा लिया, मन्जिल थी राम लीला मैदान, लेकिन एक तय रूप के जरिये
03:50कॉंग्रेस अध्यक्ष खरगे के घर से कनौट प्लेस होते हुँ
03:53गाली के जरिये काफिला आगे बढ़ा, वोट्चोरी के मुद्ब पर आवाज उठाई गई, मांगा गया ज्यानेश कुमार का इस्तीफा
04:23जालिक में जो मोदी जी रहते के हुए भी जटा पर आज से के जंता के लाहेर स्टक मैं खूराना
04:30इGS जया हुआ थाया।
04:36देश की आजादी के बाद ये पहली बार है जब कॉंग्रेस इस तरह किसी बड़े आंदोलन का हिस्सा बन रही
04:42है
04:43वरना इस से पहले तमाम आंदोलनों कॉंग्रेस खुँड सत्ता में रही है
04:47और दूसरी पार्टियों ने कॉंग्रेस के सरकारों के खिलाफ प्रोदर्शन किये हैं
04:52बहराल राम लीला मैदान पहुंचने से पहले पूरा माहौल बना लिया गया
04:58लोग कह रहे हैं कि चोरों की सरकार नी चाहिए
05:00और जिस प्रकार से पुलीस से चोर डरती है आज भारत की जनता से भासपार डने लगी है
05:06ग्यानेश कुमार के इस्तीवे के बाद भी बहुत से आगे कदम लेने हैं ताकि हमें लोकतंत्रों को अगर बचाना है
05:12तो अंतेम लक्षय ग्यानेफ कुमार काम इस्तीफा नहीं पहली कड़ी है
05:16गाड़ी में विपक्ष के दिगज और जुबान पर वोट चोरी का मुद्धा था
05:20जानि कुल मिलाकर दिल्ली की सडकों पर विपक्ष का खब्सा था
05:23वोट बचाओ देश बचाओ के नाम की यह महीं कई तरह के सियासी संदेश ही दे रही थी
05:28देखे हमारे संदेश इस परस्ट है वोट बचाओ देश बचाओ
05:32हम चाहते हैं कि हार भारतिय नागरिक का जो संविधानिक हक है वोट देने का
05:38कि हमारे देश की भविश्य को तै करने का इस हक कोई लोग छीनने की कोशिश कर रहे हैं
05:45यह हम छीनने नहीं देंगे
05:46हम चाहते हैं कि पूरे देश में जैसे हमारे देश में 80 साल तक इलेक्शन चला है
05:52एसे ही भविश्य में होना चाहिए कि यह S.I.R. में जो कुछ गलते हो चाहिए सारे कैंसल करके
05:58सारे रिवर्स करके हमारे इलेक्शन सिस्टेम आगे बढ़ना है
06:02राम लिला मैदान पहुचने के बाद मंच पर विपक्ष के कई नेता एक साथ नजर आए
06:07सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मलिकार जुन खरगे, अखिलेश यादव, ममता बेनर जी, तेजस्वी यादव, पारूख अब्दुल्ला, महभूबा मुप्ति
06:17जैसे बड़े नेताओं ने मंच पर अपनी मौजूद की दर्ज गराकर एक सियासी सं
06:50देश्टिया
06:52राम जी के सामने वो पापी, बचने वाले निये, नकेबल इनका नास होने जा रहा है, इस बाद सर्वनास होने
07:01जा रहा है
07:02भेनिश कुमार जी, अब भोट खाली भेनिश नहीं किया, पूरा काउंटिंग भेनिश किया है, सेंटरली हाईजैकिंग करके
07:12उधर बीजेपी ने भी विपक्ष की इस्रेली के खिलाफ देश के अलग-अलग शेहरों में अपना मार्श निकाला, हर्याना के
07:19रोहतक से बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मोर्चा सम्हाला,
07:23आज लोग तंत्र पचाओ इस पध्यात्रा के माध्यम से, पूरी सर से विपच्ष के साथियों को कहते हैं, आपने जितनी
07:31बड़ी आवाज लगाई, उसका 10% भी दिल्ली नहीं जुटा होगा, उससे अधिक लोग तो रोह तक एक जिले में
07:39आ गये हैं, तो दिल्ली में जो �
07:52140 करो जनता के लिए जीता है, उनका परिवार 140 करो जनता है, और राहु गांदी का परिवार किसका है,
08:00वो किसके लिए जीते हैं, आप सब को बता है
08:03दिल्ली में केंद्री मंतरी हर्दी पुरी ने मोर्चा समखला, बीजेपी ने इस पध्यात्र को नाम दिया, अराजकता हटाओ, लोगतंत्र बचाओ
08:33राजकता त्वो को देश की जनता जवाब देगे, देश के अंदर राजकता फिलाने का आज, द्रिश्या हमने देखा किस तरह
08:41से, जारखंड के एक मंतरी, ने आज वहां स्टेज से नौस किया, कि वो दस हजार लोगों को लेकर आएगा,
08:51और यहां से C.C. को उठा कर ले ज
09:03पर विपक्ष सरकार को घेर पाएगा, और क्या आगे भी विपक्ष एकता नजर आएगी?
09:33अधर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर डी नोटिफाई किये जाने के बाद, राम लीला मैदान में जमावडा अपने आप
09:40में एक राजनीतिक संदेश रहा.
10:02रविबार के दिन दिल्ली की सुबा आम दिनों से कुछ अलग थी, सडकों पर हल चल थी, राम लीला मैदान
10:07के तरफ बढ़ते खदम थे और सियासत में एक बड़े शक्ती प्रदर्शन की तयारी थी.
10:17मुद्दा था विपक्षी एक जुटा का, मकसद था सरकात को घिरने का और मंच था राम लीला मैदान.
10:30सुबा के आठ बजे थे और राम लीला मैदान में कारिकरताओं का पहुँचना शुरू हो चुका था.
10:34कोई हाथ में पार्टी का जंडा लेकर पहुँच रहा था, तो कोई अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाता नजर
10:39आ रहा था.
10:50राम लीला मैदान के बाहर सुरक्षक का कड़ा पहरा दिखाई देने लगा था, दिल्ली पुलिस के हजारों जवानों की तैनाति
10:55की गई थी,
10:56चार हजार से ज़्यादा पुलिस कर्णियों की मौजूदगी, जगे जगे बैरिकेडिंग और आने जाने वाले रास्तों पर निगरानी की विवस्था
11:02थी, जैसे जैसे राम लीला मैदान में घीर बढ़ रही थी, वैसे वैसे सियासी बयान बाजी भी तेज होने लगी
11:20थी
11:29कि ये देश को क्यों गुम्राह कर रहे हैं और अपने एक्शन से, सिच्विएशन से और जो बिहेवियर उनका राहूल
11:36गांधी का है, वो केवल पार्लेमेंटी डेमोक्रिसी को एक अंडर्माइन कर रहा है, रिडिकुलस है और संबैधानिक संस्थाओं को वाइडिसन
11:47है, त
11:49पुरा देश देख रहा है, सुबा खरीब दस वजे विपक्शित खेमे की तरफ से भी एक के बाद एक बयान
11:59आने लगे थे, ग्यानिश कुमार को इस्तिफा देना पड़ेगा, सारी चीजे प्रूवड है, कब तक वो नहीं देंगे, बेशर्म हो
12:10करके देंगे, कोट दे ले
12:19है, रामलीला मैदान तो बहुत छोटा पड़ेगा, पूरा रामलीला मैदान दिल्ली हो जाएगा, और पूरा महौल है, सरकार के और
12:29ECI के खिलाफ है.
12:36इंडिया गटबंधन के नेताओं का मिंटो ब्रिज से मार्च दोपहर बारा बजे शुरू होना था, लेकिन उससे पहले ही, इस
12:42रास्ते पर लोगों का जमावडा लगने लगा था.
12:45आप जो लोगों को देख रहे हैं समाजवादी पार्टी, इंडिया ब्लॉक के इस तभी नेताओं सभी घटक दलों को बुलाये
12:50गया था, तो समाजवादी पार्टी के नेता इकठा होने लगे, उनके कारेकरता इकठा होने लगे हैं, और कहां पर, द्रामलीला
12:56मैदान पर �
12:57शोडाउन होना है, लेकिन मैं जहां पर हूँ, यह मिन्टो रोड यहां से शुरुआत, जहां से राहुल गांदी, अखलेश आदो,
13:02मलिकार जुन खड़गे, ममताव एनर्जी, मार्च करेंगे, तब तक यह समाजवादी पार्टी का एक कारेकरता जो अखलेश आदो, की त
13:28दोपहर के बारा बचते ही, राहुल गांधी की तरफ से लोगों को इस मार्च में शामिल होने का नियोता दिया
13:33गया, कॉंग्रिस नेता ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कनॉट प्लेस आईए, साथ चलते हैं, जैसी
13:40धे राम लिला म
13:41मैदान में मिलते हैं, अब तक मैदान में हजारों के संख्या में कारिकरता पहुँच चुके थे, यहाँ पर भारत के
13:48नक्षे पर यह उंगली ले करके संदेश की उंगली तो उठेगी, और यहाँ पर इने सुआई, तो आप देखेंगे कि
13:54जितने इंडिया गटबंदन के �
13:55घटक दल हैं, वो एक सांकेतिक प्रदर्शनों के जरिये ताकि संदेश तीखा हो, संदेश मजबूत हो, जितने भी घटक दल
14:01हैं, उनके तमाम कारिकरता नेता यहाँ इक अठा होना शुरू हो चुके हैं
14:17दोपहर बारा बच कर चालिस मिनट पर इंतिजार खतम हुआ, विपक्ष के बड़े नेता एक खुली बस में सवार होकर
14:22आगे बहुते नजर आए, बस में राहूल गांधी, ममतर बिनर जी, अखिलेश यादव समेथ कई प्रमुक नेता मौजूद थे, सड़क
14:29के दोनों तर
14:36हाथों में जंडे, जुबान परनारे और नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने इस मार्च को सियासी शक्ती प्रदर्शन का रूप
14:43दे दिया, अब विपक्षी एक जुटता सिर्फ एक मंच की तस्वीर नहीं थी, बलकि दिल्ली की सड़कों पर दिखाई देने
14:49वाला रा�
15:03काफिले के साथ समर्थकों की भीड़ भी आगे बाढ़ रही थी, हर तरफ कैमरे थे और हर नजर खुली बस
15:09में बैठे नेताओं पर थी, अलग-अलग राज्यों और अलग-अलग राजनीतिक विजार धराओं के ये नेता एक ही बस
15:15में सवार थी
15:23दोपहर के डेल बज़े विपक्षी नेताओं का काफिला कनौट प्लेस पहुँच गया, नेताओं की ये एक साथ मौझूद की रैली
15:29की सबसे बड़ी तस्वीरों में से एक बन रही थी, कनौट प्लेस से आगे बढ़ते हुए सभी नेता राम लीला
15:34मैदान की तरफ रवान
15:44दिया था, तस्वीर आप देखे, यहाँ पे सीपी के आउटर सर्कल पर ये काफिला पहुच गया है, और अब बहुत
15:54धीवी गती से ये काफिला आगे बढ़ रहा है, मिंटो रोड की और, पूरी सड़क जंडों से, कार्यकरताओं से, खचा
16:03-खच भरी हुई है,
16:09दोपहर के तीन बजे राम लीला मैदान की तस्वीर बदल चुकी थी, मैदान में इंडिया गटबंदन की महा रैली के
16:14लिए बड़ी संख्या में लोग जुड़ चुके थे, विपक्षी दलों के नेताओं के अलावा कार्यकरता, छात संगठनों और नागरिक समाज
16:21के प्र
16:35अधन के 18 दलों के नेता मंच पर मौजूद थे, ये वो तमाम सियासी चेहरे थे, जो मुख्य चुनाव आयुक्त
16:41ग्यानेश कुमार के स्तीफे की मांग उठा रहे थे, मंच पर विपक्षी एक जुटता की तस्वीर थी और निशाने पर
16:46केंद्र सरकार, कॉंग्रस की ओर से
16:49अध्यक्ष मलिकारचुन खरगिन सबसे पहले मोर्चा सम्हाला और अपने भाषन में केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला।
17:22खरगे के बाद समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष अखिलेश यादव मंच पर पहुँचे, अखिलेश ने राम लीला मैदान को राम जी
17:28की लीला से जोडते हुए बीजेपी पर निशान असा था।
17:49जनता पार्टी को ये राम जी की लीला का मैदान है।
17:56दिल्ली के मन से अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के अगले विधान सभा चुनाव का भी सियासी संदेश देने की कोशिश
18:02की।
18:02ये लोग तंत की हल्दी घाटी है और इस मैदान में कई बार नया इतिहास लिखा गया है।
18:13और मैं कह सकता हूँ ये जो जन समर्थन दिखाई दे रहा है फिर से बदलाब आएगा।
18:20और ये इंकलाब के नारें ये गवा है कि कभी भी परिवर्ता ना सकता है।
18:30इसके बाद मंच पर विपक्ष के दूसरे बड़े नेताओं की बारी आई।
18:33आरजडी नेता तेजिस्वी आदब ने अपनी बात रखी और केंद्र सरकार पर निशान असा था।
18:38फिर पश्चिम मंगाल की पूर्व मुख्य मंतरी मम्ता बनर जी मंच पर पहुंची।
18:42मम्ता ने अपने अंदाज में चुनावी नतीजों और विपक्ष के संघर्ष का मुद्द आ उठाया।
19:07मम्ता के बाद नैशनल कॉन्फरेंस के फारुफ अब्दुल्ला और पीडिपी की महभूबा मुख्य ने भी मंच चे अपनी बात रखी।
19:14अलग अलग राज्यों के नेताओं के भाषणों में निशाना एक ही था ग्यानेश कुमार और केंदर सरकार।
19:51फिर बारी आई कॉंग्रेस नेता राहुल गांधी की।
19:53जैसे ही राहुल गांधी मंच पर पहुंचे पूरा राम लीला मैदान राहुल गांधी जिन्दाबाद के नारों से गूंज उठा।
19:59समर्थकों का उच्साह और मंच पर नेताओं की मौजूदगी इसरेली की सबसे बड़ी तस्वीर बन गई।
20:30विपक्ष के लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक ज्यानेश कुमार का स्तीफ़ा नहीं होता।
21:00शाम साहे चार बजे रैली का अंत हो गया।
21:03देज भर से आये लोग अपने घर निकल गए।
21:05राम लेला मैदान में दिन भर विपक्षी एक जुटता के तस्वीर बनती और बड़ी होती दिखाई दी।
21:10किसी ने सरकार को घेरा, किसी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए तो किसी ने आने वाले चुनावों में बीजेपी
21:16की विदाई का दावा किया।
21:17लेकिन इस राली का सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है, क्या मंच पर साथ खड़े हुए ये दल चुनावी
21:22मैदान में भी एक साथ खड़े रह पाएंगे।
21:25दिल्चस्प है कि एक तरफ कॉंग्रेस पार्टी और बागी का विपक्ष प्रदर्शन कर रहा है और दूसरी तरफ भारतिय जनता
21:33पार्टी उस प्रदर्शन के विरोध में प्रदर्शन कर रही है।
21:36सड़क पर सियासी मुकाबला सिर्फ कॉंग्रेस और सत्ता के बीच नहीं बलकि बीजे पी भी अपने मुद्दों के साथ मैदान
21:44में है।
21:59ये तस्वीरें दिल्ली के मिंटो रोड की हैं।
22:04ग्राम लेला मैदान की तरफ जाने वाले इस रास्ते पर 1984 सिख विरोधी दंगो को लेकर पोस्टर लगा था।
22:11लेकिन दावा है कि कॉंग्रेस समर्थकों को नागवार गुजरा तो फाल दिया।
22:15यही बात 1984 दंगा पीड़ों के दर्द में निकल कर आती है।
22:21सवाल यह कि कॉंग्रेस समर्थक 1984 के सिख दंगों के पोस्टर देख कर इतना भड़क क्यों गए कि उसे हटाना
22:27पड़ गया।
22:29दरसल आज एक तरफ राम लीला मैदान में कॉंग्रेस और इंडिया ब्लॉक की रैली हुई तो दूसरी तरफ बीजेपी ने
22:35देश भर में लोकतंतर बचाओ अराजकता हटाओ के नाम से अपना मार्च निकाला।
22:43आज ही के दिन पूरे भारत वर्ष में सिखों का नरसंगहार हुआ था।
22:51लगभग पांच हज़ार सिखों को मार दिया गया था।
22:55दिल्ली में सिखों को घर से बाहर निकाल निकाल करके और हम SIR की बात कर रहे हैं,
23:01इलेक्टरल रोल की बात कर रहे हैं, मैं याद दिला दू, जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार इन नेताओं ने
23:08electoral role में voter list में marking करके
23:12कि फलाना का घर सिख का है
23:14ये वाला घर सिख का है
23:15ये वाला घर सिख का है
23:17Congress के कारेकरताओं को voter list पकड़ाया गया था
23:20कि जाओ इन इन घरों में जाके आग जलाओ
23:23कि जब ऐसी माता हैं, ऐसी बहने
23:27ऐसे बुज़ुर्ग जिनोंने 84 के दंगे देखे हैं
23:31वो अपील करते हैं तो कम से कम एक दिन, दो दिन
23:34के बाद ये रैली करें
23:38जिद कि मैं प्रूव करूँगा
23:41कि जो हम चाहें वो हम कर सकते हैं
23:44दिल्ली में बीजेपी के इस मार्च का केंदर रहा हरी नगर
23:47काली पट्टी बांधे, दिल्ली सियम रेखा गुपता
23:50और केंदरी मंतरी हर्दी पुरी के नेतरुत में
23:53बीजेपी का ये मार्च निकाल गया
23:55इसमें 1984 के सिख विरोधी दंगों के पेडित परिवार
23:59सिख समुदाय की लोग और बीजेपी कारिकरता शामिल हुले
24:02और आरोप सीधे गांधी परिवार और कॉंग्रेस पर लगे
24:08देश का सिख समाज पूछ रहा है
24:11जो नवंबर 1984 में हुआ था
24:14क्या वो लोगतंत्र की हत्या नहीं थी
24:17जो स्वेम गांधी परिवार में की थी
24:20और एक बार नहीं लोगतंत्र की हत्या
24:23गांधी परिवार ने बार बार की कभी इंद्रा गांधी ने 1975 में की तो राजीव गांधी ने 1984 में की
24:33और राहूल गांधी आज कर रहे हैं
24:36कोई दिन चुटना सीगा
24:40कोई भी बुता हुए पहली नवंबर ये चुटना सीगा
24:46और ये भी मैं समझना की साधी कम्यूनिटी ने देश ने उना नो जो 1984-84 उद्रवासर पूरी तरीके ना
24:55रेक्सेप्ट नी किता
24:56माप नी किता उना ने सहीत ने करना मापी मंगी भी नहीं
25:00बीजेपी पहले ही कॉंग्रेस की रैली की तारीख पर आरोफ लगाती रही है कि कॉंग्रेस ने एक नवंबर की तारीख
25:06जान भूच कर चुनी है
25:07क्योंकि एक नवंबर 1984 को ही दिल्ली समेथ देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी
25:13हजारों सिख्वों की हत्या हुई घर और दुकाने जला देगे
25:17बीजेपी का आरोफ है कि उस हिंसा में कॉंग्रेस नेताओं की घुम्कत ही नहाजा कॉंग्रेस को पहले 1984 के पिडितों
25:24से माफी मागनी चाही
25:26आज ही का दिन इसी चौक पर हरी नगर चौक पर बीएफ 14 में पाल साब के घर पर पहली
25:33बार आग लगाई और आज उनका परिवार कहा है कोई नहीं जानता है
25:37यहां जलकपुरी A3 में अनेकों लोगों के घरों पर आग लगाई गई अत्याचार किये गई
25:43कांग्रेस को ने आज तक 1984 के मामले में अनकंडिशनल अपोलोजी नहीं मांगी है
25:50उसके बदले आज कांग्रेस एक नवंबर को ही दिल्ली में तिवार के समय अराजकता पहलाने के लिए ये कर रही
25:59है
26:02लेकिन बीजेपी के इस प्रदरशन के पीछे सिर्फ 1984 की यादे नहीं है बलकि आज की राजनिती भी है
26:09दरसल कांग्रेस आज राम लीला मैदान से S.I.R. के खिलाफ अपनी मुहिम को अगले चरण में ले गई
26:20कांग्रेस इसे वोट बचाओ देश बचाओ की लडाई बता रही है चुनावायोग पर सवाल उठा रही है और मुख्य चुनावायोग
26:27ज्यानेश कुमार के स्तीफे की मान कर रही है
26:55ऐसे में बीजेपी ने भी उसी दिन अपना सियासी जवाब तयार किया है
26:58एक तरफ कॉंग्रेस बोर्ट छोई का आरोप लगा रही है तो दूसरी तरफ बीजेपी कॉंग्रेस को 1984 के दंगों की
27:05याद दिला रही है
27:06एक नवंबर को राहुल गांधी के इस ड्रामे के चार मकसद है
27:13पहला कि सिख भाईयों के जक्बों पर नमक छिलकना
27:16दूसरा दिल्ली में दंगा और अराजकता फैला कर साजिश करके जंता की चुरी हुई लोग तांत्रिक सरकार को हटाना
27:25तीसरा तिहार के सीजन में दिल्ली के दुकानदारों और व्यापारियों की कमाई पर ढाका डालना
27:33रैली नहीं है ये आर्थिक नाके बंदी की नई रास्ता इन्होंने ढुड़ा है
27:39देश में जब जब आपदा आया है करोना का लाए चाहे इरान का हो
27:47इन्होंने भारत में भरम फैला करके अब ये गिरिष जुद करवाने की तैयारी कर रहे हैं जो होगा नहीं
27:55बीजेपी का ये विरोध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है
27:58हर्याना के रोह तक में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने मार्श निकाला
28:02और कॉंग्रेस पर गोर्ड चोरी की विरासत आगे बढ़ाने का आरोप लगाएं
28:06तीन करोर घुस पैठिया हैं अब ये घुस पैठिया कौन है हर्याना की जनता जानती है
28:14ये घुस पैठियों को पचाने के लिए लराई लराई हैं और मैं कहता हूँ
28:21जब तक भास पाउर एंडिये का जाई करता है, वो पूरी तर से इस घुट पैटियों को देश के बाहर
28:28करेगा, किसी भी आल में घुट पैटियों का दिकाल नहीं मिलेगा।
28:32वह चंडिगल से ग्रेमंत्री अमित्शान ने कॉंग्रेस पर सीधा निशाना साथ है।
28:36वोरासी में राजीव गांदी जी ने एक स्टेटमेंट दिया, कि जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो भूमी हिलती है।
28:47और आजी उनी के सुपुत्र राहूल गांधी ने एक दंगो के जख्म पर नमक छीड़कने का काम करने के लिए
29:00आजी बड़ा जलसा दिल्ली में रखा है।
29:07हम तो सोचे थे कि इनको आई उस वक्त छोटी होगी, इत्यास से पढ़ते नहीं हैं, तो साइद इनको मालूम
29:17नहीं होगा।
29:18हमारी पार्टी ने प्रेस कोंफरेंस करकर कया कि एक, दो, तीन को आप मत रखिये, ये सीख दंगो के दिन
29:28थे, इसे सीख बंदुओं की, माताओं की, बेहनों की, बच्चों की बावना या हत होगी।
29:36मगर उन्होंने जीद करी, विदेश से, वहां से इनकी पार्टी को ओडर किया, कि उसी दिन जलसा होगा, जिस दिन
29:47हजारों सिखों को जला दिया गया है।
29:52राजस्थान के अलवर में भी अराचकता हटाओ, लोगतंत्र बचाओ के नारे के साथ बीजेपी सड़क पर उतरी, यहां केंद्री मंत्री
29:58जोतिरादित सिंधिया और भूपेंद्र यादब ने कॉंग्रिस को फूब खेरा।
30:11तो आज दिल्ली की सड़कों पर दो मार्ज थे, दो अलग-अलग राजनितिक नेरिटिव हैं।
30:18मगर इस पूरी सियासी लड़ाई में एक सवाल 1984 के पीड़तों का भी है।
30:23चार दशक बाद भी न्याय और जवाब देही के उनकी मांग, राजनिति के बीच कितनी जगें पा रही है।
30:31आंदोलन की सफलता के लिए जरूरी है विपक्ष की एकता, पर आंदोलन की एक जुटता चुनावी मैदान में कितना कायम
30:38रह पाएगी ये सवाल भी है।
30:40क्या रामलीला मैदान में साथ खड़े विपक्षी दल, आने वाले चुनावों में भी साथ साथ नजर आएंगे।
30:45कॉंग्रेस के मंच पर अगर इंडिया ब्लोक के दूसरे नेता साथ दिखाई देते हैं, तो इसका संदेश सिर्फ आज के
30:52आंदोलन तक्सीमत नहीं रहेगा, आने वाले विधान सभा चुनावों में भी, खासकर यूपी और पंजाब में विपक्ष की एक जुटता
30:59का टेस
31:29भी होगा.
31:32जिसका दूर्गामी प्रगाम प्रणाब करेंगे.
31:34हम छोड़ेंगे नहीं, हम जिन्दे गिदेंगे, हम देरेंगे.
31:41आपको देखते हुए लगता है, जो इस देश की समस्या है, उसको आप समिझते हैं और उसको बजलना चाहते हैं.
31:49राहुल गांधी जी ने क्लियर कह दिया है कि पहले ग्यानेश को मार जाएंगे, फिर ये सरकार जाएगी.
31:54तो ना मोदी रहेंगे ना तो ग्यानेश रहेगा.
31:57ये देश था, ये देश है, ये देश रहेगा.
32:03दिल्ली की सरकों पर विपक्षी एक जुटा की एक बड़ी तस्वीर दिखाई दी.
32:07राम लीला मैदान में इंडिया गटपंधन की रैली से पहले, कॉंग्रेस नेता राहुल गांधी खुली बस में सवार होकर, मिन्को
32:14बिरिज के लिए रवान हुए.
32:15बस की अगली सीट पर राहुल गांधी नज़र आए, तो उनके ठीक पीछे ममता बनर्जी और अखिलेश यादव बैठे दिखाई
32:20दिये.
32:21इस बस में विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ नज़र आए.
32:24नेशनल कॉनफेंस के फारुक अब्दुल्ला, और जेडी के 33 यादव, लेट के दिपांकर भटाचार, टीमसी के अभिशेक बनर्जी, कॉंग्रेस के
32:31प्रियंका गांधी, एनसीपी की सुप्रिया सुले, शिवसेना, यूबीटी के संजे राउट और पीडीपी की महभू�
33:01लेकिन सियासत में तस्वीरे हमेशा वैसी नहीं होती जैसी दिखाई देती है, और प्रदर्शन में दिखने वाली दोस्ती हमेशा चुनावी
33:08रिष्टेदारी में भी नहीं बदलती, सवाल सिथा है, जो नेता आज राम लीला मैदान में एक दूसरे के सुर मिसुर
33:14मिला रह
33:14थे, कल वो क्या चुनावी मैदान में भी एक दूसरे के साथ खड़े दिखाई देंगे?
33:44आंदोलन में साथ खड़ा होना आसान है, लेकिन जब बात टिकेट, मुखी मंतरी पद और सत्ता में हिस्सेदारी की आती
33:50है, तो अच्छे अच्छों के सियासी सुर बदल जाते हैं.
34:14अच्छा और मिराशन में ये लोग बेज के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं, ये विरोध नहीं है,
34:29ये अवरोध है.
34:33प्रधार मंतरी मोदी विपक्षी गडबंधन की एकता पर कई बार सवाल उठा चुके हैं, विपक्ष के सामने चुनौती भी यही
34:39है, कि वो इस सवाल का जवाब सिर्फ एक मंच साजह करके देगा, या फिर चुनावी मैदान में भी एक
34:44जुटना साबित करेगा.
34:45भैनेश कुमार जी, अब भोट खाली भैनेश नहीं किया, पूरा काउंटिंग भैनेश किया है, सेंट्रली हाइजैकिंग करके.
34:55ज्यानेश कुमार के बिना ना नरेंद्र मोदी प्राइम मिनिस्टर बनता, ना अमिच शाह होम मिनिस्टर बनता.
35:06मोदी जी की जो सरकार है, ये दो नमबडी सरकार है, और मोदी जी प्रधान मंत्री दस नमबडी प्रधान मंत्री
35:15हैं.
35:18कॉंग्रेस के मंच पर इंडिया ब्लॉक के दूसरे दलों के नेता भी नज़र आए.
35:21इस तस्वीर के जरिये विपक्ष संदेश देना चाहता है कि बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में वो एक साथ है.
35:27लेकिन सवाल ये है कि ये साथ कितना मजबूत है और कितने दिन तक चलेगा.
35:31माराश के MLC चुनाव में भी इंडिया गड़ पंधन के भीतर खीशतान और बिखराब दिखाई दिया.
35:36उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कॉंग्रेस के बीज टिक्टों और सीटों को लेकर मतभेट की खबरें आती रहती है.
35:42पश्चिम मंगाल में ममतब अनरजी इंडिया गड़ पंधन के साथ खड़ी दिखाई देती हैं, लेकिन बंगाल कॉंग्रेस का सियासी निशाना
35:49खुद ममतब अनरजी ही है.
35:50वही हाल जम्मो कश्मीर में भी है. इतना ही नहीं. कभी इंडिया ब्लॉक में साथ साथ रहने वाले अर्विंद केज
35:56रिवाल भी. पूरी रैली में कही नज़र नहीं आए. रैली से दो दिन पहले पंजाब में आम आदमी पार्टी ने
36:01उम्मीदवारों की पहली लिस्ट ज
36:17पांच राज्यों में चुनाव हैं. पांचों राज्यों में कॉंग्रेस चुनाव लड़ रही है और बीजेपी चुनाव लड़ रही है. चार
36:24राज्यों में बीजेपी की सरकार है, एक राज्ये में आम आदमी पार्टी की सरकार है. तो पांचों राज्यों में सबसे
36:32बड
36:45इनकी प्रैसवारता देखी हो, आपने इनके धरने प्रदर्शन देखी हो, कुछ भी तो नहीं करते हैं।
36:51दोनों पार्टियां मिलके पंजाब के पीछे लगी हुई हैं कि आम आदमी पार्टी को किस तरह से अठाओ, बाकी तो
36:56हम आपस में बार्टी लेंगे।
36:57तो ये जो गंदी राजनिती है पुरा देश देख रहा है।
37:44बीजेपी के लिए विपकश्वी दलों की बीच यही खींचतान सबसे बड़ा राजनितिक हतियार है।
37:51जंडा अनेक, लाल जंडा, पीला जंडा, अरा जंडा, कोई टोपी पहन के लाल रंका आया हुआ है, तो कोई दो
37:58पत्ती लेके आया हुआ है, कोई तीन पत्ती पकड़ के आया हुआ है, जंडा अनेक, डंडा एक, लास्ट में जंडा
38:05नहीं रहेगा, डंडा ही रहेगा, जब �
38:07तिकेट बटवारा होगा उत्तर प्रदेश के चुनाओं के समय आप देखिएगा लट मारा मारी होगा लट्थम लट्थ होगा किस प्रकार
38:16से कांग्रेस वाले कांग्रेस वाले ही कांग्रेस वालों को मार रहे हैं अब कांग्रेस वाले समाजवादी पार्टी को और समाजवा
38:37ये भी है कि अगर बीजेपी के खिलाफ सभी दल एक साथ आते हैं तो नेत्रत किसका होगा, सीटें कौन
38:43छोड़ेगा, किस राज में कौन बड़ा भाई होगा और किस राज में कौन छोटे भाई की भूमी का निभाएगा
38:49गडबंधन हो नहीं पा रहा है, इमरान मसूद कांग्रेस की तरफ से हमला करते हैं, कांग्रेस के जो प्रभारी है
38:56राजेंदरपाल गोतम वो भी सपा पर हमला करते हैं, तो नाच नावय आंगन टेळा अपने गडबंधन धर्म को आप लोग
39:04निभा नहीं रहे हैं, गडबं�
39:18इससे बड़ी रैली मैंने आज तक नहीं देए, बहुत कामियाब रैली थी, केंदर बिंदु रामलीला मैदान था, लेकिन पूरे शहर
39:24में इसका भीर दिखाई दे रहे हैं, दरचल विपक्ष्री एक तक कि सबसे बड़ी कमजोरी यही है, सभी दलों का
39:32दुश्मन एक हो सक
40:01लेकिन राजमितिक महत्व कांगशाएं अलग-अलग हैं
40:03आम लोगों को भी अगर शॉपिंग करने बाहर जाना होता है, क्या उन्हें भी कोई दिक्कतें आती हैं, आम लोग
40:09और कारोबारियों की नजर से भी इस प्रोटेस्ट को इस आंदोलन को देखने की ज़रूरत है
40:22दिल्ली में हुवे प्रदर्शन को कारोबारियों ने राहुल गांदी से आगे बढ़ाने की अपील की थी
40:27कारोबारियों की दलील थी कि त्योहारों के सीजन में अगर आंदोलन में लाखों की भील आएगी
40:31तो ट्रैफिक डाइवर्जन, बैरिकेडिंग और आवाजाही पर पाबंदियों का असर आसपास के बजारों पर पढ़ सकता है
40:39आज नुवंबर की दिवाली है और क्रोणा रुपे का वेपारी का पहले भी नुक्सान हो चुका है
40:44और आने वरे समय में ओर ज्यादा नुक्सान होगा इसको लेकर ये रेली को कोस्पून किया जाना चाहिए
40:50दिवाली कि आप आप रेली कर लीजे
41:16मान किसी की भी हो प्रदर्शन किसी का भी हो
41:18लेकिन सडक बंध होने से लेकर कारोबार ठप होने तक उसका पूरा असर समाज पर पढ़ता है
41:24और यही है आंदोलन की अर्थ विवस्था जो अकसर आंदोलनों के कारण चर्मरा जाती है
41:29लेकिन ये कैसे होता है ये भी समझे
41:35आंदूलन का असर सिर्फ उस शहर या इलाके तक सिमित नहीं रहता जहां प्रदर्शन हो रहा होता है
41:40सडके बंध होने से माल की आवाजा ही रुकती है
41:42फैक्टियों तक कच्चा माल नहीं पहुँचता
41:44तैयार समान बाजारों तक नहीं पहुँच पाता
41:56फैंदूलन का असर सिर्फ सडकों और बाजारों में दिखाई नहीं देता
41:59इसका असर शेर बाजार तक पहुँचता है
42:01आईमेफ की एक रिपोर्ट में 72 देशों में समाजिक अशान्ती की 156 घटनाओं का विश्लेशन किया गया
42:08इसमें पाया गया कि बड़े समाजिक संघर्षों के बाद दो हफते में ही शेर बाजार के रिटन में और सतन
42:131.4 प्रतिशत अंग की गिरावट की गए
42:16और ये होता है अनिश्चित्ता के कारण
42:19जब किसी देश में लंबे समय तक राजमितिक या सामाजिक आईस्थिर्था बनी रहती है तो निवेशक भविश्च को लेकर सतर्ख
42:25हो जाते हैं
42:26लेकिन इस आर्थिक गणित में सबसे बड़ा सवाल है छोटे कारोबारियों और आम लोगों का
42:32लगबक दो मीने से हमें आई धन्य परतर संदे चून जबे हैं पहले जंतर मंतर अब एक तारिक का जो
42:39है रामिला ग्राउंड का यह तो को बेपार का कितना बड़ा एफेक्ट है
42:45सारे मेट्रों स्टीर्शन बंद हो जाते हैं सारे जाने आने के रस्ते बंद हो जाते हैं
43:08दिली के खान मारकेट जैसे महंगे और वेस्त बाजार में भी कारोबारियों ने जंतर मंतर पर तब हो रहे प्रदर्शनों
43:15और सड़क बंद होने से नुकसान की चिंता जताई थी
43:18ये कहा गया था कि ब्यब्धान के दोरान खान मारकेट की एक धुकान को रोजाना एक से बेर लाक रुपए
43:24तक का नुकसान हो सकता है
43:26नुकसान देखे हमारे यहां तो बहुत सारे लोग हैं जो किराया भर रहे हैं
43:29बहुत कंपनीज के शोरूम्स हैं आपने देखा ये खान मारकेट एक नामसी मारकेट है जो वर्ल्ड में जिसका नाम है
44:03पचास जार से लेके तीन लाक रुपए रोज का किराया है
44:04सर्थ बड़े दुकानदार का नहीं होता
44:06दुकान पर काम करने वाला कर्मचारी, सामान पहुंचाने वाला डिलिवरी बॉई, रहडी पटरी वाला, आटो और टैक्सी चालक, दिहारी मजदूर
44:14इन सब की कमाई रोज के काम पर निर्भर करती है
44:17यानि आनदोलन का आर्थिक असर सिर्फ कारोबार के टर्न ओवर तक सिमित नहीं रहता
44:22इसकी मार उन लोगों तकी पहुंचती है जिनके पास नुकसान सहने के लिए कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं होती
45:04आनदोलन के दौरान अगर सारवजनिक संप्रक्ति को नुकसान पहुंचता है
45:08तो उसकी मरमत का खर्च की आखर कार सरकारी खजाने से ही आता है
45:11और जब सरकें, रेलवे या दूसरी परिवन सेवाएं बातित होती हैं तो सरकारी राजस पर भी असर पड़ सकता है
45:18लोगतंतर में विरोध करना, अपनी मांग उठाना और सरकार से सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है
45:24शांती पूर्ण प्रदर्शन लोगतंतर का एहम हिस्सा है, लेकिन इस अधिकार के साथ एक सवाल और जुड़ा है
45:29क्या विरोध का तरीका ऐसा नहीं हो सकता कि आवाज भी उठे और आम आदमी की रोजी रोटी धीप भावित
45:35ना हो
45:38अमारी इस पेशकश में अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रहिए
45:43आज तक
45:45सम्विधान से बड़े नहीं हो
45:46आई राम निला पैदान लोगतंतर की हल्दी भाटी बन गया है
45:50कोट शोरो कले आज महाभारत का आयोजन किया है

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