00:07दिपावली का तहवार हो और घर आंगन दियों की रोसनी से ना जगमगाए ऐसा तो हो ही नहीं सकता
00:13लेकिन इस बार रांची की दिपावली में रोसनी के साथ आद्मिर्भरता और सम्मान की एक नई कहानी भी जुड़ने जा
00:21रही है
00:22सहर की चौकटो को रोसन करने की तयारी इजवार मिट्टी के नहीं बलकि गाये के गोबर से बने खास दीयों
00:28से हो रही है
00:29इन दीयों को बनाने वाले हाथ अपने परिवारों के लिए खुसहाली का नया रास्ता बना रहे हैं
00:35Gobercraft के संस्थापक Rawson कहते हैं कि हमारा focus महिलाओं को रोजगार देने का है
01:05उनका उने सही दाम मिले उनकी मेहनत को एक पहचान मिले इसलिए Gobercraft इस विजए पर काम कर रहा है
01:12और अभी तक हमारे साथ लगवा 500 सथीक महिलाएं जुड़ चुकी है
01:15हम लोग चाहते हैं कि देरे-देर करके यह चुकी एक नया concept है और नया concept में हम लोगों
01:20ने कुछ और add किया है जैसे कि आप देख सकते हैं कि जो हमारे दिये हैं उसका एक खासिया
01:25थे कि वह पानी में float कर सकते हैं तो अभी जैसे चट वगरा फेस्टिवाल होता है तो उसमें आ
01:34तो हमारा दिया को उसमें यूज क्या जा सकता है दूसरा जीज की यह पूरी तरह से गोबर से बना
01:39हुआ हुआ है तो यह पानी को भी परदूसित नहीं करता है हम लोग महिलाओं को ऐसा मतलब एक बैवस्ता
01:45देना चाहते हैं जिसे वो लोग अपने घर पे बैठे अपने इ
02:06इस खुबसूरत बदलाओ की सुरुवात कोरोना काल में हुई राची के रहने वाले सुनाली और रौसन ने देखा कि दूद
02:13देना बन करने के बाद गाय अकसर पसुपालकों के लिए एक आर्थिक बोज बन जाती है और उनके गोबर का
02:19भी सही इस्तमाल नहीं हो पाता बस �
02:21इसी बेकार समझे जाने वाले गोबर में उन्होंने रोजगार की एक बड़ी संभावना देखी दोनोंने मिलकर गोबर क्राफ्ट नाम से
02:28एक स्टार्ट अप शुरू किया आज यह चोटा सा विचार एक बड़े मुकाम पर पहुच चुका है जहां सिर्फ दिये
02:35ही नहीं ब
02:51इतना जादा रोजगार उनको मिल पाए तो हमने इस बार जो है एक नई मुहिम चालो किये हमारा जो सारा
02:57प्रोड़क्ट से वो हैंड मेड है हम लोग इसको ऑफिशली इस बार लॉंच कर रहे हमारा प्रोड़क्ट जो बाजारों में
03:04अफिलिबर मिलेगा आपको आल लाइन
03:07इस स्टार्ट अप की सबसे बड़ी ताकत हैं रांची के ग्रामेन इलाकों की 500 से अधीक महिलाएं जो आज इस
03:14काम से जुड़कर सीधे तोर पर आत्म निर्भर बन रही हैं
03:17इस स्टार्ट अप से जुड़ी महिलाएं कहती हैं किस से उन्हें रोजगार मिला और उनके घर की आर्थिक इस्तिती में
03:23भी सुधार हुआ है
03:24इसका बहुत सारा लाब है सर ये गोबर और मिट्टी से मिला के बनाया जाता है ना जिसको हम लोग
03:30यूज करने के बाद फेक भी देंगे बारी में नदी में तलाब में कहीं भी तो वो जल्दी गल जाता
03:37है
03:37So, in this event, I had a 50-50 day in my life.
03:43On the other day, 10-12, on the other day, 20-20,
03:47so, we've been doing about 100-120.
03:57Now, I'm not sure how to do that.
04:00It's not a cost.
04:02It's not a cost.
04:04It's a cost.
04:09go board craft�
04:10का यह अनोखा model सिर्फ महिलाओं तक सिमित � nहीं है
04:13बल्कि यह अस्थानिय पसुपाल को के लिए
04:15भी वर्दान सा भी थो रहा है इस टार्ट-अब द्रुपी प्रतिक
04:18किलोग्राम की दर से उच गुणवत्ता का
04:20Gubar kharida jata hai, jis se pasupalkon ko gai ke dudh ke alawa Gubar se bhi atirikt kamaayi ho rahi
04:26hai.
04:51तो gai bhi safe ho gai.
04:53सोनाली और रोसन की ये मुहीम आज पर्यावरन के अनुकूल एक बेहतरीन विकल्प बनकर उबरी है.
04:59इस दिपावली जब रांची के घर इंदियों की रोसनी से जगमगाएंगे तो उनमें सिर्फ एक प्राकृतिक उत्पाद की चमक नहीं
05:05होगी.
05:06बलकि इन 500 ग्रामिन महिलाओं के सपने उनकी अटूट मेहनत और भारत की आत्मिर भरता की असली चमक दिखाई देगी.
05:14होटो में मुस्कान हो दिपावली की खोशियां. एही तो है दिपो का उत्सब दिपावली.
05:19जी हाँ 500 सेधीक महिलाओं को रोजगार देना और गोबर क्राप्ट के जरिये बजारों तक 40 से अधिक वराइटी के
05:29सामान पहुचाना एक बड़ी बात है.
05:32दो युबावने मिलकर एक मिसाल पेस किया है.
05:36चंदन वट्टाचारिया, ETV भारत, राची.