00:04बिहार के गया निवासी शशिकुमार जो कभी तूटी साइकल से चलते थे साल 1995 में मात्र 10,000 रुपयों से
00:1310 डिब्बों के साथ मधुमक्खी पालन शुरू किया
00:16श्यद उत्पादन से जुड़ी आज उनकी शिवा एग्रो नाच्रल प्रड़क्ट्स प्राइविट लिमेटेड नाम की कमपनी है जुसका टर्न ओवर 70
00:24करोड से ज्यादा है इतना ही नहीं उन्होंने एक बड़े प्रोजेक्ट में 1.500 करोड का इंवेस्मेंट भी किया है
00:31ले
00:44पूरा का फूरा परवाद हो गया तो आवे दूसरा सब्सक्राइब क्या करें तो मेरे पास एक ही रास्ता था वाइफ
00:53को बोले कि भाई तुम ऐसा करो कि पैसा तो लाना पड़ाएगा मांगेंगे ताभी कॉन देगा हमको पैसा तो उनके
00:58पास जेवर था जो साधी हुई थ
01:28पर पर पर परिवार के साथ रहते हैं उनकी पतनी संगर्श के दिनों को कुछ यूँ याद करती हैं
01:44अच्छे भी होगा हैं कहा से क्या होगा लेकिन जब धीरे धीरे ये प्रॉम आखके बढ़ा को शेड़ा रहे हैं
02:13award सहित दूसरे कई पुरसकारों से भी सम्मानत किया गया है
02:47आज शशी कुमार लगभग 200 मधुमक्खी पालकों के नेटवर्क से जुड़े हैं
02:52उनकी कमपनी बिहार ही नहीं बलकी देश के कई राज्यों में शहद की सप्लाई करती है
02:57कमपनी के पास एक बड़ा आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट भी है
03:01जहां शहद की शुधता की जाज और वैग्यानिक तरीके से पैकिंग की जाती है
03:05आज शशी कुमार उन लोगों के लिए प्रेड़ना स्रोत हैं जो मधुमक्खी पालन के एक शेत्र में कुछ करना चाहते
03:11हैं
03:12यह थे शशी जी जिन्होंने अपने शेंगरशों की कहानी और अपने सफर की कहानी पुरी बताई और कहा कि उन्होंने
03:19जिस मेहनत और लगन के साथ काम किया
03:21घर बार को छोड़कर वो खुले आसमान के नीचे मधुमक्खी पालन के लिए रहते थे
03:26today, the result of the success of this country will be
03:29in this place.
03:30We have invested in the Integrated Manufacturing City
03:36in Tobii.
03:38Thank you very much.