Skip to playerSkip to main content
  • 13 hours ago
कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद जब अश्वत्थामा ने पांडवों के वंश को समाप्त करने के लिए उत्तरा के गर्भ पर ब्रह्मास्त्र चलाया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से कैसे उसकी रक्षा की? जानिए महाभारत का यह सबसे बड़ा और रहस्यमयी प्रसंग।
Transcript
00:01ुद्ध के बाद उत्तरा के गर्भ पर चले ब्रहमास्तर का खौफनाक सच।
00:06जब कुरुक्षेतर की सारी सेना समाप्थ हो चुकी थी, तब कौरव पक्ष से अश्वत्थामा ने एक अत्यंत भयंकर चाल चली।
00:13अश्वत्थामा ने पांडवों के वंश को पूरी तरह मिटाने के लिए अपने अचूप ब्रहमास्तर को साध लिया। उसका निशाना अर्जुन
00:21के पौत्र और अभिमन्यू के पुत्र परीक्षित को जन देने वाली उत्तरा का गर्भ था।
00:26ब्रहमास्तर सीधे उत्तरा की ओर बढ़ा, जिससे पूरी स्रिष्टी में हाहाकार मच गया और देवताभी कांप उठे। लेकिन तभी वहां
00:34प्रकट हुए त्रिलोक के स्वामी, सर्वशक्तिमान भगवान श्रीक्रिष्न जिनकी लीला अप्रमपार है।
00:56अध्भुत शक्ती से पांडवों के इकलोते वंश को बचा लिया। प्रोधित होकर भगवान श्रीक्रिष्न ने अश्वत्था मा को उसके माथे
01:04की मनी निकाल कर दरदर भटकने का श्राप दिया। यही वहक्षन था जिसने महाभारत के अंतिम और सबसे बड़े रहस्य
01:11को
01:11इतिहास में अमर कर दिया। ऐसे ही अनसुने और हैरान करने वाले पौरानिक रहस्यों को जानने के लिए अभी लाइक
01:18और फॉलो करें।

Recommended