00:11ुत्राखन के टीरी गड़वाल में भी देखने को मिलता है यहां लोगों ने मिलकर एक नदी को नया जीवन देने
00:19का प्रयास किया है
00:21यह नदी हैं हेवल कुछ समय पहले हेवल नदी में पानी कम होने लगा था आसपास के प्राकुरूतिक जलसरोत भी
00:33सूख रहे थे
00:34ऐसे में स्थानिय प्रशासन और गाउं के लोगों ने मिलकर हेवल नदी को बचाने का अभियान चलाया
00:43इस दोरान बारिस का पानी रोकने के उबाय हुए जमीन में पानी पहुचाने के लिए काम हुआ और बड़ी संख्या
00:52में पाउधे लगाए गए
00:54आज इस प्रयास से हेवल नदी को नया जिवनदान मिला है
01:06आज इसको हिवल नदी के नाम से जाना जाता है लेकिन अगर रिकॉर्ड के हिसाब से अगर देंगे यह राजस
01:14हिवल नदी है
01:16करभाली में हिवल नदी को मतलब बरब की नदी तो एक जमाने में यह नदी खुरकंदा देवी से निकलती है
01:24और आगे 45-50 किलमितर याच्ञा करके सिपफुरी में घंगा में भूलीन हो जाती हो कि जीवन के लाज़ाम है
01:31यह उपानी को बचाने के लिए यह पर जब
01:36अंदुटा नद्रण चला जंगल को बचाने के लिए पानी को बचाने के लिए पेड़़ों को
01:43the first time it was going to the river, but the river was going to the river.
01:59And when the river was going to the river, the river was going to the river.
02:07ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
02:42ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
02:54ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:12ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:31ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:40ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:56ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
03:58ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
04:01ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
04:02ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
04:25chai wo tup sinchai hai chai pene ka pani hai
04:29wo nirantar shappo milta rai