00:00Varansi में आयोजित एयर शो हर किसी के लिए आकरशण का केंदर बन रहा है
00:06इसमें शामिल विमान हर किसी को अचम्भित कर रहे हैं
00:10और ये अचम्भा लोगों के आकरशण का बड़ा केंदर बन रही है
00:14लेकिन बड़ी बात ये है किस आकरशण में जो फॉर्मेशन की गई है
00:18उसका भी अद्भुत नजारा दिख रहा है और नजारे के साथ इसकी अद्भुत नाम है
00:24दरसल एयर फोर्स में जो इन दिनो वारंसी में एर शो का आयोजन किया गया है
00:29इस एयर डिस्प्ले में जो विमानों का फॉर्मेशन किया गया है
00:32वो बनारस काशी महादेव के थीम पर किया गया है
00:36तस्वेरे आप देख रहा होंगे इन विमानों की जहां पर आपको अलग-अलग थीम में विमान नज़र आ रहे होंगे
00:43बड़ी बात यह है कि इस थीम में काशी, वरुना, केदार, हनुमान, सारनाथ, विश्वनाथ, पशुपतिनाथ, सारंग, ओमकार, गंगा, रुद्र, भागी
00:55रथी, तृदेव, अलगननदा, भैरव, कैलाश, तृलोचन, नटराज, महादेव, नीलकंठ, प्रचंड, असी
01:03दशास्व, जैसे अलग-अलग फॉर्मेशन शामिल है, बता दे कि यह पहला मौका है, जब प्रचंड का जो है, वो
01:11प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें सुकोई 30, MKI, राफेल, जैगुआर, मिराज, 2000, LC और, मिक 29, सहित, छेल, लड़ाको,
01:21विमान, तीर की अगरुभा�
01:33दूर में भी इसका प्रयोग किया गया था, यह पहला एयर शो है, जिसमें इस तरीके के जो अदभत प्रदर्शन
01:40को किया जा रहा है, तो निश्चत रूप से वारणसी में आयो, जित यह एयर शो कई माइने में खास
01:45है, और इस खास में इसके नाम बेहद लोगों के लिए �
01:49पाकरशड का केंद्र बने हुए है, बाचित करने के लिए रिटायर्ट ऑफिसर्स भी मौझूद है, सर क्या नाम होगा, मेरा
01:56नाम रिटायर्ट ऑफसर राजर्शी पांडे है, और मैं वारणसी का ही रहने वाला हूँ, और मैंने 23 साल इंडियन एर
02:02फोस में सर्विस करी हु
02:19चालीस पचास साल से आई दिंग ये पहला एर शो हो रहा है, कभी इसके पहले एर डिस्पले हुआ नहीं
02:25था, तो ये वारानसी और आसपास के लोगों को एर फोस से कनेक्ट करने के लिए बहुत बड़ा जरिया होने
02:31वाला है, और आप जो लोग यहां पर आ रहे हैं, उनका
02:55तो यहां पर निलकंट, पसपती, सारनात, त्रिशूल, महादेव, इस तरह से नाम देना बहुत उचित है, अगर हम इस एर
03:07शो को देख करके कहें, क्या लगता है वारानसी में ही इसका योजन क्यों किया गया, चौरान बेवा, यह इनका
03:12वर्ष है, कोई और जगे चुन सकत
03:16आप देख रहे हैं कि वारानसी इस समय पूरे दुनिया में, इनफेक्ट भारत में तो पहले से ही प्रसिद्ध है
03:24और पूरी दुनिया में प्रसिद्ध होते जा रहा है और इसका नाम होता जा रहा है, और मेरे ही सबसे
03:29यह कि कभी एर डिस्पले यहां हुआ नहीं था, तो �
03:33एर डिस्पले होना यहां एक बहुत अवस्यक हो गया था, क्योंकि जो वारानसी और पुर्वांचल का छेत्र है, वो एक
03:41अच्छे खासी जनसंख्या को आपके रिप्रेजेंट करता है, जिसमें कि बहुत सारे युवा अभी पढ़ाई कर रहे हैं और आगे
03:48बढ़ने को और
04:02देश की सेवा करने के लिए भारती वायु सेना से अवस्य जुड़ेंगे, यह जो है, आखरिश सवाल यह है, कि
04:08किस तरीके से इसको आप देखते हैं कि क्या इन फ्यूचर जो अलग तरीके का रड़नी ती तैयार किया जाता
04:15है, उसमें क्या कुछ मदद करेगा, और किस तर
04:31आप अपनी प्रदर्श्रम को दिखाते हैं, जो कि आम तरुपे जो सिविलियन पापुलेशन से उनको देखने को नहीं मिलता, जैसे
04:39यदि हम एयर फोर्स के हैं, और एयर फोर्स में काम करने वाले हैं, तो यह सब आयोजन विभिन जगों
04:45पर या विन एयर फिर्स पर होते �
04:47आते हैं, लेकिन जो कामन मैन है, जो आम जनता है, जिस पब्लिक है, उसको कभी इस तरह का फार्मेशन
04:53देखने को मिलता नहीं है, अगर उसको यह डिरेक्ट लाइफ देखने को मिलेगा, तो डिफिनेटली उनसे करने के लिए बहुत
05:00महतपूरून होगा और बहुत अच्छ
05:17ना के बीच एक ब्रिज की तरह भी काम करता है, चुकि गंगा घाट पर इसका योजन हो रहा है,
05:22तो मागंगा की अलग-अलग नामों की जरिये इसका फॉर्मेशन रखा गया है, इसमें बारणसी की अतिहासिक्ता को भी बताया
05:29गया है, असी, काशी, सारना जैसे नामों को �
05:32शामिल किया गया और ये महादेव की नगरी है, तो इस हिसाब से महादेव के भी अलग-अलग नामों को
05:37शामिल किया गया है, जिसमें पशुपतिनात, नीलकंड, विश्वनात, महादेव, त्रिशूल जैसे नाम शामिल है, तो निश्चत रूप से वारणसी का
05:46ये एर शो�
05:48आतिहासिक शहर बाबा विश्वनात और यहां की समर्द्दी यहां की विरासत के नाम में समर्पित है
05:55केमरा पोसन मनोच के साथ प्रतिमतिवारी एजी विभारत वारण से