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लखनऊ में TechSangam 2026 के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फॉरेंसिक साइंस, अपराधों की जांच और न्याय व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में पहले डीएनए जांच के सैंपल वर्षों तक लंबित रहते थे, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने में देरी होती थी। सीएम योगी के मुताबिक, प्रदेश की 12 रेंज में फॉरेंसिक साइंस लैब तैयार हैं, जबकि छह अन्य लैब निर्माण के अंतिम चरण में हैं। उन्होंने 150 से अधिक फॉरेंसिक वैन और पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग का भी जिक्र किया। अपने संबोधन में उन्होंने 42 साल बाद एक माफिया को सजा मिलने का उदाहरण देते हुए कहा कि तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्य न्याय प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकते हैं।
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Transcript
00:00पेक संगम के इस तीन दिवसिय कारिक्रम में उपस्तित इस फेड़ से जुड़ेवे सभी विशेशग्यगन, इंस्टिटूट के सभी छात्र छात्राएं
00:19और उपस्तित बैन और भाईयों,
00:25मैं सबसे पहले टेक संगम 2026 के लिए उत्तर प्रदेश इस्टेट इंस्टिट और फॉरेंशिक साइन्सिज़ को हिरदे से धन्यवाद देते
00:46वे आप उपस्तित सभी महनुभाओं का,
00:52इस महत्वण जुलंत मुद्दे पर उत्तर प्रदेश में आगमन पर मैं हिरदे से स्वागत करता हूँ, आप सब का विनंदन
01:02करता हूँ,
01:11साथियों संगम का समंद उत्तर प्रदेश से बहुत पहले से हैं,
01:22और इस संगम कानुभाओं उत्तर प्रदेश का देश का कैसा है यहाँ,
01:33आप सब ने दोहजार पचीश के प्रियागराज महा कुम्ब के मात्म से भी देखा है,
01:45वो महा संगम है, गंगा और यमना नदी के साथ साथ अद्रिस्य सरस्वती भी वहाँ देखने को मिलती है,
02:06आपने देखा होगा प्रियागराज के महा संगम में, यह त्रिवेणी का संगम,
02:21उसी से गर हम तुलना करें, तो यह संगम भी उसी की अनरूप हम सब के सामने एक नया द्रिश्टिकून
02:35प्रस्तुत कर रहा है,
02:40अगर गंगा की तुलना आप साइन्स से करें, यमना की तुलना टेक्नोलोजी से करें,
02:50लेकिन साइन्स एंड टेक्नोलोजी तभी मानों की कल्यान के लिए उप्योगी हो सकती है,
03:01जब हम भारती मनिसा की उन भावनाओं का प्रतिनित्त्य करतावा दिखाई दी,
03:09जिसमें कहा गया कि बिद्या ददाती बिनियम,
03:14विद्या का उद्देश्य बिनय है, और विनय का उद्देश्य बिवेक से पूरा होता है,
03:24और इसलिए प्रियागराज के महासंगम ने गंगा रूपी बिज्यान को भी दिया है,
03:36यमना रूपी तकनीक को भी दिया है,
03:40लेकिन साथ साथ अद्रिश्य रोप से सरस्वती भी उसके साथ जुड़ी भी है
03:48इसलिए हर भारत वासी की भावना और उसकी आस्ता प्रियागराज के उस महा संगम के साथ जुड़ती भी दिखाई देती
03:57है
03:57और यही आज का महा संगम का उद्देश से टेक संगम 2026 का भी जिसे उत्तरप्रदेश का हमारा यह फॉरेंसिक
04:10इंस्ट्यूट आउजित कर रहा है
04:13इसके पीछे के भी भी उद्देश से है
04:23क्योंकि सक्ति ब्यक्ति के लोग कल्यान का माध्यम बनना चाहिए
04:29न कि स्वयम के संकट का
04:33और हम लोग बार बार इन सब मुद्दों के और ध्यानाकर्सित इसीले करते हैं
04:43कि आर्टिफिस्यल इंटलिजेंस हमारे लिए
04:48सीग्र निर्णे करा सकता है
04:50वो हमारे लिए मददकार हो सकता है
04:52लेकिन यह हमारे लिए निर्णायक न हो
04:59हमारे द्वारा वो संचालित हो
05:01हमारे बिवेक पर वो निर्फर करता हो
05:03हम उसके बिवेक पर न चले
05:05उसके निर्णे पर हम सब कुछ मानने वही सब कुछ नहीं है
05:11अगर हम उस पर निर्भार हो करके सब कुछ करने लगेंगे
05:15तो वही सक्ती हमारे लिए संकड भी बनने वाली है
05:18और जिस महत्वकून मुद्दे पर हम चर्चा करने के लिए आये हैं
05:22टेक संगम उन्हीं उद्देश्यों पर चर्जा करने के लिए यहां पर आयुजित किया गया है
05:31मुझे विश्वास है कि जो इंटरनेशनल समिट यहां पर आयुजित की गई है
05:36यह अपने आप में उन महत्वकून मुद्दों पर चर्जा करने के लिए
05:41जिसमें याई साइबर फॉरेंसिक क्वांटम डेटा प्रोटेक्शन का हम एक साज़ा मंच पर लहने की दिसा में प्रियास करें
06:02सासन अर्थ विवस्ता नेशनल सिकुरिटी और हमारी जो न्याईक विवस्ता है उसकी दिसा को भी
06:12हम लोग एक सिस्टम के साथ आगे बढ़ाने में मदद करने में कहां साहिक हो सकते हैं
06:22यहां इन सभी बातों को लेकर के यह टेक संगम तीन दिवस्तिय इस इंटरनेशनल समिट के साथ जुड़ रहा है
06:44मित्रों हम लोगों ने इस बात को देखा है
06:48कि डिश्टल तक्नीक ने हमारी कारे च्छमता को बढ़ाने में काफी मदद की है
07:01यही ने समस्चाओं के समाधान की ही
07:06नई सम्भावनाएं हम सब के लिए खोली है
07:10और जिस महत्कूर बिसे की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं
07:14वह है क्वांटम कम्प्यूटिंग का
07:18बहुत से की तक्नीकी च्छमता के
07:21यह एक नए द्वार भी हम सब के लिए खोला है
07:26लेकिन सभी सम्भावनाओं के साथ
07:28हमारे सामने जो चुनोतियां हैं
07:31उनमें डीप फेक का है
07:34साइवर फ्राड का है
07:38पैचान की चूरी का है
07:40और डिश्टल जो साख से हैं
07:44उनकी बिस्वसनिता
07:46जैसी चुनोतियां भी हम सब के सामने
07:49गंबी रूप से
07:50आज के सामने हमारे सामने प्रस्टूत हुई हैं
07:55इसलिए आज की इन चुनोतियों को केवल तक्णी को विक्सित करने का नहीं
08:01बल्की उस सक्ति को सुरक्सित
08:05बिस्वसनिय और
08:08लोग हितकारी बनाने की दिसा में
08:12कैसे हम मिलकर के कारे कर सकते हैं
08:15इस पर विचार किये जाने की आउस सकता है
08:18और इसी बात को ध्यान में रख करके
08:23भारत सरकार ने
08:25Artificial Intelligence और Quantum Technology के छेतर में
08:30Mission Mode पर भी एक नए प्रियास को
08:33आगे बढ़ाना प्रारम किया है
08:36याई इंडिया Mission
08:40के माध्यम से
08:42स्वदेशी याई छमताओं के विकास
08:45Computing Infrastructure के विस्तार
08:49Innovation के प्रोथसाहन
08:51और सुरक्सित यम जिम्यदार याई एकोसिस्टम के निर्माण पर भी
08:57आज बल दिया जा रहा है
09:03National Quantum Vision
09:05Quantum Computing
09:07Quantum Communications
09:10Quantum Sensing
09:13and Quantum Materials के छेतर में
09:18ने रिसर्स
09:21और जोगे छमता
09:25और टेन मैन पावर
09:27को विक्सित करने के दिसामें तेजी के साथ
09:32आगे बढ़ रहा है
09:34आज अब हम उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनों में बैट करके
09:39याई
09:41साइवर
09:41फॉरेंसिक
09:42पांटम टेक्नलोजी
09:46और डाटा
09:47सिकुरिटी पर
09:48इस
09:49International Summit का पार्ट बने वे हैं
09:53तब
09:55आप सब के सामने में
09:57उन मुद्दों के और ध्याना करसित
10:00करना चाहता हूं
10:02कि आज हम लखनों में बैठे हैं
10:04प्रदेश की राजधानी लखनों में
10:08आज से दस वर्ष से पहले
10:10इस प्रकार के मुद्दे पर
10:12चर्चा करना
10:15ये यूपी के लिए
10:18एक सपनी जैसा था
10:21और सपना जैसे इसलिए भी था
10:24हम जहां बैठे हैं
10:30ये जो भूमी थी
10:34उस अराजधा का सिकार स्वयम हो चुकी थी
10:39जहां पर आज उत्तरब्रदेश
10:41इस्टेट इंस्टिट ऑफ फॉरेंसिक साइंसिस
10:44स्थापित हुआ है
10:45लगभग सौ एकड का इच्छेतर पल है
10:48लखनों इंटरनेशनल लेयर पोर्ट के पास है
10:53लेकिन इस भूमी पर
10:56यहां के एक भूम आफिया ने
10:59यूपी पुलिस के नाम पर होने के बाब
11:02जोद भी उसने अपना नाम दर्ज करवा दिया
11:07ये उस समय होता था
11:10काग्जों में हिराफेरी किस रूप में होती थी
11:12और कैसे
11:17दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस मौन बनी रही
11:23ये उस समय के अराजकता का अपनुमान कर सकते हैं
11:29और मुझे इस बात की जानकारी सबसे पहले
11:32किसी और ने नहीं दी थी
11:34उत्तर प्रदेश के
11:36डीजीपी ने मुझे दी कि हमारी एक लैंड है
11:42उस लैंड पर लखनों का एक भूमाफिया कबजा कर लिया है
11:46क्या किया जाना चाहिए
11:49मैंने उनसे पोछा
11:50मैंने का कागज है
11:51उन्होंने का हाँ पुरी फाइल है
11:54तो मैंने उनसे फाइल मांगे
11:57और मैंने उनसे कहा कि भई आप फाइल मुझे दे दीजे
12:05आप सोचो कि वो माफिया के सामने
12:07दुनिया की सबसे बड़ी सिविल पुलिस कैसे लाचार थी
12:14मैं सोच रहा था कि अगर मैं इनके सामने होता
12:18तो मैं उसको बुलाता दोख किक उस पे मारता
12:20उस लैंड को उसको वापस कराता
12:24लेकिन मैंने का उसने अगर जो तरीका अपनाया है
12:30उसके तरीके के अनुरूप अब हम भी उसको कायजे से पकड़ेंगे
12:35और पुलिस की सराफ़त थी
12:38या उससे पहले के जो माहूल थे उस माहूल को देखते हुई इस तरकार के स्थितियां थी
12:46मैंने उसी समय कहा मैंने कभी मुझे कागज दे दी जिए मैंने कागज मांगे
12:51मैंने फुट बेखा किस सरीकारी ने या देश किया था कि इसके नाम पे लैंड हो जाए
12:57मैंने उसके खलाब एक जाँच बिठाई
13:00और जाँच बिठाने के बाद
13:04जब उस विभाग ने अपनी गल्टी को जैसे स्विकार किया
13:07मैंने उस पर F.I.R. लोज करवाई
13:11उस पर मैंने पुलिस का नाम दर्ज किया
13:17वहाँ हाई कोड गया
13:19तो मैंने एक और F.I.R. दर्ज करवाई करके उस पर करवाई प्रारम कर दे
13:25दूसे F.I.R. होते ही वह वैक्ति सिलिंडर कर गया
13:27उसने का साथ लैंड ले ली जे बस मुझे बकसे रही है
13:33और तब हम लोगों ने फिर इस जमीन को अपने नाम से ले करके
13:37फिर हमने का कि भई अब इस लैंड में कोई एक ऐसा इंस्ट्यूट खड़ा होना चाहिए
13:41जो यूपी को एक नई पैचान दे सके और मुझे प्रसंता है कि आज हम सब इस महत्वपूर विसे को
13:51ले करके
13:53जहां पर हम E.I. के मुद्दे को ले करके साइवर फॉरेंसिक के मुद्दे को ले कर
13:58quantum technology और data security जैसे मुद्दे का एक international summit की मेजवानी करने का उसर इस institute को प्राप्त
14:10हो रहा है
14:11और मैं धन्यवाद दूँगा कि एक बहुत short notice पर इस पर देश और दुनिया के इस फेड़ के experts
14:21इस कारिकरम का हिस्सा बने हैं
14:24मैं उन सभी का इस उसर पर हिर्दे से स्वागत करता हूं और उन सब के उनको इस बात के
14:31लिए अस्वस्ट करता हूं कि जो हमारे सामने सुनोतियां हैं उन चुनोतियों का हम किस रूप में सामना कर सकते
14:39हैं
14:42आपने बहुत पहले एक सीरियल देखा होगा
14:50पहले टेलिवीजन में चलता था CID के नम पे
14:55याद आ रहा होगा ना आप लोगों को
14:58नए बच्चों को नहीं याद होगा लेकिन फुराने लोगों को याद होगा
15:04CID सीरियल में आपने देखा होगा
15:06क्या इस्तिती होती थी उसमें
15:10कमोबे इस परिवार उस समय मिलकर कि
15:12उस समय ये बिमारी कम थी
15:15कि परिवार में पांच लोग है
15:17तो पांच और लोगों के मुझ पांच और नहीं होते थे
15:21आच छत एक है
15:25लेकिन उस छत के निजे रहने वाले जितने जियों है
15:31उनकी सब की दिसा अलग-अलग है
15:33वे साथ-साथ नहीं है
15:36तो परिवार साम के समय भोजन करने के बाद
15:40एक साथ मिल करके
15:42जो अच्छा सीरियल आता था
15:44उसको मिल करके देखता था
15:45और CID सीरियल उसी में चला था
15:49लोग सुचते थे क्या ये संभव है
15:53जब एक ब्यक्ति की मौत होती है
15:55या उसका मडर होता है
16:01अग्यात रूप से उसको दिखाने का प्रियास होता है
16:04लेकिन उसी समय एक डॉक्टर आता है
16:07और वहाँ
16:09उसके बाल के टुकडे
16:13और उंगली के एक निसान के आधार पर
16:17अपराधी की सही पैचान करने की दिसा में आगे वड़ता है
16:22उस समय ये सपना था
16:25लेकिन आज ये इंस्टिट्यूट उस सपने को साकार कर रहा है
16:29और फोरेंसिक साइंस
16:34जो कभी रियल लाइप में था
16:37आज वहाँ
16:38रियल लाइप में हम सब के सामने देखने को मिला है
16:48मुझे आपके सामने इसलिए भी कहनी ये बात इसलिए कहनी पड़ी
16:53कि हमें वैसे सीरियल या फिलम देखने का आउसर नहीं मिलता है
17:00लेकिन एक उधारन आपके सामने आउस से था
17:07अगर कहीं विचार आए है
17:11तो उसमें कोई न कोई वास्तिविक्ता जरूर है
17:16हमारे यहां हमारे विशी परंप्राने सब्द को ब्रह्म मना है
17:22कोई विचार कहीं से आया है
17:25सबसे पहले विचार ही आता है
17:28थियोरी पहले आती है
17:29फिर उसका टेक्टिकल रूप कैसे होना है
17:32यह बाद में आता है
17:35और CID सीरियल ने भी उस समय
17:39उस बात के महत्तों को दिया था
17:41कि साइन्स एंड टेक्नलोजी
17:46कैसे अपराथिक कानून के समाधान करने में
17:55जब सत्रह में मैंने यहाँ पे मुख्यमंद्री की रूप में दहित्व लिया था
17:59तब मैंने पूछा था
18:00मैंने कभी यहाँ पे बताओ मुझे
18:03कि देने जाच के लिए जो सेंपल लिए गया है
18:06कितने पुराने हैं और कपसे हैं
18:08आप अन्वान करेंगे
18:09दस वर्स पुरानी सेंपल थे
18:11दस वर्स में सुरक्सी तरह होगा उस सेंपल
18:16अपराधी को बचने के लिए
18:17पूरा मौका दिया जाता था
18:19एक तरफ साथ से
18:23काभाव
18:23और दूसरी तरफ ने आएले पे
18:381980 में पहला अपराद किया
18:44और 2017-2018 में जब हम लोगों ने उन पर सिखंजा कसना प्रारम किया
18:49तो उसको यहां से ट्रांसपर करके पंजाब भेज दिया गया
18:56पंजाब से लाने में मुझे उसको तीन वर्स लगे
18:59सुप्रेम कोड तक लड़ाई लड़ी गई
19:01जब लाया गया जब उसको सजा कराने के लिए सारे विडेंस प्रस्तुत कर दिये गए
19:12तो हमसे तब भी पूछा जा रहा है कि सुरक्सा की क्या गारंटी होगी
19:17मैंने का भी हम उसको वहां से खींच के ला रहे हैं
19:21आपको लगता नहीं कि ये कॉमन मैंने के मन में एक बिस्वास पैदा करने का प्रियास सारे प्थ्थ्य हैं सारे
19:30प्रमान हैं
19:32मेरिट के आधर पर सजा करो
19:38तब बेयाली सुरस के बाद ऊस माथिया को सजा होती है
19:42बियाली सुरस के बाद
19:49आप सोचो
19:58हमत हार गया होगा
19:59सिस्वास उड़ गया होगा
20:04ते तारीक पर तारीक
20:09और दूसरा साथ से का नस्ट हो जाना
20:15या उसको सही ढंग से
20:17उस सैंपल को स्वक्षित करने का कोई प्रावधान न होना
20:21एक यूपी के अंदर फॉरेंसिक लैब थी
20:28और फिर हम लोगोंने कहा कि वे ये फॉरेंसिक लैब कैसे काम चलेगा
20:38मैंने उसी से में कहा हर रेंज में
20:4118 रेंज हैं 55 जनपत हैं
20:44हमने का वे हर रेंज में
20:4518 एक एक लैब बनानी की कारवई को आगे बढ़ाओ
20:52तब में तीन नए कानून आएंगे अपराधी कानून समाप्त करके भारत के अंदर तीन नए कानून आएंगे
20:59इस पर चर्चा नहीं हुई थी तब तक एक लागो होगा इसके मुद्धे भी चर्चा नहीं लेकिन मैंने का भी
21:04इस दिसा में आगे वड़ो
21:06कोई DNA की एनालिसिस करनी हो तो उसमें दस-दस वर्सों से सेंपल रखे वे हैं कोई सजा नहीं हो
21:15रही कोई कोड के सामने कोई भी तथ्यम प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं क्या तरीका है
21:21और फिर एक प्रक्रिया आगे वढ़ती है और उस प्रक्रिया को आगे वढ़ाने के बाद आज मुझे बताते हुए प्रसंता
21:29है कि बारा फॉरेंसिक साइंस की लेब लेबरोटरीज हमारी बारा रेंज में बन करके तैयार है छे अन्तिम चर्णों में
21:39चल लई है
21:44इसी दोरान जब अधनिय प्रधान मंत्री जी के मार्ग दर्सन में देश के अंदर तीन नए कानून लगो के गए
21:53और इन तीन नए कानून के लिए आउस्यक था कि साथ वर्स से ओपर की प्रतेक सजा के लिए फॉरेंसिक
22:01एविडेंस चाहिए
22:03तो इस फॉरेंसिक एविडेंस के लिए ग्रह मंत्राले भारत सरकार ने भी कहा कि इस के लिए आपको सेंपल करेक्शन
22:14करने के लिए फॉरेंसिक वैंड भी चाहिए
22:18कुछ सयोग उनों ने किया कुछ राज्य सरकार ने अपने अस्तर पर लगाया और आज मुझे बताते विए प्रसंता है
22:25कि हमारे पास डेर सो से अधिक फॉरेंसिक वैंड भी है
22:32फॉरेंसिक इंस्टिटूट भी अपने आप में ये काम कर रहा है और हर रेंज में एक फॉरेंसिक लैब आज के
22:40दिन पर हमारी एक्टिव होकर के वहां कारे कर रही है
22:45आज हम सैंपल लेते हैं कुछी दिनों के अंदर हम उसकी उसे साथ से के रूप में किसी भी नयायले
22:57के सामने प्रस्तुत करने की सामर्थे रखते हैं
23:01यानि ब्यक्टिव सिस्टम से निराज नहीं होगा अगर किसी अपराधी ने अपराध किया है तो उस अपराधी को समय से
23:09सजा दिलाने का काम भी
23:13ये टिकनोलोजी कर सकती है और ये उसी दिसा में के गए प्रियास का एक हिस्सा था जिसे हम लोगों
23:21ने आज यहाँ पर आपके सामने प्रस्तुत किया है
23:24कि आप कोई अपराधी बच करके नहीं जा सकता और किसी को दसकों तक उसे न्याय की प्रतिक्सा नहीं करनी
23:35पड़ेगी
23:36न्यायले में तारीक पे तारीक लगने की परंपरा भी बंद हो जाएगी
23:42और इसी दिसा में ये वहाँ पर हमारे लिए सहयोगी बन सकता है
23:47और मुझे बताते हुए प्रसंदता है जब मैं इन सभी युवाओं को देखता हूँ
23:54मुझे याद है जब फॉरेंसिक वेन आए
23:58तो हमारे दोनों अधिकारी हमारे डी जी पी महदे भी और हमारे ये सियस हों भी
24:06मेरे सामले लाहे के साब हमें 700 फॉरेंसिक एक्सपर्ट चाहिए
24:13मैंने कभी एक्सपर्ट को आपने डिफाइन नहीं किया है किस परकार के एक्सपर्ट चाहिए
24:20इसमें डिगरी धारी चाहिए डिपलोमा धारी चाहिए
24:23certificate धारी चाहिए किस प्रकार के लोग चाहिए आपको
24:27और मैंने उनसे कहा मैंने का भी दिखो आग की जो लेबरोटरीज हैं उसमें आप
24:32export रखिए सेंपल कलेक्शन के लिए आप technician रखिए उनको ट्रेंड करिए
24:40पिर उनको कहा मैंने का भी तो यह वही इस्तिती है दिया तलें दियरा लखनों में हमारे पास
24:47forensic institute है आप उनके साथ बैठक करिए उनके training यहां दीजिए और मुझे प्रसंता है जो
24:53चर्चार्च कह रहे थे यहां पे भी यहां के डारेक्टर एक हजार फुलिस अधिकारी इसी इंस्टिटूट से उन्होंने प्रसिक्शन प्राप्त
25:01किया है और सेंपल कलेक्शन करने में आज प्रदीस के अंदर हर जन्पत में कोई भी अपराद कहीं घटित हो
25:09कुछी देर में फॉरेंसिक एक्सपर्ट वहां पहुंच जाते हैं सेंपल कलेक्ट करते हैं और समधित लिबर्टरी तक उसे पहुंचाने में
25:16अपना योगदान दे देते हैं
25:18और मुझे अच्छा लगा यहाँ मैं जा देखता हूँ क्योंकि मैं इस इंस्ट्ट्ट की रिपोर्ट मांगता रहता हूँ क्या प्रोग्रेस
25:27है कैसे चलना है और क्या-क्या कारिक्रम होँआ पे चलना है
25:30और मुझे बहुत अच्छा लगता है कि यहाँ पर आज फॉरेंसिक साइंस में सेटिफिकेट के कोर्स भी हैं डिपलोमा के
25:40भी हैं और डिग्री कोर्सेच भी आज यहाँ पर उपलब्द करवाई जा रहे हैं और उसके लिए हमारे युवा तयार
25:47हो रहे हैं
25:48यहाँ की जो लेबरोटरी भी हम लोगों ने तयार की है जैसे की यहाँ पर युएस से यहाँ पर अभी
25:56प्रोबिसर तनुजाशिंघ जी बता रही थी उन्होंने एकल इंस्ट्यूट का वर्मन किया उन्होंने यहाँ पर देखा है किस परकार की
26:05लेबरोटरी बनी हुई है �
26:07प्रयास किया गया कि अच्छा हो, एक आफचारिकता न हो, आस्चारिकता से नहीं बलकि अच्छा करने कि सामे किया गए
26:17प्रयास का प्रयास सामने आता है,
26:20और वही हम लोगों ने एक प्रियास किया है
26:23कि यहां इस्टिटूट बिस्वस्तरी अपनी लिबरोटरी के लिए
26:29उत्तरब्रदेश के हर थाने और कोड के सामने
26:33उस सच को सामने लहने में मदद कर सके
26:37जो एक साइंटिविक टूल के रूप में
26:43उत्तरब्रदेश के नागरिकों को न्याई दिलाने में मदद करने में साहिक हो सके

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