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  • 1 day ago
राष्ट्रपति ने कहा, नुआखाई हमारी कृषि परंपराओं को संजोने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला पर्व है. प्रवीण कुमार सिंह रिपोर्ट.

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00:00We all have a good day and a good day and a good day and a good day and a
00:15good day.
00:30राजयपाल मोहदय दीप प्रज्वलीत कर रहे हैं, माननिय मुख्यमंत्री मोहदय दीप प्रज्वलीत कर आज के इस कारिकरम का शुभारम जो
00:51माननिय शिल्पकारों के द्वारा निर्मित की गई है,
00:54हमारे आदिवासी भाई बेहनों के द्वारा निर्मित ये शिल्प भेट किया माननिय मुख्यमंत्री मोहदय दीप प्रज्वलीत कर द्वारा निर्मित की
01:13गई है,
01:24उपस्तित हो कार मुझे अतंत प्रसंदा हो रही है, मैं तो आगे बढ़ गई, मेरे पीछे कितने लोग है और
01:33किस अवस्ता में उसको आगे बढ़ेना,
01:36जो बड़े बनने के बाद पीछे रहने वालों को आगे बढ़ाए, वो अक्च्वाली बड़े लोग होते हैं।
01:49लेकिन जो आपकी सिख्ञा, किसी जरुद मंदों के काम आए, आपका ज्ञान, किसी समस्या का समाधान होशा के,
01:58आपकी प्रतिभा, किसी दुसरों के प्रेरिद करें, और आपकी समस्या का समाध में सकरात्मक परिवत्तान आए, तो अब उस सिख्ञान
02:07में आपकी उपलब्धी, आपको गर्प के साथ साथ संतस भी प्रदान करता है।
02:15जो आप एक बड़ा ओधिकारी बनेंगे, लेकिन आपके उड़स पड़स, इस परिष्टिती में रहेंगे, जो उनके पास कोई भी साधन
02:34नहीं होगा, लेकिन उसको आप देखते रहेंगे, तो एक बड़े बढ़ने का कोई फाइदा नहीं, जो उनको आगे बढ़ाएंग
02:42तो आपके बड़े बने में फाइदा है, राष्ट्रों का निर्मार के बड़े निर्नों यसे नहीं, ओ, करोरो नागरिकों के छोटे
02:52छोटे इमांदार प्रयासों से होता है, ये बहुत ही प्रसंता के भी सो है कि केंद्रों राज्यसरकान के प्रयासी से
03:03आर, और अपनी इ�
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