00:00कौकरोज जन्ता पाइटी सौरफदाश आचू तो श्रांका हाई कोट में जाते हैं हाई कोट में उनके अर्णिय पर सुनवाई होती
00:05है और हाई कोट की तरफ से कई सवाल पूछे जाते हैं सीजेपी को लेकर उनके जैंजी को लेकर भी
00:11सवाल उठाए गए और पूछा गया कि
00:14क्या उम्रे आपकी तो ऐसे मैं बताया गया कि 27 और 31 तो फिर हाई कोट की तरफ से ये
00:23कहा गया कि आप जैंजी तो है नहीं कोट के आगे कहा कि अगला सवाल कि आप कौन है आप
00:27क्या है आपके संगठन से जुड़े हैं उस संगठन का अदेश ही क्या है जब शांती और जवस
01:13तरफ से क्या सवाल उठाएगा और अब क्या हो रहा है
01:14थी वहाँ से भी अपनी बात कह सकते थे आपने बेरिकेडिंग क्यों लागी दूसरा नयाइक प्रक्रिया का उलंगन क्यों किया
01:20निचली अदालत ने यानि स्पेशल एग्जेकुटिव मजिस्टेट की कोट ने फाइनल ओर नहीं दिया है तभी आप हाई कोट क्यों
01:28आ गए
01:28आपको उसका इंतजार करना चाहिए था और उसके बाद भी प्रक्रिया है कि आप जिला अदालत में उसको 17 अदालत
01:35में उसको चैलेंज करना था आप सीधा यहां क्यों आई इसका क्या मतलब है अगला सवाल कोट ने किया कि
01:40आप खुद को जेहन जी बताते हैं आपकी उमर क
01:42है वकील ने का 27 साल और 31 साल कोट ने का फिर तो आप जेहन जी की कर्टेगरी में
01:46नहीं आते हैं प्र यह सवाल उठा कि यह तो रीजीम चेंज की बात कर रहे थे वहां कोट ने
01:53कहा कि लोगतंतर में बेद्चेंज ऐसे प्रधर्शनों से नहीं होता सटक पर उतरने से लोगत
02:10जाना चाहिए, SEM कोट में जहाँ आदेश लंबित है, वहां का आदेश देखिए, उसके बाद आप अपील कीजिए, अपीलेट कोट
02:15में जाइए, ऐसे कहीं भी जाने से नहीं होता है, कोट में काया कि आपकी वज़े से हम आज सुबहे
02:21की कौफी भी नहीं पी पाए हैं, तो ह
02:35कि आदेश को उन्होंने आच चुनोती दी थी, एक पुरानी कहावत है, जिसको शब्दशा ना लिया जाए, कि बाबा जी
02:40पस्ताएंगे, फिर वही चने के डाल खाएंगे, तो अब उनको वहीं जाना पड़ेगा, और दो बज़े वहीं इंतजार करना पड़ेगा,
02:45कि आख
02:47अच्छा संजरी आप हमारे साथ बने रहे हैं, कि आपने कहा है कि अब S.E.M. कोर्ट सीजेपी की
02:51तरफ से जाया जाएगा, तो S.E.M. कोर्ट से शांभवी हमारे सायोगी हमारे साथ इस वक्त जड़ चुकी है,
02:56शांभवी S.E.M. कोर्ट से आपके पास क्या जानकारी है, कि
03:20दो बचके पांच मिनिट हो रहे हैं, तो S.E.M. कोर्ट जो 14 अक्टूबर और 19 अक्टूबर का जो
03:28कोर्ट था, जिसमें पहले 14 अक्टूबर को उन दोनों को रांका और दास को पांच दिन की जुडिश्यल कस्टडी में
03:35भेजा गया था, और फिर 19 वो दो दिन की कस्टडी �
03:38बढ़ा दी गई थी, तो इसी ओर्डर को चालेंज करते हुए, और इस बात को कि जो शॉरिटी होती है,
03:43जब आप कोई भी बॉर्ण भरते हैं, तो जो शॉरिटी होती है, उसको फ्रेश एक शॉरिटी फरनिश करने के लिए
03:49कोर्ट ने बोला था, और उसके अगेंस भी गए
04:05है, दो बजे, S.E.M. कोट में आपकी सुनवाई है, इनी चीजों के उपर, तो आप पहले देखें कि
04:11उसका डिसिजन क्या होता है, क्योंकि अगर वो डिसिजन, जो कोट का डिसिजन है, आपके फेवर में आ जाएगा, तो
04:16आपका फिर हमारे पास आना, दिल्ली हाई कोट आ
04:33लिए, विड्रॉ कर लिए, क्योंकि जज ने उतना, वो नहीं दिखाया, कि वो इस रिट पेटिशन को एंटिटेम करेंगे कोट
04:41में, उन्होंने बार बार ये कहा कि आपके पास एक अलग विकल्प भी मौजूद है, कि अगर आप S.E
04:46.M. की डिसिजन से खुश नहीं है, तो
04:49लौ के हिसाब से आपके पास जब अल्रेडी एक विकल्प मौजूद है, तो आपका डिरेक्ली दिल्ली हाई कोट में आने
04:55का क्या सेंस बनता है, तो इसी के इर्द गिर्द आज पूरी हरिंग थी, और अब हम देखेंगे कि थोड़ी
05:00ही देर में सौरवदास और आश्यतों �
05:02यहाँ पहुचेंगे, और फिर देखते हैं कि तीन चीजे हो सकती है, क्या कोट उनकी कस्टिडी बढ़ाती है, या उनको
05:09रिलीस करती है, या फिर से फ्रेश शॉरिटी जो है वो फरनिश करने के लिए बोलती है, हमान शुरी, शुक्रिया
05:14आपका हमारे साथ जड़ने के लि
05:15झाल झाल