00:11लेकिन इन दो दिनों की बीच अगर एक ऐसी जगह घूमाए जहां पहार हो जंगल हो समुद्र हो या सेक्रों
00:19साल पुडानी कहानिया तो वीकेंड कुछ अलग हो सकता है
00:22अच्छी बात यह है कि बैंगलोर से ऐसी कई जगहें ज्यादा लंबी छुटी लिए बिना घूमी जा सकती है तो
00:29चलिए जानते हैं पांच ऐसी जगहों के बारे में जहां हर ट्रिप का अनुभव बिल्कुल अलग होगा
00:35पहला नंदी हिल्स बैंगलोर से करीब 60 किलोमेटर दूर नंदी हिल्स उन लोगों के लिए अच्छी जगह है जो सिर्फ
00:44एक दिन के लिए शहर से बाहार निकलना चाते हैं
00:47यहां सुबह सूरज निकलते देखना पहारों के बीच थंडी हवा महसूस करना और दूर तक फैली वादियों को देखना इस
00:55ट्रिप का सबसे खास है यहां कभी टीपू सुल्तान भी गर्मियों में इस समय बिताने आया करते थे यानि यह
01:02जगह की खूपसूरती के साथ इत
01:172360 किलोमेटर दूर इस शहर की पहचान है इसकी शाही इतिहास मैसूर पैरिस की भव्य इमारत चामुंडी हिल्स और देवराजा
01:26मार्केट इस शहर को खास बनाते हैं
01:29यहां घुमते हुए आपको पुराने राजाओं की कहानिया, स्थानिया बजार और दक्षिन भारत खाने का स्वार सब एक ही ट्रिप
01:37में मिल जाएगा
01:38तो दो दिन में शहर के कई बरे आकर्शन आराम से देखे जा सकते हैं
01:43तीसरी जगह है चिकमंगलूर, कॉफी के शौकीन है तो ये जगह आपके लिस्ट में जरूर होनी चाहिए
01:49चिकमंगलूर अपने कॉफी बगानों, हरी पहारियों और ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है
01:53यहां मुलायन गिरी के पहारियों पर ट्रेक कर सकते हैं या किसी कॉफी एस्टेट में समय बिता सकते हैं
02:00शहरों की भीर से दूर यहां का अनुभव थोड़ा धीमा और सुकून भड़ा है
02:05अगर आपका आइडिया है कि वीकेंड पर ज्यादा भाग दोर नहीं करनी तो चिपमंग लूर एक अच्छा ऑप्शन है
02:11अगली जगह है कूर्ड करनाटक के इस पहारी लाखे को अकसर कॉफी और हर्याली के लिए जाना जाता है
02:17लेकिन यहाँ देखने के लिए और भी बहुत कुछ है
02:21अबी फॉल्स का जर्णा, कॉफी के बगान और बाइला कुपू का तिबदती मट इस ट्रिप को अलग बनाते हैं
02:29यहाँ आप प्राकृति के बीच समय बिता सकते हैं और स्थानी संस्रिती को भी करीब से जान सकते हैं
02:34आज वी जगह है हमपी
02:36यह जगह उन लोगों के लिए है जिने इतिहास की किताबों में पड़ी कहानियों को अपनी आँखों से देखना पसंद
02:42है
02:42हमपी कभी विजयनगर सामराज्य का एक बड़ा केंद्र था
02:46आज यहाँ पहले पुराने मंदिर विशाल पत्थर की मूर्तिया और मशूर स्टोन चैरियट उस दौर की कला और बनावट की
02:55कहानिया बताते हैं
02:56यहां घूमते हुए ऐसा लगता है जैसे हर खंडर अपनी समय की कोई कहानी संभाल कर बैठा हो
03:02हाला कि बैंगलूर से दूरी जादा होने की कारण हमपी के लिए तीन दिन का वीकेंड बैठा रहेगा
03:08तो अगली बर वीकेंड आए तो प्लान सिर्फ घर पर अराम करने जग सीमित मत रखिए
03:13कभी पहारों की तरफ निकल जाएए कभी किसी पुरान शहर की गलियों में घूमिये और कभी इतिहास को करीब से
03:20देखिए
03:20अब बताएए इन पाथ जगहों में से आप अपना अगला वीकेंड कहां बिताना चाहेंगे