00:00आपको जैसे मालूम है इंडियन कांसिल अफ मेडिकल रिसर्च पूरे विष्ट देश में रिसर्च यानि की जो अनुसंधान है और
00:09नवाचार इनोवेशन है उसमें काफी काम कर रही है और हमारा जो प्रोग्राम्स है ना सिरफ हमारे जो ICMR के
00:20इंस्टिचूशन जैसे की ना�
00:25बलकि जितने भी देश में मेडिकल और हेल्थ इंस्टिचूशन जैसे की जो हमारे सारे All India Institute of Medical Sciences
00:35या PGIs या State Medical Colleges इन सब में भी ICMR बहुत सारे प्रोजेक्ट को हर साल फंड करती है
00:45और हमारा गोल यह है कि भारत जो है विक्षित देश जब बने तो उसमें
00:54हेल्थ और मेडिकल सेक्टर का भी बहुत बड़ा कॉंट्रिबूशन हो जिससे की हम नई टेकनोलोजीज नई वैक्सीन नई इलाज नई
01:04डागनॉस्टिक डिवाइस अपने देश में बने हुए बना सकें और उनको ना सिर्फ अपने देश में बलकि विश्व के लिए
01:13भी �
01:13उसका इस्तेमाल हो सके हैं अब इस इसी नई अपनी रिसर्च के बेसिस पे अपनी गाइडलाइन बना रहे हैं अपने
01:34क्लिनिकल केर के प्रोटोकॉल्स बना रहे हैं ऐसे बहुत सारी इनोवेशन्स हैं आपको एक्जांपल देना चाहता हूं जैसे डेंगी वैक्सीन
01:42हैं
01:43अब भारत की एक कंपनी ने डेंगी वैक्सीन बनाई है जो ICMR जिसका फेज 3 क्लिनिकल ट्रायल कर रहा है
01:49ऐसे ही एक क्यासनूर फॉरेस्ट डिजीज करके एक करनाटक और आसपास के 5 स्टेट्स में एक बीमारी होती है जिसे
01:58मंकी फीवर भी कहते हैं और उससे कई डेट्स ह
02:01होती है उसके लिए ICMR ने इंडियन इमिलाजिकल लिमिटेट के साथ मिलके एक नई वैक्सीन तियार किये जो कि अब
02:09हुमन क्लिनिकल ट्रायल हो रहे हैं यह वो चीज़ें जो विश्व में कहीं भी नहीं हुए है पहली बार हमारे
02:14यह हो रहे है तो ऐसा नहीं है कि सब चीज
02:27हम बना रहे हैं और वो एम गोरकपुर जैसे आज यहां पर हम आए हैं तो यही मैंने सारी फैकल्टी
02:35को भी एकरेज किया है स्टूडेंट्स को भी एंकरेज किया है कि भारत को अपने हमें अपनी प्रॉब्लम्स को स्वें
02:41जो है वो सॉल्व करना है और उसके रिसर्च के मा
02:56जो जो ग्रांट से हैं जैसे पिछले दस साल में हम देखें कि पिछले दस वर्षों में दस बारा वर्षों
03:04में जो हमारा ग्रांट का जो साइज है जो ICMR की जो ग्रांट है वो कम से कम पांच गुना
03:11वरिद्दी हुई है उसमें जो ICMR को पैसा Ministry of Finance से मिलता है इस साल हमें Department of Health
03:19Research को 5000 करोड से भी जादा ग्रांट मिली है और एगले साल हम 6000 करोड रुपया की दिमांड हमने
03:27रखी है तो ये सब जो सरकार की तरफ से जो पैसा आ रहा है उससे हम जो है पूरे
03:35देश में Research को बढ़ाने के लिए कारे कर रहे हैं सब देश को ग्रांट दे रहे हैं आज जो
03:41हम �
03:42वो उसी साइस की ग्रांट से हैं जिस प्रकार की developed countries में अमेरिका में United States में NIH वगरा
03:51बड़ी संस्थाएं देती हैं उत्ती तरह की ग्रांट हम अपने इंडियन साइंटिस को दे रहे हैं और हमें पूरी उमीद
03:58है कि हमारे इंडियन साइंटिस उसका पूर्फ से फाइदा भी
04:02उठाएंगे और यह इसका इस्विकास भी आगे होता रहेगा ग्रांट भी और बढ़ेंगी गोरकपूर आइसे मार को सेंटर किस तरह
04:10से कौडिनेट कर रहा है है किस तरह की requirement आपको मसूस हो पाई है जिसको आप देना चाहेंगे क्यादिर
04:15है तो गोरकपूर में एक तो गो
04:31गोरकपूर क्योंकि आज आप इसकी बात करें तो यहां पर इंफरास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए कई तरह की grants Department
04:40of Health Research ICMR से मिली है जैसे की Multidisciplinary Research Unit है या Evidence Synthesis के लिए Technical Resource
04:48Center है इस तरह की grants है उसके अलावा जो यहां की faculty है उसको जो वो प्रोजेक्स लिखते हैं
04:57जिस तरह की
04:58research यहां के उतर परदेश के लिए जरूरी है वो grants जो लिखते हैं तो वो उनकी evaluation होती है
05:05और उनको वो grants मिल रही है यहां के students ने भी बहुत अच्छा किया है इस बार साथ students
05:11को fellowship मिली है MBBS students को तो मुझे उमीद है कि यह नया institution है यह धीरे धीरे और
05:18बहुत तेजी से बढ़ेगा
05:20झाल