00:09यादी मिशनगे कर फ्रुम्टेशू शाथी न पिर सस्थिता
00:14नमस्तषे नमस्तषे ona मोई लमा
00:20चैंबा चैंबा चैंबा चैंबा
00:30नमो नमो दुरके सुख करनी नमो नमो दुरके दुख हरनी निरंकार है जोधी तुमारी दिहू लोग फैली उजियारी
00:41शशीललाट मुक महा विश्राला नेतरलाल प्रिकुटी विकराला रूप मातु को अधिक सुखावे धरसकरद चदन अधि सुखपावे तुम संसार सकती लगीना
00:53भाल नहे तुम अनधन दीना अनपूड ना हुई जगपाला तुम ही आदी सुन्सरी बाला प्रलैकारी शमना �
01:03तुम कोरी शिव शंकर प्यारी शिव योगी तुमरे गुडगावे ब्रह्मा विश्नु तुम्हे नित ध्यावे रूप सरस्वति को तुम धारा देसत
01:15बुतिर शिमुन नंपुमारा नर्यू रूप नर्सिंको अंबा परकट भाई भाड कर खंपा रक्षाकरी प्रालाद �
01:24इरा रक्षको स्वर्ग पठायो लक्ष्मी गूप धरो जग माही श्री नारायन अंग समाई शीर सिन्लु में करत विलासा तया सिंदु
01:36दीजे मन आसा इंग लाज में तुमी भावानी महिमा अमे तना चात पकानी मातंगी अरुधुमा मतिमाता भुवनेश्वरी पगला स�
01:47शी भैरो तारा जगतारणी छिन भाल भावतु कनिवारणी के हरी वाहन सोन भवानी लांगूर फीर चलत अगवानी कर में खपर
01:59खडग विराजे जाको देख काल डर भाजे सोहे अंत्र और त्री शूला जाते उठत शत्रु हे शूला नगर कूट मे
02:10तुमी विराजत ती हो
02:11लोग पेटं का बाजत शुम्बन शुतानों तो मारे रख तबीज संकन सहारे महिसा सुर्मिब अति अभिमानी जही अगभार मही अगुलानी
02:24रूप कराल काली का धारा सेन सहे तुमती ही संघारा परीकार संतन पर जब जब भाई सहाए मा तु तम
02:34तब तब अमर पूरी अर
02:35संपा सम लोका तब महिमा सम रहे अशोका ज्वालानी है जोत तुम्हारी तुम्हे सना पूझे नर नारी प्रेम भखी से
02:46जो यसकावे दुख तरित्र निकट नहीं आवे ध्यावे तुम्हे जो नर्मन लाई जन्म मरणता को जुख जाई जूप सुर्मुनी का
02:56हत पुकारी
02:57योग ना हो बिन शक्ति तुम्हारी जंकर आजरज तब कीनो काम अरूख रोची पिसमलीनो निश्दिन ध्यान करो शंकर को काहु
03:08काल नहीं सुम्हरो तुमको शक्ति रूप का मरब न पायो शक्ति गई तब मन पचितायो श्रणा कतुई किर्दि मकानी जै
03:18जै जै जग दं�
03:20भभावानी भाई प्रसन आदी जग दंबा दै शक्ति नहीं की नम लंबा मोको मा तुम कष्ट अधी घेरो तुम विन
03:29कौन हरे दुख मेरो आशात श्रणाने पठसतावे रीबु मुरक मोही तरपावे शत्रु नाश कीजे महरानी जो मिरो एक चित तुम्हे
03:40भावानी करो क
03:42पाहे मातू तयाला रिद्धि सित्धि दे करो निहाला तब लगी जी हूं कुताया फल पाऊं तुम्हे यश मैं सदा सुनाओं
03:52दुरका चली साजो कोई कावे सब सुक भोग परंपद पावे देविता शरण निज चानी करहों कृपा चकतंब भावानी
04:07शरणा कत रक्षा कर भक्त रहे निशंक मैं आया तेरी शरण में मातू लीजे आंक