00:00बात सिर्फ ज्यानेश कुमार की नहीं, पिछले आठ दस वर्सों में चुनाव आयोग और उसकी कार्यसाली पर गंबीर प्रसंचीर लगाए
00:10गए और ये हवा में नहीं, जिस तरीके से चुनाव का संचालन हो रहा है पिछले आठ दस वर्सों में,
00:17चाहे फॉप 6 और 7 के माधियम से भोटर बनाने का मामला हो, इसाई यार के जनियर भोटरों का नाम
00:25काटने का मामला हो, चुनाव की किति और समय सारनी का मामला हो, अचार सहिता लागु करना हो, चुनाव में
00:34ओजरवर्स की जो न्यूक्ती होती है, उसकी भूaval क्या होगी,
00:37सब चीज में ऐसा प्रतीत होता है
00:41कि चुनाव आयोग एक तरफा
00:44सत्ता रूर दल भाज़पा की मदद कर रहा है
00:47आप देखिए अभी चुनाव का एजांपन ने
00:50ये जो सुनाचक के चुनाव होने थे सिक्षक के
00:53हमेशा से रविवार को होता था
00:57इस बार सुक्रवार को कराया जा रहा है
00:59क्यों ताकि मुस्लिम मत आता कम संख्या में दिख ले
01:03क्या जल्दी थी आप संदे को कराते
01:06इस पांच दिन जाड़ा कराते
01:08बाकी पूर में
01:11सामने वाले को अब विपक्षी को
01:13परचार का समय ना मिले
01:15इसलिए 28 दिन में चुनाव कराया गया
01:17जबकि सम्मेधानित बेवस्ता है
01:19कि कम से कम 30 दिन का आपको समय देना
01:22बिहार बिलान तबा में आपने देखा
01:24कि भोट के दो दिन पहले तर
01:26दस दस अजार रुपया देकर आपने
01:31समाज में देखा
01:32चुनाव आयों फुक्त दर्शक बना रहा
01:34तो अगर आप इस तरह की गलती करें नहीं
01:37तो निश्चे तौपर समाज
01:39और समाज का एक वर
01:40आपके लास सवकों पर उत्रेगा
01:44और महीं चीच हो रहा है
01:45राजनाज सिंग क्या क्वार है
01:47या नेश कुमार का
01:49क्या होगा इसमें मेरी कोई दिल्चस्पी नहीं
01:51मेरी और देश के
01:53लोगों की दिल्चस्पी इस बात में है
01:54कि क्या चुनाव की प्रक्रिया
01:57में व्यापक, पारदर्शी
01:59और क्रेड़िवल सुधार होते है
02:01कि नहीं होते हैं
02:02क्योंकि हर व्यक्ति लोगतन्त्र को मजबूर चाहता है, हर व्यक्ति चाहता है कि घोट ही उसके पास हदिकार है, जिससे
02:11वो सत्टा में भागी रार है।