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Supreme Court March से Rahul Gandhi पर उबले CJI Surya Kant गरजे, Mahua, Akhilesh Yadav को भी नोटिस

विपक्ष (INDIA Bloc) द्वारा चुनाव आयोग और इलेक्शन रोल्स के रिवीजन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर किए गए विरोध मार्च को लेकर शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायपालिका को कोई "डरा-धमका नहीं सकता" (Nobody can browbeat the judiciary)।

The Supreme Court, led by Chief Justice of India Surya Kant, addressed petitions concerning the INDIA bloc's protest march toward the apex court premises. Emphasizing judicial independence, the court remarked that "nobody can browbeat the judiciary" and issued notices regarding petitions seeking guidelines on political protests near court premises, involving leaders such as Rahul Gandhi, Akhilesh Yadav, and Mahua Moitra.

#SupremeCourt #RahulGandhi #CJISuryaKant #OneindiaHindi

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Transcript
00:00इस मामले में देखे विपख्ष क्यों कोड को भी इसमें लेना चाहरा था,
00:07अभी तक ऐसा कभी ने हुआ कि कोड को भी पार्टी बनाने की किसे ने कोशुश करी है,
00:11या फिर कोड कोड की बात करी गई हो, वो भी कोड के बाहर,
00:22लेकिन कोट को पार्टी बनाना एक अलग तरीके का मसला राहुल गांदे ने शुरू किया था
00:28और राहुल गांदे शाद ये मैसेज देना चाहा रहे थे देश में कि जो कोट कोट कभी कबार काम करने
00:37या नहीं करने
00:38दो चीजे होती है करमालिजे कोट किसी मामले पर और नहीं करता है और कभी कबार दो होता है और
00:43करके वो मामले को सही करता है या गलत करता है या फिर नहीं करने से भी कभी कभी मामलों
00:49में कुछ ऐसा चीजे आती है तो शायद राहुल गंदी एक मैसेज देना चाह रहे थे मास
00:53प्रवार्च को कि कि इन मामलों पर नहीं पर बावध को इस मेरे कर रहे हैं कौट कैया है या
01:17है
01:26सब्सक्राइब करते रहेंगे और जब भी आपको लगेगा कि यह जो संभिधान के जो शक्तिया है जनता को है उनके
01:33तहत कोई काम नहीं हो रहा है तो इन सब मसलों पर हलां कि देखें मैं आपको बताओं इन सब
01:40मसलों पर कुछ होता नहीं है कोड में
02:01सब्सक्राइब करता है उसी तरीके से मुझे लगता है कि इन मामलों में भी एक लोपी के लिए जो भी
02:06बात कर रहे थे तो मुझे लगता नहीं कि
02:10इन सब मामलों में कुछ होगा हाँ एक हो सकता है कि राउल गंधी अगले अपना एक काउंटर फाइल करें
02:15या फिर फाइल करेंगी मेरा ऐसा कोई मंशा नहीं थी यह बोलने की कोड को को अगर कुछ ऐसा लगा
02:21हो तो मैं माफिम चाहता हूँ यह सब टेक्निकल वर्ट के और
02:25मुझे लगता है यही वो अराउल गंधी करेंगी और मामला रपा दपा हो जाएगा अलाकि कोड भी इस यह मौकर
02:31करके उनको बताना चाहरा है कि आप आगे से सावधान नहीं है क्योंकि ऐसे मामलों में कोड की छबी जो
02:36खराब होती है उसको अपना खराब करें कोड का रु
02:55बात की थी कि आप से बहतर इंसान हम काम करने के लिए ढूंड लेंगे क्या उन सब टिपड़ियों को
03:00उन सब पोस्ट को देखते समझते हुए ही CGI की नाराज की बाहर आई होगी
03:06बिल्कुल आई होगी क्योंकि अगर इस तरीके की पोस्ट आजकल देखे वह जमाने चले गए जब जब जब बाहरी दुनिया
03:12से आउगत नहीं रहते थे आजकल जब बाहरी दुनिया के लोगों से खुले आम मिल रहा है खुले आम पार्टियों
03:19में जाते हैं तो उनको भी स
03:31सोशिल मीडिया किसी की जच के अकाउंट नहीं है लेकिन हाँ वो किसे ने किसी माध्यम से सोशिल मीडिया वगड़ा
03:37चेक करते रहते हैं तो मुझे लगता कि
03:53आसे सारे जज़ेस के पैरोडी अकाउंट या कुछ ऐसे होंगे जिससे वो चीज़ें देखते रहते हैं मोनिटर करते रहते हैं
03:58तो मुझे लगता है कि उनकी नाराजगी का ये भी विशह रहा होगा और विपक्षगर ऐसा कुछ कहता है कि
04:06हम आपको बदल देंगे या फिर
04:23दिया तो CGI को हटाना खुद सरकार भी अगर चाहे तो CGI को नहीं हटा सकती है इतनी शक्तियां सुमिधान
04:29द्वारा कोट को दी गई है और उनको हटाने की बहुत लंबी प्रक्रिया होती है आपने देखा जो एक नॉर्मल
04:36हाई कोट के जज़ते हो सुप्रिम कोट के भी ज�
04:50लेकिन जो समिधान में जो शक्तियां जो जज़ेश को मिली हुई है उसके तहत केवल एक ही प्रॉसेज होता है
04:57पारलियामेंट में इंपीच्मेंट के द्वारा और आज असे वर्षों में किसी भी ज़च को इंपीच्मेंट द्वारा नहीं अटाया गया है
05:04तो एक भी यह �
05:06है कि किसी भी ज़च को इंपीच्मेंट के द्वारा जो इनके हटाने का प्रॉसेज है वो कभी नहीं हटाया गया
05:10तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी लौपी या कोई
05:12सरकार कभी आगे होने अलों दिनों में इनको किसी भी माध्यम से किसी भी प्रक्रिया को अपना देव इनको हटा
05:18पाई जे रोदर जी राहूल गांदी और दोस्रे निताओं को नोटिस जारी हुआ है नोटिस को लेकर भी दर्शों के
05:24बीच काफी कह सकते संशन होता है कि नोट
05:27नोटिस क्या है काराण वताओं नोटिस क्या है और अब मालना नोटिस क्या है इन तिनों में थोड़ा सा अंतर
05:32अगर आप हमारे दर्शों को लिए समझा पाएं
05:35दिखें जब भी कोई प्रेटिशन फाइल होती है कोई मामला फाइल होता है कुछ भी चाहाए हम सूट फाइल करें
05:39सुट फाइल करें вінको चाहरेंस करता अब जब भी आइड़र में लिखा हुता है इस नोटिस
06:00इस नोटिस की मतलब जो भी
06:19उसमें आपका क्या कहना है उनका वर्जन
06:22देखें आदारल्त की कारवाहिया जो होती है
06:24जो हमारा लेगल इस्कृडन से
06:26वो यह कहता है कि जब तक दोनों पक्षों को ना सुना जाए तब तक हम कोई भी फैसला नहीं
06:31देते हैं तो यह तरीके सा आप कह सकते हैं कि दूसरे पक्ष को सुनने के लिए एक नोटिस जारी
06:36किया जाता है कि आप जो है अपना आपका क्या पक्ष है आप अपना पक्ष रख
06:59यही शब्द होंगे बहुत बड़ा 40-50 प्रेश का लेकिन उसका क्रक्स यही मैं एक लाइन में आपको बता दिया
07:06यही होता है दूसरा अगर आउमानना के नोटिस के हम बात करें तो देखें कंटेम्ट आफ कोट में या तो
07:14कोट खुद कंटेम्ट आफ कोट इसू करती है अग
07:21कोट के सम्मान के खिलाब या कोट के किसी भी कारे में बाधा डालने के लिए कोई ऐसी कालवाई करता
07:27है या फिर अब एक नया प्रोसेस बना दिया गया है कि कोई व्यक्ति या टॉर्नी जर्नल को चट्थी लिखता
07:32है और उनसे परमिशन मांगता है कि इन पर कंटेम्ट आ�
07:38देते हैं उसके बाद वो जारी ब�िए और उसके बाद जिस ब्यक्ति के खिलाब अमाना का नोटिस जारी होता है
07:44तो जब भी नोटिस जारी होता है तो भी दूसरे पक्ष को उसमें भी नोटिस यही जारी किया जाता है
07:53कि क्यो आपके खिलाब आ आपके कोशिश तकर Click comes from onنا कि
08:06इस वेशाय में दूसरा पक्ष अपना जो कहना चाहता है वो एफिडेविट के माध्यम से गधालत के समख्ष अपनी बाद
08:12है।
08:36अगर कोट को लगता है इस तरह का जैसा अपनी बाद है कि न्याय पालिगा पर दबाब बनाने की कोशिश
08:42की जा रही है तो कानूनन रूप से हम समझना चाहें तो अरित्तम क्या कारवाई हो सकती है।
09:06लगाता है कि पैसे पहुंच गए या फिर इसकी वज़े से कोई कारे नहीं कर रहा है या फिर कुछ
09:11ऐसा है।
09:12अगर आप ऐसी कोई टिपड़ी करते हैं तो आमाना की कारवाई बिलकुल आप पर बनती है।
09:16यह हलाकि उस जच के ऊपर निर्बर है कि वो आपको क्या आपको सिर्फ आपके सौरी बोलने से चीजें छोड़
09:23देता है।
09:24आपको याद होगा प्रिशान बुषर्ड के खिलाब एक कारवाई चली थी इसके रुपय का फाइन लगाया गया था प्रिशान बुषर्ड
09:30ने रुपया भी नहीं दिया था और कोड ने उसको माफ कर दिया था तो यह कोड के ऊपर टोटली
09:36डिपेंड होता है कि वो कोड क्
09:42कोई जुर्माना लगाती है आपको जेल भेशती है तो कभी कभार संकेतिक रूप से प्रिशान बुषर्ड के मामने में संकेतिक
09:47रूप से एक रूपय का फाइन लगया था कि आप एक रूपय का फाइन आप बरिये और सिर्फ एक संकेतिक
09:53रूप से यह कहने के लिए कि आप
10:13तो में आपको बता हूँ मुझे कि शोशल मीजिया के जमाने में आज व्यक्ति के हाथ में मुबाईल है वो
10:18घर पे बैठके है कहीं भी बैठके वो किसी को भी कुछ भी लिख सकता है
10:21क्योंकि वो उसको है नहीं होता उसको यह बात क्योंकि अगर मैं आपके सामने आगर आपको गाली दे हुए या
10:28पर आपके लिए कोई अपशब्द कहूं तो मुझे डर लगेगा कि आपको हो सकता है पलिट के कोई कारवाई करें
10:32लेकिन अगर मोबाइल पर बैठके करूंगा �
10:35तो मेरा डर बहुत कम होता है सो सोशल मीडिया ने लोगों का डर थोड़ा सा निकाल दिया है अब
10:40आपको बताओ आप चाहिए कारवाई आप पर उतनी ही होगी उतने ही जो भी सेक्ष्ण लगेंगे वही लगेंगे सजा आपको
10:49भी लेकिन थोड़ा सा क्या की डिमार्स का ए
11:05झाल

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